ईरानी सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव का दावा, 'अमेरिका के साथ नहीं हुई कोई चर्चा, हम तैयार भी नहीं'
तेहरान, 2 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी का कहना है कि शांति स्थापित करने को लेकर उनकी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। स्थानीय मीडिया एजेंसी तस्नीम ने उनका ये बयान प्रकाशित किया है।
पश्चिमी मीडिया में तेहरान की वॉशिंगटन से बातचीत के अनुरोध का दावा करने वाली रिपोर्ट को लेकर, लारीजानी ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा।
सोमवार सुबह, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया था कि लारीजानी ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का प्लान ओमानी पक्ष को भेज दिया है।
उन्होंने एक्स पर भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के भ्रम ने मिडिल ईस्ट को अफरा-तफरी में डाल दिया है।
बता दें कि गुरुवार को हुई बातचीत का नया दौर दोनों पक्षों द्वारा काफी पॉजिटिव बताते हुए खत्म हुआ था। लेकिन शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त कार्रवाई की और तेहरान समेत देश के कई शहरों पर एयरस्ट्राइक की। दोनों देशों ने इसे ईरान की जनता और इंसानियत के पक्ष में किया गया हमला करार दिया था।
ओमान की मध्यस्थता में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच इनडायरेक्ट न्यूक्लियर बातचीत जिनेवा में चल रही थी।
अटलांटिक मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान की नई लीडरशिप उनसे बात करना चाहती है और वह मान गए हैं। फ्लोरिडा में अपने घर से दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, वे बात करना चाहते हैं, और मैं बात करने के लिए मान गया हूं, इसलिए मैं उनसे बात करूंगा। उन्हें यह पहले कर लेना चाहिए था। उन्हें वह देना चाहिए था जो बहुत प्रैक्टिकल और आसान था। उन्होंने बहुत देर कर दी।
तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार यूएस-इजरायली हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई, कई सैन्य कमांडर और सैकड़ों आम लोग मारे गए। इसके बाद ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 शुरू किया है, जिसके तहत खाड़ी इलाके में मौजूद इजरायली ठिकानों और यूएस बेस पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
केआर/
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पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रति व्यक्ति आय में अविश्वसनीय तेजी : पीएम कार्नी
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने सोमवार को द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों के बीच एमओयू एक्सचेंज हुआ, जिसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त बयान दिया। पीएम कार्नी ने अपने बयान में कहा कि पिछले साल कनाडा और भारत की सरकारों के बीच इतना जुड़ाव हुआ है, जितना दो दशकों से ज्यादा समय में नहीं हुआ।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, “पिछले साल कनाडा और भारत की सरकारों के बीच इतना जुड़ाव हुआ है जितना दो दशकों से ज्यादा समय में नहीं हुआ। यह सिर्फ एक संबंध का नया होना नहीं है। यह नए इरादे, फोकस और दूर की सोच के साथ एक कीमती साझेदारी को बढ़ाना है। दो आत्मविश्वासी देशों के बीच एक साझेदारी जो भविष्य के लिए अपना रास्ता खुद बना रही है।”
पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले दस सालों में प्रधानमंत्री मोदी, आपके नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है। इस देश में पर कैपिटा इनकम इतनी तेजी से बढ़ी है जितनी इतिहास में कभी नहीं देखी गई। कनाडा आपके लक्ष्य और आपके मकसद को समझता है। मेरा मानना है कि इस नए दौर में कामयाबी का तरीका 2023 में आपकी जी20 अध्यक्षता की थीम से अच्छी तरह पता चलता है, जिसमें मुझे शामिल होने का मौका मिला था। वह थीम, बेशक, ‘एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य’ है, क्योंकि हमारे जमाने की मुश्किलों को अकेले एक देश हल नहीं कर सकता।”
मार्क कार्नी ने भारत और कनाडा के बीच साझेदारी को लेकर कहा, “आज हम एक रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी शुरू कर रहे हैं जिसमें दोनों देशों के एनर्जी ट्रेड को बढ़ाने की काफी संभावना है। हम क्लीन एनर्जी में अपने सहयोग को और गहरा कर रहे हैं, विंड, सोलर और हाइड्रोजन में सहयोग बढ़ा रहे हैं क्योंकि कनाडा के भी बड़े प्लान हैं। हम 2050 तक अपने ग्रिड को दोगुना करने का प्लान बना रहे हैं और भारत इस विस्तार में एक बड़ा साझेदार हो सकता है। एक ही ग्रह पर ये सभी समझौते एक नए खुशहाल संबंध की शुरुआत हैं जो दोनों देशों में काम करने वालों और बिजनेस के लिए आने वाली पीढ़ियों के मौके देंगे और जो आने वाली पीढ़ियों के लिए ग्रह की रक्षा करेंगे।”
कनाडा के पीएम ने भारत के यूपीआई पेमेंट सिस्टम की जमकर सराहना की। इसके लाभ को लेकर उन्होंने कहा, “इस देश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक बात जो मुझे हमेशा सबसे ज्यादा प्रभावित करती है, वह यह है कि भारत एक बड़ी ताकत बन गया है, लेकिन फोकस सभी घरों पर रहा है। एक और उदाहरण है, और मैं पूर्व गवर्नर के कंट्रोल में बोल रहा हूं, डिजिटल पेमेंट में क्रांति से इनकम सपोर्ट मिलता है और फसल बीमा पेमेंट सीधे लोगों को मिलते हैं। इसके फायदे बहुत ज्यादा हैं। हमारे समझौते का एक हिस्सा आगे सहयोग करने की क्षमता तलाशना है ताकि कनाडा को इस इनोवेशन से फायदा हो।”
स्वामी विवेकानंद की एक कहावत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, मुझे स्वामी विवेकानंद की याद आई, जो सबसे महान फिलॉसफर में से एक थे। अपनी यात्राओं और किताबों में, उन्होंने इस कहावत को सच किया, ‘उठो, जागो, और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए। इस साझेदारी के साथ, हम आगे बढ़ेंगे, हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक विकसित भारत 2047 और कनाडा स्ट्रॉन्ग के लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते।
बता दें, सस्केचेवान के प्रीमियर स्कॉट मो, सीएएमईसीओ के अध्यक्ष टिम गिट्जेल और कनाडा में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक ने पीएम नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की मौजूदगी में यूरेनियम ओर कंसन्ट्रेट की सप्लाई पर डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी सीएएमईसीओ समझौते के डॉक्यूमेंट्स एक्सचेंज किए।
--आईएएनएस
केके/एएस
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