40 हजार की लगात 2,50000 की कमाई, एक आइडिया औक किसान की बन गई जिंदगी, बड़ा तालाब बना गांव की समृद्धि का आधार
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिला के कुचाई प्रखंड अंतर्गत जिलिंगदा गांव का 'बड़ा तालाब' केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि गांव की धड़कन है. करीब 200 घरों की जिंदगी इससे जुड़ी है. मालिक महेश मिंज के अनुसार, यह आस्था और आजीविका का आधार है. हर पूजा-अनुष्ठान में यहीं का पवित्र जल लिया जाता है. वह इसमें रुई, कतला और छोटा झींगा मछली पालन करते हैं.
रंग और गुलाल तो बाद में.. होली से पहले 20 रुपए की 'कान्हा पिचकारी' ने जीता कानपुर का दिल, यहां जानिए मार्केट में इस बार क्या कुछ है खास
होली पर परंपरा है कि सबसे पहले लोग अपने आराध्य को अबीर-गुलाल अर्पित करते हैं. अब इसी परंपरा में एक नया रंग जुड़ गया है. कई परिवार अब भगवान के साथ प्रतीकात्मक होली खेलने के लिए खास पिचकारी खरीद रहे हैं. मंदिरों और घरों में स्थापित ठाकुर जी के लिए यह छोटी पिचकारी खास तौर पर ली जा रही है. रंग बाजार के व्यापारी राजेश गुप्ता बताते हैं, “इस बार ग्राहकों की सोच में बदलाव दिख रहा है. लोग बच्चों के साथ-साथ भगवान के लिए भी अलग से पिचकारी ले रहे हैं. ₹20 वाली कान्हा पिचकारी की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है. रोज सैकड़ों पीस बिक रहे हैं.”
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18















.jpg)




