Kidney Disease से बढ़ता है Heart Failure का जोखिम, दोनों अंगों का कामकाज है आपस में जुड़ा
असल में किडनी और हार्ट शरीर के दो ऐसे महत्वपूर्ण अंग है, जिसका कार्य अलग-अलग है फिर भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा है। किडनी खून से अपशिष्ट पदार्थ (टॉक्सिन्स) और अतिरिक्त पानी के बाहर निकालने में मदद करती है, बल्कि हार्ट पूरे शरीर में खून पंप करता है।
जब किडनी ठीक से काम नहीं करती है, तो शरीर में पानी और नमक जम जाता है, ऐसे में ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ सकता है। दूसरी तरफ, हार्ट की पंपिंग कमजोर होने पर किडनी तक पर्याप्त खून नहीं पहुंचता, जिससे उसकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। यही वह कनेक्शन है जो किडनी के मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनता है।
किडनी और हार्ट के बीच क्या कनेक्शन होता है?
किडनी और हार्ट एक-दूसरे के कामकाज पर निर्भर हैं। हार्ट खून को पंप करता है, जबकि किडनी खून को साफ कर अतिरिक्त पानी बाहर निकालती है। इनमें से किसी एक की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर ब्लड प्रेशर बढ़ने और दूसरे अंग पर दबाव पड़ने का खतरा बढ़ सकता है।
किडनी डिजीज में हाई ब्लड प्रेशर होने का जोखिम
अमेरिकन किडनी फंड के अनुसार, किडनी की बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशनस के बीच दोतरफा संबंध होता है। लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से किडनी की छोटी रक्त वाहिकाएं और खून से फिल्टर करने वाली संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। जिससे किडनी को खून को फिल्टर करने की क्षमता कम होने लगती है। दूसरी ओर, जब किडनी खराब होती है, तो वह शरीर से अतिरिक्त सोडियम और पानी को पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाती है।
फिर शरीर में तरल पदार्थ बढ़ता है और ब्लड प्रेशर ऊपर जा सकता है। हमारे शरीर में किडनी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने वाले हार्मोनल सिस्टम को भी प्रभावित करती है।
कुछ परिस्थितियों में यह सिस्टम एक्टिव होने से रक्त वाहिकाएं संकरी हो सकती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। वैसे यह ऐसा चक्र बन सकता है जिसमें हाई ब्लड प्रेशर किडनी को और नुकसान पहुंचाता है, जबकि खराब किडनी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना ठीक बना देती है।
किडनी डिजीज और हार्ट फेलियर के बीच क्या संबंध है?
अमरेकिन हार्ट एसोसिशन के अनुसार, हार्ट फेलियर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हार्ट शरीर की जरुरत के अनुसार ही खून पंप नहीं कर पाता या उसे ऐसा करने के लिए अधिक दबाव के साथ काम करना पड़ेगा। इसका यह अर्थ नहीं है कि हार्ट ने काम करना पूरी तरह बंद कर दिया है।
किडनी की बीमारी और हार्ट फेलियर एक-दूसरे को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं सीकेडी में हाई ब्लड प्रेशर, शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ, रक्त वाहिकाओं की क्षति और अन्य मेटाबॉलिक बदलाव हार्ट पर दबाव बढ़ा सकते हैं।
जब हार्ट फेलियर में किडनी तक पहुंचने वाले खून का प्रवाह कम हो सकता है। शरीर में रक्त का दबाव और तरल पदार्थों का वितरण भी बदल सकता है, जिससे किडनी की कार्यक्षमता बिगड़ जाती है।
अंपायर Parashar Joshi करेंगे Sheffield Shield में अंपायरिंग, BCCI और CA का बड़ा फैसला
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा शुरू किए गए अंपायर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत, ऑस्ट्रेलिया के अंपायर बेन ट्रेलोअर भारत में दो रणजी ट्रॉफी मैचों में अंपायरिंग करेंगे। वहीं, भारत के अंपायर पराशर जोशी ऑस्ट्रेलिया में दो शेफ़ील्ड शील्ड मैचों और एक 'वन डे कप' मैच में अंपायरिंग करेंगे। ट्रेलोअर के पास काफी अनुभव है; उन्होंने 30 फर्स्ट-क्लास मैचों, 20 लिस्ट-ए मैचों और 39 बिग बैश लीग मैचों में अंपायरिंग की है। इसके अलावा, उन्होंने दो महिला वनडे इंटरनेशनल और चार महिला T20 इंटरनेशनल मैचों में भी अंपायरिंग की है।
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मैच से जुड़ी जिम्मेदारियों के अलावा, वह 'क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स' में अंपायर एजुकेशन ऑफिसर के रूप में काम करते हैं, जहाँ वे नए अंपायरों को तैयार करने में योगदान देते हैं। CA की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अंपायर शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों के लिए उन्हें 'न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट अंपायर्स एंड स्कोरर्स एसोसिएशन' की ओर से चार बार 'जॉर्ज बोरविक मेमोरियल अवार्ड' से सम्मानित किया गया है।
भारत में, ट्रेलोअर 18 से 21 अक्टूबर तक दिल्ली में होने वाले रणजी ट्रॉफी मैच (दिल्ली बनाम गुजरात) में अंपायरिंग करेंगे। इसके बाद, 26 से 29 अक्टूबर तक मुंबई में होने वाले मैच (मुंबई बनाम हरियाणा) में भी वे अंपायर की भूमिका निभाएंगे। जोशी ऑस्ट्रेलिया पहुँच रहे हैं। उनके पास घरेलू अंपायरिंग का काफी अच्छा अनुभव है; उन्होंने रणजी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी में 19 फर्स्ट-क्लास मैचों, विजय हजारे ट्रॉफी और देवधर ट्रॉफी में 32 लिस्ट-ए मैचों, तथा 40 टी20 मैचों (जिसमें इंडियन प्रीमियर लीग और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के मैच भी शामिल हैं) में अंपायरिंग की है।
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ऑस्ट्रेलिया में उनका कार्यक्रम 11 से 14 नवंबर तक गाबा में क्वींसलैंड और तस्मानिया के बीच होने वाले शेफील्ड शील्ड मैच से शुरू होगा। इसके बाद 16 नवंबर को उसी मैदान पर इन दोनों टीमों के बीच 'वन डे कप' का मैच खेला जाएगा। अंत में, 22 से 25 नवंबर तक सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड के बीच होने वाले शेफील्ड शील्ड मैच के साथ उनका यह दौरा समाप्त होगा।
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