पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रति व्यक्ति आय में अविश्वसनीय तेजी : पीएम कार्नी
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने सोमवार को द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों के बीच एमओयू एक्सचेंज हुआ, जिसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त बयान दिया। पीएम कार्नी ने अपने बयान में कहा कि पिछले साल कनाडा और भारत की सरकारों के बीच इतना जुड़ाव हुआ है, जितना दो दशकों से ज्यादा समय में नहीं हुआ।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, “पिछले साल कनाडा और भारत की सरकारों के बीच इतना जुड़ाव हुआ है जितना दो दशकों से ज्यादा समय में नहीं हुआ। यह सिर्फ एक संबंध का नया होना नहीं है। यह नए इरादे, फोकस और दूर की सोच के साथ एक कीमती साझेदारी को बढ़ाना है। दो आत्मविश्वासी देशों के बीच एक साझेदारी जो भविष्य के लिए अपना रास्ता खुद बना रही है।”
पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले दस सालों में प्रधानमंत्री मोदी, आपके नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है। इस देश में पर कैपिटा इनकम इतनी तेजी से बढ़ी है जितनी इतिहास में कभी नहीं देखी गई। कनाडा आपके लक्ष्य और आपके मकसद को समझता है। मेरा मानना है कि इस नए दौर में कामयाबी का तरीका 2023 में आपकी जी20 अध्यक्षता की थीम से अच्छी तरह पता चलता है, जिसमें मुझे शामिल होने का मौका मिला था। वह थीम, बेशक, ‘एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य’ है, क्योंकि हमारे जमाने की मुश्किलों को अकेले एक देश हल नहीं कर सकता।”
मार्क कार्नी ने भारत और कनाडा के बीच साझेदारी को लेकर कहा, “आज हम एक रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी शुरू कर रहे हैं जिसमें दोनों देशों के एनर्जी ट्रेड को बढ़ाने की काफी संभावना है। हम क्लीन एनर्जी में अपने सहयोग को और गहरा कर रहे हैं, विंड, सोलर और हाइड्रोजन में सहयोग बढ़ा रहे हैं क्योंकि कनाडा के भी बड़े प्लान हैं। हम 2050 तक अपने ग्रिड को दोगुना करने का प्लान बना रहे हैं और भारत इस विस्तार में एक बड़ा साझेदार हो सकता है। एक ही ग्रह पर ये सभी समझौते एक नए खुशहाल संबंध की शुरुआत हैं जो दोनों देशों में काम करने वालों और बिजनेस के लिए आने वाली पीढ़ियों के मौके देंगे और जो आने वाली पीढ़ियों के लिए ग्रह की रक्षा करेंगे।”
कनाडा के पीएम ने भारत के यूपीआई पेमेंट सिस्टम की जमकर सराहना की। इसके लाभ को लेकर उन्होंने कहा, “इस देश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक बात जो मुझे हमेशा सबसे ज्यादा प्रभावित करती है, वह यह है कि भारत एक बड़ी ताकत बन गया है, लेकिन फोकस सभी घरों पर रहा है। एक और उदाहरण है, और मैं पूर्व गवर्नर के कंट्रोल में बोल रहा हूं, डिजिटल पेमेंट में क्रांति से इनकम सपोर्ट मिलता है और फसल बीमा पेमेंट सीधे लोगों को मिलते हैं। इसके फायदे बहुत ज्यादा हैं। हमारे समझौते का एक हिस्सा आगे सहयोग करने की क्षमता तलाशना है ताकि कनाडा को इस इनोवेशन से फायदा हो।”
स्वामी विवेकानंद की एक कहावत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, मुझे स्वामी विवेकानंद की याद आई, जो सबसे महान फिलॉसफर में से एक थे। अपनी यात्राओं और किताबों में, उन्होंने इस कहावत को सच किया, ‘उठो, जागो, और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए। इस साझेदारी के साथ, हम आगे बढ़ेंगे, हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक विकसित भारत 2047 और कनाडा स्ट्रॉन्ग के लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते।
बता दें, सस्केचेवान के प्रीमियर स्कॉट मो, सीएएमईसीओ के अध्यक्ष टिम गिट्जेल और कनाडा में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक ने पीएम नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की मौजूदगी में यूरेनियम ओर कंसन्ट्रेट की सप्लाई पर डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी सीएएमईसीओ समझौते के डॉक्यूमेंट्स एक्सचेंज किए।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत-कनाडा ने साइन की 2.6 अरब डॉलर की यूरेनियम डील, एडवांस न्यूक्लियर रिएटर्स पर भी साथ मिलकर काम करेंगे दोनों देश
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। भारत और कनाडा ने सोमवार को 2.6 अरब डॉलर की यूरेनियम डील साइन की। इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी में मील का पत्थर माना जा रहा है।
दोनों देशों के बीच यह डील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनेडियाई समकक्ष मार्क कार्नी की मौजूदगी में राष्ट्रीय राजधानी में स्थित हैदराबाद हाउस में हुई।
यूरेनियम समझौता भारत को अपने नागरिक न्यूक्लियर एनर्जी कार्यक्रम के लिए ईंधन की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
दोनों नेताओं ने कहा कि यह समझौता स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करेगा।
उन्होंने छोटे मॉड्यूलर रिएटर्स और एडवांस न्यूक्लियर रिएटर्स जैसी नई टेक्नोलॉजी पर मिलकर काम करने पर भी सहमति जताई।
यूरेनियम समझौते के साथ-साथ, भारत और कनाडा ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत में तेजी लाने का फैसला किया।
कार्नी ने कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य 2026 के अंत तक इस व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाना है, जिससे दोनों देशों में अधिक निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने के लिए दुर्लभ खनिजों, रिन्यूएबल एनर्जी और कल्चलर एक्सचेंज क्षेत्र में कई समझौते हुए।
दोनों प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में विदेश मंत्री एस.जयशंकर और कनेडियाई विदेशी मंत्री अनीता आनंद के बीच दस्तावेजों का आदान प्रदान किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-कनाडा संबंधों में नई ऊर्जा लाने के लिए कार्नी की प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दोनों देश मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं, विविधता का सम्मान करते हैं और मानवता की भलाई के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “चर्चा का मुख्य उद्देश्य इन साझा मूल्यों को एक गहन और उन्नत साझेदारी में बदलना था।”
दोनों नेताओं ने नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में कनाडा के शामिल होने के निर्णय का स्वागत किया।
प्रौद्योगिकी और नवाचार के विषय पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा स्वाभाविक साझेदार हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का जिक्र किया।
--आईएएनएस
एबीएस/
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