Airport Server Down: दिल्ली, मुंबई समेत कई एयरपोर्ट पर Navitaire सर्वर डाउन, चेकइन करने में हुई सबसे ज्यादा परेशानी
Airport Server Down: दिल्ली और मुंबई सहित देश के विभिन्न शहरों के एयरपोर्ट सिस्टम के सर्वर डाउन हो गए हैं, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. नेविटेयर पैसेंजर सर्विस सिस्टम में तकनीकी खामी आने की वजह से गुरुवार सुबह दिल्ली और मुंबई सहित कई हवाई अड्डों पर भारी असुविधा का सामना करना पड़ा.
चेक इन काउंटर्स पर लगी लंबी भीड़
दिल्ली एयरपोर्ट पर ये समस्या सुबह 6.45 बजे से 7.30 बजे के बीच रही, जिस वजह से एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा जैसी एयरलाइंस का काम प्रभावित हो गया. सर्वर डाउन होने की वजह से पैसेंजर लॉग का प्रबंधन मैनुअल तरीके से करना पड़ा, जिस वजह से चेक-इन काउंटरों पर पैसेंजर्स की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं.
25 मिनट में ठीक कर दी गई समस्या
सूत्रों की मानें तो इंडिगो ने सिर्फ 25 मिनट के अंदर ही इस टेक्निकल फॉल्ट को ठीक कर दिया. वहीं, सुबह 7.30 बजे तक पूर्ण रूप से तकनीकी फॉल्ट को खत्म कर दिया गया. नेविटेयर सर्वर डाउन होने की वजह से सबसे अधिक असर यात्रियों की बोर्डिंग और चेक-इन प्रोसेस पर पड़ा. दिल्ली-मुंबई एयरपोर्ट पर सिस्टम के काम न होने की वजह से एयरलाइंस स्टाफ को कागजों पर मैनुअल एंट्री पड़ गई
California Avalanche: कैलिफोर्निया के एवलॉन्च की चपेट में आने से आठ की मौत, अब भी एक व्यक्ति लापता
California Avalanche: अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित लेक टाहो के करीब आए एवलॉन्च के बाद आठ स्कीयर के शव बरामद हुए हैं. वहीं एक व्यक्ति अब भी लापता हो गया है. बुधवार को अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये एवलॉन्च 40 वर्षों से अधिक के अमेरिकी इतिहास का सबसे घातक हिमस्खलन हादसा माना जा रहा है.
मृतकों के परिजनों को दी हादसे की जानकारी
नेवाडा काउंटी की शेरिफ शैनन मून ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस की, जिसमें उन्होंने बताया कि अभियान को बचाव से बदलकर शवों की बरामदगी में बदल दिया गया है. इससे पहले साल 1981 में वॉशिंगटन के माउंट रेनियर पर हुए हिमस्खलन में 11 पर्वतरोहियों की मौत हुई थी. मून ने बताया कि अधिकारियों ने परिवारों को हादसे की जानकारी दे दी है.
तीन दिनों के ट्रैक पर थे 15 स्कीयर
अधिकारियों की मानें तो ये हादसा मंगलवार सुबह हुआ था, जब उत्तरी कैलिफोर्निया की सिएरा नेवादा पर्वतमाला के कैसल पीक इलाके में 15 स्कीयर हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे. हादसे की जानकारी 911 पर दी गई, जिसके बाद रेस्क्यू फोर्सेज को कैसल पीक के लिए रवाना किया गया. मंगलवार सुबह हिमस्खलन के बाद से लापता स्कीयरों की तलाश में रेस्क्यू फोर्सेज को कड़ी मश्क्कत करनी पड़ी. 15 में से छह लोगों को टीम ने बचा लिया. बता दें, 15 सदस्यीय दल तीन दिनों के ट्रैक पर नेवादा आया था.
इस वजह से आया एवलॉन्च
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी तट पर भीषण बर्फीला तूफान चल रहा था. भारी बर्फबारी और तेज हवाओं के कारण बचाव कार्य में बहुत परेशानी आई. एक्सपर्ट्स की मानें तो वहां अब भी एवलॉन्च का खतरा बना हुआ है. इस इलाके की यात्रा से लोगों को बचने की सलाह दी गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारी बर्फबारी और तेज हवाओं के वजह से बर्फ की परतें डिसबैलेंस हो गईं और इतना बड़ा हादसा हो गया. आगे और बर्फबारी होने की आशंका बनी हुई है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation




















