यूपी में जाति प्रमाणपत्र बनाना होगा आसान, योगी सरकार के मंत्री ने बताया क्या है तैयारी
योगी सरकार यूपी में जाति प्रमाण पत्र बनवाने में होने वाली देरी और बाधाओं को दूर करने जा रही है. इस दौरान जाति प्रमाण पत्र बनवाना अब आसान होगा. राजस्व परिषद इसके लिए साफ्टवेयर तैयार रहा है. योगी सरकार में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने गुरुवार को विधानसभा में सपा सदस्यों की ओर से गॉड और खरबार जाति के लोगों की अनुसूचित जाती का प्रमाण पत्र बनवाए जाने के मामले उठाए जाने के बाद यह जानकारी दी.
प्रमाण पत्र बनाने का प्रबंध किया गया
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 17 जिलों में इन जाति प्रमाण पत्र बनाने का प्रबंध किया गया है. सदन को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 13 जिलों आजगढ़, गोरखपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर और सोनभद्र में वर्ष 2002 में इन जातियों का एसटी प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था की गई थी.
वहीं 2003 में चार जिलों सतकबीरनगर, कुशीनगर, चंदौली ओर भदोही में यह सुविधा मिली थी. उन्होंने बताया कि इन जिलों में जाति प्रमाण पत्र बनाने काम जारी है. सपा के वीरेंद्र यादव और जय प्रकाश अंचल ने विधानसभा में यह मामला उठाया. उन्होंने इन दोनों जातियों का एसटी जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है. अंचल ने कहा कि डीएम कार्यालय से लेकर तहसील मुख्यालय तक लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
मानव संपदा पोर्टल पर स्वीकृत किए जाएंगे
वहीं सचिवालय प्रशासन ने प्रमुख सचिव मनीष चौहान ने आदेश दिए हैं. सचिवालय के सभी कर्मचारी और अधिकारियों के अवकाश अब मानव संपदा पोर्टल पर स्वीकृत किए जाएंगे. सचिवालय प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश सभी अपर मुख्य सचिव, सचिव और विशेष सचिव को भेजा गया है.
एआई और भविष्य की तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर पीएम मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने की चर्चा (लीड-1)
नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने गुरुवार को भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने भविष्य की तकनीकों, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सुपरकंप्यूटिंग और डेटा सेंटर में निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।
दोनों नेताओं की मुलाकात नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुई। यह क्राउन प्रिंस की भारत की दूसरी आधिकारिक यात्रा है। इससे पहले वे सितंबर 2024 में भारत आए थे।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि क्राउन प्रिंस के साथ उनकी चर्चा फलदायी रही और दोनों देशों ने एआई, सुपरकंप्यूटर, भारत में डेटा सेंटर में निवेश समेत भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, शिक्षा तथा सांस्कृतिक सहयोग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में हुई उल्लेखनीय प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 18 फरवरी 2026 को व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर के चार वर्ष पूरे हो गए हैं, जिसके दौरान द्विपक्षीय व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय निवेश प्रवाह की सराहना की और यूएई के सॉवरेन वेल्थ फंड्स को भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। इस संदर्भ में ‘लइमाद’ जैसे नए सॉवरेन फंड की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान, भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और संयुक्त अरब अमीरात के स्वास्थ्य एवं रोकथाम मंत्रालय के बीच स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप देने का भी स्वागत किया गया। यह समझौता पेशेवर आदान-प्रदान, संस्थागत सहयोग, अनुसंधान, डिजिटल हेल्थ, फार्मास्यूटिकल्स और आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों के विकास को बढ़ावा देगा।
साथ ही, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक), जी42 और मोहम्मद बिन जायद यूनिवर्सिटी ऑफ एआई के बीच भारत में सुपरकंप्यूटर क्लस्टर की तैनाती के लिए टर्म शीट को अंतिम रूप दिए जाने का भी स्वागत किया गया। यह सुपरकंप्यूटर क्लस्टर ‘एआई इंडिया मिशन’ का हिस्सा होगा और सार्वजनिक व निजी दोनों क्षेत्रों के लिए अनुसंधान, अनुप्रयोग विकास और व्यावसायिक उपयोग हेतु उपलब्ध रहेगा।
दोनों नेताओं ने गुजरात के गिफ्ट सिटी में अबू धाबी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय की स्थापना का भी स्वागत किया।
क्राउन प्रिंस ने एआई इम्पैक्ट समिट की सफलता पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने अगले एआई समिट की मेजबानी के लिए स्विट्जरलैंड और उसके बाद यूएई की पहल का स्वागत किया।
पीएमओ ने कहा कि इस यात्रा ने भारत और यूएई के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद की परंपरा को दोहराया है और एआई व उन्नत तकनीकों को द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करते हुए तकनीकी साझेदारी को और मजबूत किया है।
--आईएएनएस
डीएससी
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