हर मैच का एक हीरो... 'टीम' की तरह क्यों नहीं खेल पा रहा भारत?
भारत सुपर-8 के अहम मुकाबले में वेस्टइंडीज से न जीत पाता, अगर संजू सैमसन न होते. संजू अकेले ऐसे बल्लेबाज थे जो कैरेबियाई बॉलिंग अटैक के सामने टिके रहे और टीम को जिताकर ही वापस लौटे.
कॉन्सटेबल के बेटे की कहानी रुला देगी, कभी बैट तोड़ा तो कभी टूटे सपने, दिल्ली से खेला अंडर-13, फिर क्यों जाना पड़ा केरल
संजू सैमसन ने बहुत कम उम्र में प्रतिभा के संकेत दे दिए थे. दिल्ली की अंडर-13 टीम में जगह बनाई. जब पिता को बेटे में भविष्य दिखा, उन्होंने नौकरी से वीआरएस लिया और परिवार केरल लौट गया. वहीं से सफर ने नई दिशा पकड़ी. 2011 में केरल के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण. 17 साल की उम्र में आईपीएल. 2013 में राजस्थान रॉयल्स के साथ डेब्यू और उसी सीज़न ‘बेस्ट यंग प्लेयर ऑफ द सीज़न’ का खिताब.
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