वित्त वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों में इंडिया पोस्ट की आय 8.8 प्रतिशत बढ़ी; 10,211 करोड़ पहुंचा डाक विभाग का राजस्व
नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) ने सोमवार को अपनी आय बढ़ाने, कामकाज को अधिक कुशल बनाने और जमीनी स्तर पर नेटवर्क मजबूत करने के लिए एक व्यापक रोडमैप पेश किया। विभाग ने बताया कि वित्त वर्ष 2025–26 की पहली तीन तिमाहियों में उसकी कुल आय में 8.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अधिक है।
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में पहली तीन तिमाहियों में डाक विभाग का कुल राजस्व 9,385 करोड़ रुपए था, जो वित्त वर्ष 2026 की समान अवधि में बढ़कर 10,211 करोड़ रुपए हो गया।
पार्सल सेगमेंट में 12.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी उत्पादों के पुनर्गठन, बेहतर लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स हब वाले शहरों में विशेष रणनीति के कारण संभव हुई।
इंडिया पोस्ट ने अपनी 24 स्पीड पोस्ट पार्सल सेवा के तहत टियर-1 शहरों और मेट्रो शहरों के बीच अगले दिन डिलीवरी की पायलट परियोजना शुरू की है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित 6 बड़े शहरों में 95 प्रतिशत से अधिक डिलीवरी प्रयास सफलता के साथ किए गए।
कोर सिटिजन सर्विसेज (सीसीएस) सेगमेंट में आय लगभग दोगुनी हो गई और इसमें 95.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आधार नामांकन और अपडेट केंद्र, पासपोर्ट सेवाएं, केवाईसी सत्यापन और टेलीकॉम साझेदारी इसके प्रमुख कारण रहे।
पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (पीएलआई) ने भी 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ मजबूत प्रदर्शन जारी रखा। यह वृद्धि वित्त वर्ष 2024 के 6 प्रतिशत के औसत उद्योग विकास दर से कहीं अधिक है। पीएलआई और ग्रामीण पीएलआई के तहत 1.24 करोड़ सक्रिय पॉलिसियां हैं और प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति 2.27 लाख करोड़ रुपए है।
डाक निर्यात केंद्र (डीएनके) पहल के तहत देश भर में 1,000 से अधिक निर्यात सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे एमएसएमई और स्थानीय विक्रेताओं को मदद मिल रही है। 31 जनवरी 2026 तक इन केंद्रों ने 13 लाख पार्सल संभाले और 135 देशों में 303 करोड़ रुपए के निर्यात का मूल्य हासिल किया।
विभाग ने अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे प्रमुख देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सहयोग की पायलट परियोजनाएं भी शुरू की हैं और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी की है ताकि मिड और लास्ट माइल डिलीवरी मजबूत हो सके।
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (पीओएसबी) में डिजिटल सेवाओं का विस्तार जारी है। आधार आधारित ई-केवाईसी, यूपीआई एकीकरण और वीडियो आधारित ग्राहक पहचान प्रक्रिया लागू की गई है। नवंबर 2025 तक कोर बैंकिंग सॉल्यूशन के तहत 37.36 करोड़ खाते और प्रमाणपत्र जुड़े हैं, जिनमें कुल जमा 21.77 लाख करोड़ रुपए है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के खाते 12.91 करोड़ से अधिक हो चुके हैं, जबकि 3.80 करोड़ सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए हैं। विभाग का लक्ष्य 2028-29 तक बीमा सेवाओं में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत करना है और कागज रहित व्यवस्था की ओर बढ़ना है।
डाकघरों का पुनर्गठन जनसंख्या मानकों के आधार पर किया जा रहा है। स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड पोस्ट प्रोसेसिंग हब का विलय तथा मेल श्रेणियों का एकीकरण जैसे कदम दक्षता बढ़ाने के लिए उठाए गए हैं।
मार्च 2026 तक एन-जेन पहल के तहत 100 डाकघरों को आधुनिक रूप दिया जाएगा। साथ ही 46 शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी कर तकनीक से लैस आधुनिक कैंपस डाक सेवाएं विकसित की जा रही हैं।
डाक विभाग का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य वित्तीय मजबूती, बेहतर ग्राहक अनुभव और तेजी से बदलते बाजार में इंडिया पोस्ट को प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स व वित्तीय सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित करना है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
स्वर्ग से आए इस पौधे में सुगंध के साथ हैं अनगिनत गुण, नींद से लेकर पाचन शक्ति बढ़ाने में करेगा मदद
नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। माना जाता है कि स्वर्ग से तीन फूलों को धरती पर भेजा गया था, जिसमें अपराजिता, पारिजात और मधुकामिनी शामिल हैं।
तीनों ही फूल बेहतरीन खुशबू के लिए जाने जाते हैं, और खुशबू के साथ-साथ इन फूलों में अनगिनत औषधीय गुण भी हैं, जो सांस से लेकर त्वचा संबंधी परेशानियों में राहत देते हैं। आज हम बात करेंगे मधुकामिनी की, जो गर्मियों में ढेर सारे फूल देता है और जिसका रखरखाव भी आसान है।
मधुकामिनी अपने नाम की तरह ही खूबसूरत और सुगंध देने वाला पौधा है। इनडोर होने की वजह से इसे आसानी से घर के अंदर लगाया जा सकता है, लेकिन बहुत कम लोग ही इसके औषधीय गुणों के बारे में जानते हैं। मधुकामिनी के सिर्फ फूल ही नहीं बल्कि पत्ते और जड़ों का इस्तेमाल आयुर्वेद में होता आया है। इसके फूलों की मनमोहक सुगंध मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है और हार्मोन को संतुलित करती है।
मधुकामिनी की जड़ का पाउडर आसानी से बाजार में मिल जाता है। इसकी जड़ों से बना पाउडर शरीर के लिए टॉनिक की तरह काम करता है। अगर पेट या पाचन से जुड़ी परेशानी है तो इसकी जड़ी से पाउडर का प्रयोग किया जा सकता है। माना जाता है कि जड़ का पाउडर मंद पाचन अग्नि को तेज कर देता है।
अगर गले में दर्द या खिचखिच की परेशानी है या फिर मौसम बदलने के साथ ही सांस लेने में परेशानी होती है, तब मधुकामिनी के फूलों को उबालकर काढ़ा बनाकर पीने की सलाह दी जाती है। इससे गला साफ होता है और अंदरुनी सूजन भी कम होती है। काढ़े में इसके पत्तों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर दांतों में दर्द या सूजन की समस्या होने पर इसके पत्ते चबाने से आराम मिलेगा। इसके पत्तों में सूजन रोधी गुण होते हैं, जो दर्द में राहत देने में मदद करते हैं।
मधुकामिनी का परफ्यूम ऑयल का प्रयोग थेरेपी के लिए किया जाता है। जिन लोगों को तनाव या मानसिक थकान की वजह से नींद आने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, उनके लिए मधुकामिनी का परफ्यूम ऑयल एक बेहतरीन ऑप्शन है।
--आईएएनएस
पीएस/डीकेपी
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