बुरहानपुर में अवैध हथियार तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, दो देसी पिस्टल के साथ दो आरोपियों को दबोचा
दशहरे पर बुरहानपुर पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने खकनार क्षेत्र से दो तस्करों को दबोचा है जिसमें से एक नाबालिग है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो देसी पिस्टल और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। जब्त किये गये सामान की कुल कीमत करीब 68 हजार रुपये आंकी गई है। वहीं, पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ शुरू की है।
पुलिस के अनुसार, खकनार थाने की पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लालबाग थाने का फरार आरोपी जमरे खकनार खुर्द में अवैध हथियार के साथ मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम एक्टिव हो गई। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिये घेराबंदी और मौके से दीपक पिता प्रेमसिंग जमरे (18) को दबोच लिया।
पुलिस ने आरोपी के पास से 30 हजार रुपए कीमत की देसी पिस्टल और 8 हजार रुपए का वीवो मोबाइल जब्त किया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस ने एक नाबालिग को भी पकड़ा, देसी पिस्टल बरामद
गिरफ्तार किये गये आरोपी से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके पास जो हथियार था वह उसने पाचौरी के एक लड़के से लिया था। इसके बाद पुलिस ने पांगरी काटा से एक नाबालिग को पकड़ा। उसके पास से 30 हजार रुपये की देसी पिस्टल बरामद हुई। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल दो देसी पिस्टल और एक मोबाइल फोन जब्त किया है।
पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और हथियारों की तस्करी में शामिल आरोपियों को पकड़कर सलाखों के पीछे भेजा जायेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अवैध हथियार रखने और उनकी तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
'जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाले राष्ट्र की एकता को कमजोर करते हैं', राष्ट्र की एकता पर बोले CM योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में मुस्लिम से मुस्लिम, कम्युनिस्ट से कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन से क्रिश्चियन लड़ रहे हैं, जबकि भारत सनातन की छाया में हर जाति, संप्रदाय, मत और मजहब को सुरक्षा देने के साथ बिना भेदभाव समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ा रहा है. उन्होंने कहा कि भारत की यह परंपरा उसकी सांस्कृतिक चेतना और समन्वय की भावना को दर्शाती है. मुख्यमंत्री ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोग राष्ट्र की एकता को कमजोर करते हैं. उन्होंने समाज से दुष्प्रचार, नशे और विभाजनकारी प्रवृत्तियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया.
वचन-कर्म की एकरूपता का संदेश देता
आर्यनगर रामलीला मैदान में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन मर्यादा, संकल्प और वचन-कर्म की एकरूपता का संदेश देता है. रामलीलाएं इसी आदर्श को गांव-गांव तक पहुंचाने के साथ सामाजिक समरसता की मिसाल प्रस्तुत करती हैं. उन्होंने कहा कि विजयादशमी का संकल्प केवल रावण के दस सिर जलाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अन्याय, अत्याचार, अधर्म, भ्रष्टाचार, दुराचार, दुष्प्रचार, भ्रम और नशे के खिलाफ संघर्ष को भी मजबूत करना चाहिए. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दुनिया के विभिन्न समुदायों और विचारधाराओं के बीच संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में मुस्लिम से मुस्लिम, कम्युनिस्ट से कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन से क्रिश्चियन आपस में लड़ रहे हैं. इसके विपरीत, भारत सनातन की छाया में हर जाति, संप्रदाय, मत और मजहब को सुरक्षा दे रहा है और बिना भेदभाव समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ा रहा है.
निर्माण को संकल्प और एकता का परिणाम
उन्होंने भारत की सांस्कृतिक परंपरा को सामाजिक समन्वय और सह-अस्तित्व से जोड़ते हुए कहा कि देश की एकता और मजबूती ही उसकी विरासत तथा सम्मान की रक्षा का आधार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत कमजोर होता है, तब उसकी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत पर आघात होता है. राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ जैसे धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की मजबूती से ही अपनी परंपराओं और सम्मान को सुरक्षित रखने की क्षमता बढ़ती है. मुख्यमंत्री ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को संकल्प और एकता का परिणाम बताया.
प्रवृत्तियों के विरुद्ध लोगों को एकजुट रहना चाहिए
उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान सत्ता नहीं बल्कि संकल्प था. रामभक्तों ने कठिनाइयों के बावजूद मंदिर निर्माण का विश्वास बनाए रखा. उनके अनुसार, सनातन समाज की एकजुटता ने इस संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मुख्यमंत्री ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग समाज की एकता को खंडित करके राष्ट्र को कमजोर करना चाहते हैं, वे रावण की प्रवृत्ति से प्रेरित हैं. उन्होंने कहा कि रावण भी समाज की एकता को खंडित करता था. भारत को कमजोर करने की कोशिश करने वाली ऐसी प्रवृत्तियों के विरुद्ध लोगों को एकजुट रहना चाहिए.
सामाजिक एकता को प्राथमिकता देने की अपील
उन्होंने कहा कि रामलीलाएं समाज को जोड़ने और समरसता का संदेश देने का काम करती हैं. गांवों में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, दशरथ, कौशल्या, कैकेयी, हनुमान, सुग्रीव, अंगद, जामवंत, शबरी और निषादराज जैसे पात्र स्थानीय लोग निभाते हैं. इस प्रक्रिया में समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ आते हैं और सामूहिक रूप से परंपरा का निर्वहन करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीला में किसी पात्र की जाति नहीं पूछी जाती. उसके कार्य, संवाद और समाज के प्रति योगदान को महत्व दिया जाता है. यह परंपरा समानता, एकता और सामाजिक समरसता का आदर्श प्रस्तुत करती है. उन्होंने लोगों से जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर विभाजन के बजाय राष्ट्रहित और सामाजिक एकता को प्राथमिकता देने की अपील की.
मुख्यमंत्री ने अयोध्या और राम मंदिर को लेकर दुष्प्रचार किए जाने का आरोप लगाते हुए लोगों से सही और गलत के बीच अंतर पहचानने की अपील की. हनुमान जी और कालनेमि के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छल और कपट को पहचानना आवश्यक है. केवल राम-राम कहने से किसी की मंशा सही साबित नहीं होती, उसके आचरण और उद्देश्य को भी देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और दीपोत्सव जैसे आयोजन देश की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं. मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि समाज में भ्रम फैलाकर एकता को कमजोर करने वाले प्रयासों का मिलकर मुकाबला करें.
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