सेबिया अमरूद : इम्युनिटी बढ़ाकर पाचन तंत्र को मजबूत करते में सहायक
प्रयागराज, 19 फरवरी (आईएएनएस)। प्रकृति ने ऐसे कई फल-फूल दिए हैं, जो न केवल स्वाद में लजीज हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं। ऐसे ही एक फल का नाम सेबिया अमरूद है, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है।
उत्तर प्रदेश का पर्यटन विभाग प्रयागराज के प्रसिद्ध सेबिया अमरूद (सुर्खा अमरूद) को सेहत और स्वाद दोनों का बादशाह बताता है। यह अमरूद शहर की उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु में उगाया जाता है, जिसकी वजह से इसमें प्राकृतिक मिठास, हल्की खुशबू और अनोखा स्वाद होता है।
साल 2007 में जीआई टैग प्राप्त यह फल सर्दियों के मौसम में खासा लोकप्रिय होता है और 100-150 रुपए प्रति किलो तक बिकता है। देश-विदेश में इसकी मांग बनी रहती है। सेबिया अमरूद की खासियत इसकी बाहरी हल्की पीली-हरी छाल और अंदर गहरा लाल या गुलाबी गूदा है। गूदा सेब जैसा दिखता और महकता है, इसलिए इसे सेबिया या सुर्खा नाम मिला।
मीठा और रसीला होने के कारण यह अन्य अमरूदों से अलग पहचान रखता है। प्रयागराज की मिट्टी इसमें विशेष पोषक तत्व प्रदान करती है, जो इसे मौसमी खजाना बनाती है। यह अमरूद न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी अत्यंत फायदेमंद है। इसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में होती है, जो संतरे से कई गुना ज्यादा है। इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और सर्दियों में सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों से बचाव होता है।
सेबिया अमरूद में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, कब्ज दूर करता है और आंतों को स्वस्थ बनाता है। इसके अलावा, सेबिया अमरूद दिल के लिए लाभकारी है। इसमें पाए जाने वाले पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर नियंत्रित करते हैं, कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं और हृदय रोगों का खतरा घटाते हैं। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा विकल्प है। यह कम कैलोरी और हाई फाइबर होने से वजन घटाने में सहायक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है।
एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ रखते हैं, उम्र बढ़ने के प्रभाव कम करते हैं और सूजन घटाते हैं।
--आईएएनएस
एमटी/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत के ऑफिस रियल एस्टेट बाजार में जीसीसी के चलते बढ़ेगी मांग, योगदान 50 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद
मुंबई, 19 फरवरी (आईएएनएस)। देश के शीर्ष सात शहरों में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) की हिस्सेदारी भारतीय ऑफिस रियल एस्टेट की मांग में 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसमें अमेरिकी कंपनियों की ओर से मांग सबसे अधिक रहेगी। यह जानकारी गुरुवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।
कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से भारत में जीसीसी देशों की लीजिंग गतिविधियों में अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत रही है, जबकि यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की कंपनियों की हिस्सेदारी 8-10 प्रतिशत रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले कुछ वर्षों में जीसीसी देशों द्वारा ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की वार्षिक मांग 35-40 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच सकती है, जो कुल ऑफिस स्पेस की मांग का 40-50 प्रतिशत होगी।
कोलियर्स इंडिया के ऑफिस सर्विसेज के प्रबंध निदेशक अर्पित मेहरोत्रा ने कहा,अमेरिकी कंपनियों से टेक केंद्रित जीसीसी की मांग स्थिर हो सकती है, लेकिन हम यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की कंपनियों से, विशेष रूप से इंजीनियरिंग और विनिर्माण, बीएफएसआई और परामर्श क्षेत्रों में मांग बढ़ने की उम्मीद करते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ चल रहे व्यापार समझौतों और शुल्क युक्तिकरण से टेक्नोलॉजी, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं, इंजीनियरिंग और विनिर्माण तथा परामर्श क्षेत्रों में दीर्घकालिक कार्यालय स्थान की मांग बढ़ने की संभावना है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से देश में कुल 310 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस की मांग में से लगभग 117 मिलियन वर्ग फुट यानी 38 प्रतिशत की हिस्सेदारी जीसीसी की रही है। जीसीसी की ओर से मांग में लगातार वृद्धि इस बात से स्पष्ट है कि 2020 में मांग लगभग 16 मिलियन वर्ग फुट से बढ़कर 2025 तक लगभग 30 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई है।
कोलियर्स इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक और अनुसंधान प्रमुख विमल नादर ने कहा, “जीसीसी देश भारत में ऑफिस स्पेस की मांग को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे, जिससे किराएदारों के आधार में लगातार हो रही वृद्धि और विविधता को समर्थन मिलेगा।”
नादर ने कहा कि वैश्विक व्यापारिक तनाव अपेक्षाकृत कम हो गया है, और भारत तथा उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के बीच हाल ही में हुए द्विपक्षीय समझौतों से भारतीय ऑफिस बाजार की प्रमुख मांग को गति मिलेगी।
रियल एस्टेट सेवा फर्म ने आगे कहा कि कुशल प्रतिभाओं की उपलब्धता और लागत में अंतर से भारत में क्षमता केंद्रों के विस्तार को और बढ़ावा मिलेगा।
--आईएएनएस
एबीएस/
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