Israel Gaza Conflict: गाजा में रोज 600 राहत ट्रक पहुंचने का दावा, सहायता के दुरुपयोग पर IDF ने जताई चिंता
Israel Gaza Conflict: इजराइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने जानकारी दी है कि 10 अक्टूबर को गाजा में हुए संघर्षविराम के बाद से मानवीय सहायता लगातार गाजा पट्टी तक पहुंचाई जा रही है. आईडीएफ के अनुसार, United Nations, विभिन्न देशों, गैर-सरकारी संगठनों और निजी संस्थाओं के सहयोग से राहत सामग्री भेजी जा रही है.
प्रतिदिन 600 ट्रक गाजा पट्टी कर रहे प्रवेश
बताया गया है कि प्रतिदिन लगभग 600 ट्रक Rafah Crossing के रास्ते Gaza Strip में प्रवेश कर रहे हैं. इन ट्रकों में अनाज, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं. आईडीएफ का दावा है कि यह आपूर्ति गाजा की वास्तविक जरूरतों से लगभग चार गुना अधिक है.
युद्ध के दौरान 14 फील्ड अस्पताल स्थापित
आईडीएफ के मुताबिक अब तक करीब 500 ट्रकों के माध्यम से दवाइयां और अस्पतालों के लिए जरूरी मशीनरी भेजी जा चुकी है. गाजा के लगभग 22 किलोमीटर के क्षेत्र में 19 स्थायी अस्पताल कार्यरत हैं, जबकि युद्ध के दौरान 14 फील्ड अस्पताल भी स्थापित किए गए हैं. गंभीर रूप से बीमार या घायल लोगों को इलाज के लिए इजराइल के इलात स्थित Eilat International Airport से विदेश भेजा जा रहा है. इसके अतिरिक्त, मरीजों को सड़क मार्ग से Egypt और Jordan के बड़े अस्पतालों में भी रेफर किया जा रहा है.
कैसी है पेयजल की व्यवस्था
पीने के पानी की आपूर्ति को लेकर आईडीएफ ने कहा कि इजराइल और गाजा के बीच तीन पेयजल पाइपलाइन मौजूद हैं. इनमें से दो की मरम्मत पूरी हो चुकी है और तीसरी को भी जल्द बहाल कर दिया जाएगा. बेघर लोगों के लिए आरएचयू तकनीक के तहत टेंट सिटी बनाई जा रही है, जो अस्थायी रूप से तीन साल तक उपयोग में लाई जा सकेगी.
हो रही है तस्करी
हालांकि, आईडीएफ ने यह भी आशंका जताई है कि मानवीय सहायता का दुरुपयोग कर Hamas के आतंकी हथियार या रॉकेट बनाने की कोशिश कर सकते हैं. News Nation के संवाददाता Rahul Dabas के सवाल पर आईडीएफ प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राहत सामग्री के साथ बड़ी मात्रा में स्मार्टफोन, सिगरेट, तंबाकू और यहां तक कि ड्रग्स की तस्करी भी की जा रही है.
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25 फरवरी से पाकिस्तान दौरे पर जाएगी आईएमएफ टीम, आर्थिक सुधार कार्यक्रम की समीक्षा करेगी
इस्लामाबाद, 19 फरवरी (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की एक स्टाफ टीम 25 फरवरी से इस्लामाबाद का दौरा करेगी। यह टीम पाकिस्तान के आर्थिक सुधार कार्यक्रम की समीक्षा करेगी, जो विस्तारित कोष सुविधा (ईएफएफ) के तहत चल रहा है।
आईएमएफ की संचार निदेशक जूली कोज़ैक ने यहां एक प्रेस वार्ता में बताया, “25 फरवरी से आईएमएफ की स्टाफ टीम पाकिस्तान का दौरा करेगी, जहां ईएफएफ के तहत तीसरी समीक्षा और रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (आरएसएफ) के तहत दूसरी समीक्षा पर चर्चा होगी।”
उन्होंने कहा कि ये समीक्षाएं नीति मानकों और सुधार प्रतिबद्धताओं से जुड़ी हुई हैं।
कोजैक ने कहा कि ईएफएफ के तहत पाकिस्तान द्वारा किए गए नीतिगत प्रयासों से अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और विश्वास बहाली में मदद मिली है। उन्होंने प्रमुख आर्थिक संकेतकों में सुधार का उल्लेख करते हुए कहा, “राजकोषीय प्रदर्शन मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2025 में पाकिस्तान का प्राथमिक राजकोषीय अधिशेष जीडीपी का 1.3 प्रतिशत रहा, जो कार्यक्रम लक्ष्यों के अनुरूप है।”
महंगाई और बाहरी खाते की स्थिति पर उन्होंने कहा, “मुख्य महंगाई दर अपेक्षाकृत नियंत्रित रही है और वित्त वर्ष 2025 में पाकिस्तान ने 14 वर्षों में पहली बार चालू खाते में अधिशेष दर्ज किया है।”
आईएमएफ ने सुशासन सुधारों का भी जिक्र किया। हाल ही में सरकार की गवर्नेंस और भ्रष्टाचार आकलन रिपोर्ट प्रकाशित की गई है, जिसमें कर नीति को सरल बनाने, सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में समान अवसर सुनिश्चित करने और संपत्ति घोषणाओं में पारदर्शिता बढ़ाने जैसे सुधार प्रस्ताव शामिल हैं।
आईएमएफ की टीम राजकोषीय समेकन, महंगाई नियंत्रण, बाहरी स्थिरता और संरचनात्मक सुधारों की प्रगति का आकलन करेगी।
गौरतलब है कि पाकिस्तान हाल के वर्षों में बार-बार भुगतान संतुलन के दबाव और ऊंची महंगाई से जूझता रहा है। ऐसे में व्यापक आर्थिक स्थिरता बहाल करने के लिए उसे आईएमएफ समर्थित कार्यक्रमों पर निर्भर रहना पड़ा है।
विस्तारित कोष सुविधा (ईएफएफ) दीर्घकालिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जो संरचनात्मक सुधारों से जुड़ी होती है। समय-समय पर होने वाली समीक्षाओं के आधार पर तय लक्ष्यों के अनुरूप प्रदर्शन होने पर अगली किश्त जारी की जाती है।
--आईएएनएस
डीएससी
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