अफगानिस्तान ट्राई सीरीज के फाइनल में पहुंचा:जिम्बाब्वे को 158 रन से हराया; अटल का शतक, राशिद को 4 विकेट
अफगानिस्तान ने UAE में चल रही ट्राई सीरीज के दूसरे मैच में जिम्बाब्वे को 158 रन से हराया। इसी के साथ टीम ने टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। जोकि शुक्रवार, 23 अक्टूबर को अबु धाबी के शेख जायेद स्टेडियम में खेला जाएगा। इसी मैदान पर सोमवार रात को अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 294 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 38.4 ओवर में 136 रन पर ऑलआउट हो गई। सेदिकुल्लाह अटल ने शतक लगाया। राशिद खान ने 4 विकेट झटके। अफगानिस्तान बेहतर नेट रन रेट के आधार पर फाइनल में पहुंची है। पॉइंट्स टेबल में तीनों टीमों के पास 2-2 अंक हैं। दूसरे फाइनलिस्ट का फैसला जिम्बाब्वे-बांग्लादेश मैच से होगा। अटल-इब्राहिम में शतकीय साझेदारी अफगानिस्तान के ओपनर रहमनुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादराान ने अच्छी शुरुआत की। दोनों ने बाउंड्री से शुरुआत की और सात ओवर में 50 रन जोड़ लिए। इसके बाद रहमानुल्लाह गुरबाज चॉप ऑन होकर आउट हो गए। इब्राहिम जादरान ने तेजी से रन बनाए, जबकि सेदिकुल्लाह अटल ने पारी को संभाला। दोनों ने शतकीय साझेदारी की। इस दौरान दोनों बल्लेबाजों ने अपने अर्धशतक भी पूरे किए। ब्रैड इवांस ने इब्राहिम को 90 रन पर आउट कर यह साझेदारी तोड़ी। रहमत शाह और अजमतुल्लाह उमरजई जल्दी-जल्दी आउट हो गए। यहां से अटल ने हशमतुल्लाह शाहिदी के साथ 42 रन की साझेदारी कर टीम को फिर संभाला। अटल ने 44वें ओवर में अपना तीसरा ODI शतक पूरा किया। अगले ही ओवर में अटल रनआउट हो गए। जिम्बाब्वे की खराब शुरुआत 295 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब रही। उसने 43 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। 13वें ओवर में एएम गजनफर ने बेनेट को LBW आउट किया। यहां से टीम ने 295 रन के लक्ष्य के बजाय 196 रन तक पहुंचने पर ध्यान दिया। ताकि नेट रन रेट के आधार पर फाइनल में जगह बना सके। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। 32वें ओवर में राशिद खान ने दो ओवर बाद राशिद खान ने रयान बर्ल को LBW किया। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने अगले तीन ओवर में विकेट लिए। इससे अफगानिस्तान की जीत लगभग तय हो गई। --------------------------------------------------------------------- क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… प्रज्ञान ओझा BCCI चीफ सिलेक्टर बने, अगरकर की जगह लेंगे:रमेश पोवार भी कमेटी में, जानिए सचिन-गावस्कर जैसे दिग्गज क्यों नहीं बनते सिलेक्टर भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया है। अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को खत्म हुआ था। वहीं, सिलेक्शन कमेटी में अगरकर की जगह पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को शामिल किया गया है। पढ़ें पूरी खबर
नेपाल 4 झीलों का जलस्तर घटाएगा:भारत में भी बाढ़ का खतरा कम होगा; अगस्त में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ जैसी तबाही रोकने की तैयारी
नेपाल अगस्त में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ जैसी तबाही रोकने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए चार ग्लेशियरों से बनने वाली झीलों का जलस्तर घटाया जाएगा। इससे नेपाल के साथ भारत में भी बाढ़ का खतरा कम होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट पर 474 करोड़ रुपए खर्च होंगे और इसे 2033 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन झीलों से बिहार में बाढ़ का खतरा बना रहता है नेपाल सरकार ने इस काम के लिए मनांग जिले की थुलागी, संखुवासभा की लोअर वरुण और होंगु-2 के साथ सोलुखुम्बु की लुम्दिंग झील को चुना है। ये झीलें समुद्र तल से 4050 से 5483 मीटर की ऊंचाई पर हैं। योजना के तहत होंगु-2 झील का जलस्तर एक मीटर घटाया जाएगा। वहीं, थुलागी, लोअर वरुण और लुम्दिंग झीलों का जलस्तर तीन-तीन मीटर कम किया जाएगा। इनमें से तीन झीलों का पानी कोशी नदी और गंडकी नदी में पहुंचता है। ये दोनों नदियां बिहार से होकर गुजरती हैं। इसलिए इस योजना से बिहार की बस्तियों, खेती और सड़कों समेत जरूरी सुविधाओं को भी बाढ़ से बचाने में मदद मिल सकती है। झीलों का जलस्तर कैसे कम किया जाएगा? डॉ. भट्टराई के मुताबिक, लगातार काम करने का मौका मिले तो तीन साल में झीलों का जलस्तर घटाया जा सकता है। लेकिन ये झीलें ऊंचाई वाले इलाकों में हैं, जहां खराब मौसम के कारण साल में केवल 5 से 6 महीने ही काम हो सकता है। इसी वजह से प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 2033 तक का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना से खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होगा। हालांकि, इन चार झीलों के फटने पर सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। इसलिए इन्हें प्राथमिकता दी गई है। भारत, नेपाल और चीन की 47 झीलों से खतरा अगस्त में नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने हिमालयी इलाकों में ग्लेशियर से बनी झीलों से होने वाले खतरे को फिर सामने ला दिया था। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट की 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत, नेपाल और चीन की 47 हिमनद झीलों को ज्यादा खतरे वाला बताया गया था। इनमें नेपाल की 21, चीन की 25 और भारत की एक झील शामिल है। इनमें से 42 झीलों का पानी कोशी नदी में पहुंचता है। इनमें 24 झीलें चीन और 18 नेपाल में हैं। कोशी नदी नेपाल से भारत के बिहार में आती है, इसलिए इन झीलों के फटने से दोनों देशों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। इस प्रोजेक्ट के लिए ग्रीन क्लाइमेट फंड ₹343 करोड़ देगा चारों झीलों का जलस्तर घटाने की परियोजना पर कुल 474 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें सबसे ज्यादा 343 करोड़ रुपए ग्रीन क्लाइमेट फंड देगा। यह संयुक्त राष्ट्र के जलवायु समझौते के तहत बना अंतरराष्ट्रीय कोष है। नेपाल सरकार 107 करोड़ और UNDP 20 करोड़ रुपए देगा। इसके अलावा निजी क्षेत्र से भी 3 करोड़ रुपए मिलेंगे। इस प्रोजेक्ट से नेपाल में 38 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा मिलने का अनुमान है। इससे बाढ़ के कारण होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान में भी 212 करोड़ रुपए तक की कमी आ सकती है। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें… नेपाल की बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़: कई पुल-घर बहे, 10 लापता; लैंडस्लाइड से स्यारी नदी का रास्ता बंद, बिहार में भी खतरा नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आने से कई गांवों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ में करीब 35 घर और 6 पुल बह गए, जबकि कम से कम 10 लोग लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें…
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