स्वर्ग से आए इस पौधे में सुगंध के साथ हैं अनगिनत गुण, नींद से लेकर पाचन शक्ति बढ़ाने में करेगा मदद
नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। माना जाता है कि स्वर्ग से तीन फूलों को धरती पर भेजा गया था, जिसमें अपराजिता, पारिजात और मधुकामिनी शामिल हैं।
तीनों ही फूल बेहतरीन खुशबू के लिए जाने जाते हैं, और खुशबू के साथ-साथ इन फूलों में अनगिनत औषधीय गुण भी हैं, जो सांस से लेकर त्वचा संबंधी परेशानियों में राहत देते हैं। आज हम बात करेंगे मधुकामिनी की, जो गर्मियों में ढेर सारे फूल देता है और जिसका रखरखाव भी आसान है।
मधुकामिनी अपने नाम की तरह ही खूबसूरत और सुगंध देने वाला पौधा है। इनडोर होने की वजह से इसे आसानी से घर के अंदर लगाया जा सकता है, लेकिन बहुत कम लोग ही इसके औषधीय गुणों के बारे में जानते हैं। मधुकामिनी के सिर्फ फूल ही नहीं बल्कि पत्ते और जड़ों का इस्तेमाल आयुर्वेद में होता आया है। इसके फूलों की मनमोहक सुगंध मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है और हार्मोन को संतुलित करती है।
मधुकामिनी की जड़ का पाउडर आसानी से बाजार में मिल जाता है। इसकी जड़ों से बना पाउडर शरीर के लिए टॉनिक की तरह काम करता है। अगर पेट या पाचन से जुड़ी परेशानी है तो इसकी जड़ी से पाउडर का प्रयोग किया जा सकता है। माना जाता है कि जड़ का पाउडर मंद पाचन अग्नि को तेज कर देता है।
अगर गले में दर्द या खिचखिच की परेशानी है या फिर मौसम बदलने के साथ ही सांस लेने में परेशानी होती है, तब मधुकामिनी के फूलों को उबालकर काढ़ा बनाकर पीने की सलाह दी जाती है। इससे गला साफ होता है और अंदरुनी सूजन भी कम होती है। काढ़े में इसके पत्तों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर दांतों में दर्द या सूजन की समस्या होने पर इसके पत्ते चबाने से आराम मिलेगा। इसके पत्तों में सूजन रोधी गुण होते हैं, जो दर्द में राहत देने में मदद करते हैं।
मधुकामिनी का परफ्यूम ऑयल का प्रयोग थेरेपी के लिए किया जाता है। जिन लोगों को तनाव या मानसिक थकान की वजह से नींद आने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, उनके लिए मधुकामिनी का परफ्यूम ऑयल एक बेहतरीन ऑप्शन है।
--आईएएनएस
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EPFO Update: सरकार की बड़ी तैयारी, इन खातों में जमा PF की राशि जल्द होगी वापस, जानें किन लोगों को होगा फायदा
EPFO Update: EPFO से जुड़े लाखों खाताधारकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने निष्क्रिय पड़े पीएफ खातों में जमा छोटी रकम को स्वतः वापस करने का निर्णय लिया है. यह कदम उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद होगा, जिनके खाते वर्षों से बंद पड़े हैं और जिनमें मामूली राशि अटकी हुई है.
1000 तक की राशि होगी खुद हो जाएगी खातों में ट्रांसफर
नई व्यवस्था के तहत जिन निष्क्रिय खातों में 1000 रुपये या उससे कम रकम जमा है, उसे बिना किसी आवेदन या कागजी प्रक्रिया के सीधे संबंधित बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. खाताधारकों को न तो EPFO कार्यालय के चक्कर लगाने होंगे और न ही कोई फॉर्म भरना पड़ेगा.
सरकार का मकसद उन छोटी राशियों को वापस करना है, जो लंबे समय से सिस्टम में फंसी हुई थीं. इससे न केवल खाताधारकों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि निष्क्रिय खातों की संख्या कम करने में भी मदद मिलेगी.
31 लाख खातों की पहचान
सूत्रों के मुताबिक, करीब 31 लाख निष्क्रिय खातों की पहचान की जा चुकी है. इनमें से लगभग 6 लाख खाते ऐसे हैं, जिनमें 1000 रुपये या उससे कम राशि जमा है. इन खातों की रकम आधार से लिंक बैंक खातों में तुरंत भेजी जाएगी.
जिन खातों में इससे अधिक राशि है, उनके लिए चरणबद्ध तरीके से भुगतान की योजना बनाई गई है. इससे सिस्टम पर एक साथ ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा और प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सकेगी.
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरुआत
यह पहल फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जा रही है. यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो बाकी बचे लगभग 25 लाख निष्क्रिय खातों पर भी इसी तरह की प्रक्रिया लागू की जा सकती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण है. इससे कर्मचारियों का भरोसा बढ़ेगा और वे अपने पीएफ खातों को सक्रिय रखने के प्रति जागरूक होंगे.
खाताधारकों को क्या करना चाहिए?
हालांकि इस प्रक्रिया के लिए अलग से आवेदन की जरूरत नहीं है, लेकिन खाताधारकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका बैंक खाता आधार से जुड़ा हो और केवाईसी विवरण अपडेट हो. इससे भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी.
सरकार का यह फैसला लाखों लोगों को सीधे आर्थिक राहत देने वाला साबित हो सकता है और निष्क्रिय धन को फिर से उपयोग में लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
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