Hair Extension से कैंसर का खतरा, जहरीले पदार्थ डाल सकते हैं प्रजनन शक्ति पर भी बुरा असर
Hair Extension Side Effects: बालों को अच्छी वॉल्यूम या हेयर स्टाइलिंग के लिए इन दिनों कई लड़कियां हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल कर रही हैं. कुछ लड़कियां इसे ऑकेजनली लगाती हैं, तो कुछ रेगुलर. हालांकि हालिया शोध में यह पाया गया है कि रेगुलर हेयर एक्सटेंशन यूज करना महिलाओं के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. इससे उन्हें कैंसर और प्रजनन-संबंधित समस्याएं हो सकती हैं. 11 फरवरी 2026 को अमेरिकन कैमिकल सोसाइटी (American Chemical Society) की जर्नल पर्यावरण और स्वास्थ्य में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, हेयर एक्सटेंशन में 900 से ज्यादा तरह के कैमिकल पाए जाते हैं. इनमें से कुछ कैमिकल ऐसे होते हैं, जो कैंसर और प्रजनन से जुड़ी समस्याओं से जुड़े होते हैं. आइए लाइफस्टाइल से जुड़े इस स्टडी के बारे में विस्तार से जानते हैं.
हेयर एक्सटेंशन में मौजूद जहरीले पदार्थ
रिसर्चर्स ने 43 अलग-अलग तरह के हेयर एक्सटेंशन को टेस्ट किया था. इनमें कुछ सिंथेटिक एक्सटेंशन थें, कुछ असली मानव बालों से बने एक्सटेंशन, आईलैश एक्सटेंशन और कुछ पौधों के फाइबर से बने प्रोडक्ट्स. वैज्ञानिकों ने इन सैंपल्स में 900 से ज्यादा कैमिकल्स पाए. इनमें से 169 कैमिकल्स जिनमें फ्थैलेट्स, कीटनाशक, ऑर्गेनोटिन कंपाउंड और फ्लेम रिटार्डेंट्स शामिल हैं. ये सभी हार्मोन सिस्टम, इम्यून सिस्टम और शरीर के वजन को नकारात्मक तरीके से प्रभावित करते हैं. इतना ही नहीं, इनमें से 12 कैमिकल्स, जो कैलिफॉर्निया प्रोपोजिशन 65 की लिस्ट में शामिल हैं, कैंसर और प्रजनन संबंधित बीमारियों के कारक माने जाते हैं.
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जहरीले कैमिकल्स यूजर्स को कैसे प्रभावित करते हैं?
हेयर एक्सटेंशन को मजबूत और स्टाइलिश बनाए रखने के लिए उसपर कलर, फ्लेम-रिटार्डेंट कोटिंग, वॉटर-रेजिस्टेंट और कंडीशनिंग जैसे कैमिकल का इस्तेमाल किया जाता है. इन सभी कैमिकल्स का कोई न कोई साइड इफेक्ट होता है. इसलिए कुछ लोगों को एक्सटेंशन लगाने के बाद स्किन इरिटेशन महसूस होती है. कुछ सूजन या खुजली की शिकायत करते हैं. वहीं, जब इन एक्सटेंशन को धोया जाता है या हीट स्टाइलिंग की जाती है, तो इनमें से हानिकारक गैस निकलती हैं. ये गैस आंख, नाक और गले में जलन पैदा कर सकती है. लंबे समय तक इन गैसों के संपर्क में रहने से लिवर और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है. हालांकि स्टडी में ये साफ नहीं किया गया है कि शरीर इन कैमिकल्स को कितनी मात्रा में सोखता है.
कौन-कौन हेयर एक्सटेंशन इस्तेमाल करता है?
भारत में आमतौर पर फैशन लवर्स हेयर एक्सटेंशन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. वहीं, विदेशों में ब्लैक महिलाएं इसका इस्तेमाल रेगुलर लाइफस्टाइल में करती हैं. इन्हें एथनिक हेयरस्टाइलिंग के लिए खूब पसंद किया जाता है. जबकि कुछ लोग बालों की सुरक्षा, लुक्स या बालों को टूटने से बचाने के लिए रोजाना हेयर एक्सटेंशन पहनते हैं. चिंता की बात यह है कि इतनी ज्यादा लोकप्रियता के बावजूद, इन प्रोडक्ट्स में मौजूद हानिकारक कैमिकल्स के बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है. बाजार में मिलने वाले कई प्रोडक्ट्स सभी कैमिकल्स की पूरी लिस्ट नहीं देते, जिससे खरीदार अनजाने में जोखिम उठाते हैं.
हेयर एक्सटेंशन खतरा क्यों है? (Hair Extension Health Risk)
दरअसल बात यह है कि हेयर एक्सटेंशन्स पर साफ-साफ इंग्रीडिएंट्स की लिस्ट नहीं दी जाती. इससे यूजर्स को पता नहीं चलता कि वो क्या इस्तेमाल कर रहे हैं. हेयर एक्सटेंशन में मौजूद टॉक्सिक इंग्रीडिएंट्स धीरे-धीरे यूजर्स के हेल्थ को प्रभावित कर रहे होते हैं और वो इन सबसे अनजान रहते हैं. हालांकि स्टडी में यह साफ नहीं किया गया है कि लंबे समय में इनका शरीर पर क्या असर होता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही लेबलिंग की कमी और जहरीले पदार्थों के खतरा के बारे में लोगों को सावधान करना उनका उद्देश्य है.
खतरा कम कैसे करें?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वर्तमान में कोई भी हेयर एक्सटेंशन पूरी तरह सेफ नहीं है. यहां तक कि जिन हेयर एक्सटेंशन पर "नेचुरल" या "ग्रीन" लिखा होता है, वो भी सेहत के लिए नुकसानदेह साबित होते हैं. फिर भी आप चाहें, तो कुछ सावधानियां बरतकर खुद को गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं. जैसे नया हेयर एक्सटेंशन लेते वक्त नॉन-टॉक्सिक या टॉक्सिन-फ्री लेबल वाला प्रोडक्ट चुनें. एक्सटेंशन लगाने से पहले बाल को अच्छी तरह से धो लें, ताकि जलन कम हो. हेयर एक्सटेंशन पर बहुत ज्यादा हाई-हीट स्टाइलिंग करने से बचें. ऐसे हेयर एक्सटेंशन लें, जिनमें इंग्रीडिएंट्स की साफ लिस्ट दी गई हो.
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Hair Extension Side Effects के FAQs
Q. क्या हेयर एक्सटेंशन रोजाना इस्तेमाल करना चाहिए?
A. नहीं, हेयर एक्सटेंशन रोजाना इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इससे बाल झड़ना शुरू हो सकता है. गंजेपन, हेयर थीनिंग, इरिटेशन या सिरदर्द जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं.
Q. हेयर एक्सटेंशन के साइड इफेक्ट्स क्या हैं?
A. रोजाना हेयर एक्सटेंशन इस्तेमाल करने से हेयर लॉस, हेयर ब्रेकेज, स्कैल्प इरिटेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इससे आपको गंजेपन का भी शिकार होना पड़ सकता है.
Q. हेयर एक्सटेंशन लेते वक्त किन बातों का ध्यान रखें?
A. नॉन-टॉक्सिक या टॉक्सिन-फ्री हेयर एक्सटेंशन लें. हेयर एक्सटेंशन लेते वक्त लेबलिंग में इंग्रीडिएंट्स की लिस्ट चेक करें.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ग्लोबल सहमति बनाना बहुत जरूरी है: वैसिलियोस मिखाइल
नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल होने के लिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोग भारत पहुंच रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ इस समिट में आकर एआई से संबंधित अपना अनुभव साझा कर रहे हैं। ग्लोबल साउथ में पहली बार इस समिट का आयोजन किया जा रहा है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को लेकर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की डिलीवरी यूनिट के हेड मोहम्मद डियाबी ने कहा, एआई एक ग्लोबल पहल है जिसमें अफ्रीकी देशों को शामिल होने की जरूरत है और मुझे लगता है कि यह सब इम्पैक्ट के बारे में भी है, तो हम अपने देश के कई सेक्टर, जैसे कृषि, स्वास्थ्य और दूसरे सेक्टर में चुनौतियों का सामना करने के लिए एआई का फायदा कैसे उठा सकते हैं? इसलिए हम यहां यह देखने आए हैं कि इस डोमेन के बड़े इनोवेशन क्या हैं और हम सभी स्टेकहोल्डर्स, इंस्टीट्यूशन्स और टेक्निकल पार्टनर्स के साथ पार्टनरशिप कैसे कर सकते हैं।
क्रोएशिया गणराज्य के दूतावास में पॉलिटिकल काउंसलर और डीसीएम ब्रानिमिर फार्कस ने कहा, इस समिट में प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कुछ बहुत जरूरी बातें कही हैं। यह इस बारे में है कि हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कैसे करते हैं, कि इसे हमारी सभ्यता के रास्ते में होना चाहिए।
इसके अलावा ग्रीस के डिजिटल गवर्नेंस मिनिस्ट्री के वैसिलियोस मिखाइल करकात्जूनिस ने समिट को लेकर कहा, यह इवेंट बहुत जरूरी है और यह बहुत अच्छा है कि भारत ने इसे आयोजित किया है। जैसा कि राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि यह एक बहुत जरूरी पहल है। उन्होंने ग्रीस का भी साफ तौर पर जिक्र किया। हमें यहां आकर बहुत गर्व और खुशी हो रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ग्लोबल सहमति बनाना बहुत जरूरी है। हमें किन नियमों की जरूरत है और हम इसे इंसानों के आसपास कैसे बनाना चाहते हैं? इंसानों को समर्थन देना चाहते हैं। जाहिर है उन्हें रिप्लेस नहीं करना चाहते और उस दिशा में एक्टिव कदम उठाना बहुत जरूरी है।
ग्रीस के प्रधानमंत्री के ऑफिस में डिजिटल पॉलिसी और एआई सलाहकार वासिलिस कौटसौम्पास ने कहा, हम ग्रीक डेलीगेशन को रिप्रेजेंट कर रहे हैं और मुझे लगता है कि हमने इनक्लूसिव एआई के लिए जबरदस्त समर्थन देखा है, जिसका मतलब है कि किसी को पीछे नहीं रहना चाहिए। इसका मतलब है कि टेक डिविडेंड, जो तकनीक से मिलने वाले सामाजिक और आर्थिक फायदे हैं, को हर जगह फैलाना होगा। मुझे लगता है कि यही वह पॉइंट है जिस पर प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दिया, जिस पर प्रेसिडेंट मैक्रों ने जोर दिया और वही पॉइंट जिस पर हमारे प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस जोर दे रहे हैं।
नई दिल्ली में इटली दूतावास में मिनिस्टर काउंसलर और डिप्टी हेड ऑफ मिशन, ऑरोरा रूसी ने कहा, इटली इस समिट के भारत के आयोजन का स्वागत करता है। हम भारत के साथ बहुत सारे मूल्य शेयर करते हैं, उनमें से एक यह भी है कि इंसान सेंटर में होना चाहिए, तो यह सबसे बड़ी एक्स्ट्रा वैल्यू है जो हम सभी को इस समिट से मिल सकती है।
इसके अलावा, ग्रीक डिप्लोमैट एलेक्जेंड्रोस बौडौरिस ने कहा, मुझे प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत बहुत दिलचस्प लगी। मैं तीन साल दिल्ली में रहा हूं। मुझे पीएम मोदी और प्रेसिडेंट मैक्रों से ये सारी अच्छी बातें सुनकर बहुत खुशी हुई। एआई के असर को लेकर ये सारी अच्छी बातें सिर्फ एक्शन के लिए ही नहीं, बल्कि इंसानियत पर इसके असर के लिए भी हैं। भारत में अपने तीन साल के समय से, मैं जानता हूँ कि भारत एक बहुत ही इंसानी सभ्यता है और मुझे लगता है कि समस्याओं को हल करने के लिए यह सबसे अच्छी जगह है।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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