20 की उम्र में हुई शादी, बेटी के जन्म के 15 मिनट बाद पहली पत्नी की मौत, दर्जी का काम कर बना हीरो, अब बुरे हालात
फिल्म इंडस्ट्री में कई कलाकार आएं और चले गए. कई लोगों ने खूब नाम कमाया. यहां हम आपको एक ऐसे ही एक्टर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने सीरियस से लेकर कॉमिक रोल निभाए और खुद को बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर्स में शुमार कर लिया है. उनकी कॉमिक टाइमिंग और अलग-अलग किरदारों को निभाने की कला के लिए वे जाने जाते हैं. हालांकि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत गंभीर किरदारों से की थी, लेकिन बाद में उन्होंने कई मजेदार किरदारों को पर्दे पर जिंदा किया.
नैनों से प्यार बयां करता वो जादुई गीत, दिलों में समां गईं दो रूहानी आवाजें, सुकून देता है यह रोमांटिक गाना
नई दिल्ली. फिल्म भ्रष्टाचार (1989) का गाना 'तेरे नैना मेरे नैनों से' उन गानों में से एक है, जो कानों में पड़ते ही एक सुकून भरी दुनिया में ले जाता है. सुरेश वाडकर और अनुराधा पौडवाल की रेशमी आवाजों ने इस गीत को उस दौर का सबसे रोमांटिक नंबर बना दिया था. इस गाने की सबसे बड़ी खूबी इसकी सादगी और इसके पीछे का मीठा संगीत है. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत और आनंद बख्शी के लिखे बोल इतने सीधे और सच्चे हैं कि आज भी जब यह गाना रेडियो या यूट्यूब पर बजता है, तो लोग ठहरकर इसे सुनते हैं. गाने की लाइनें 'तेरे नैना मेरे नैनों से मीठी बातें करते हैं' आंखों की उसी खामोश भाषा को बयां करती हैं, जिसे लफ्जों की जरूरत नहीं होती. मिथुन की इस फिल्म में जहां एक तरफ भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग दिखाई गई थी, वहीं यह गाना फिल्म में प्यार और सुकून का एक बेहद खूबसूरत अहसास लेकर आता है. आज भी 90 के दशक की शुरुआत के उन सदाबहार गानों में इसे टॉप पर रखा जाता है.
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