मिडिल ईस्ट एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है जहां कूटनीति, धमकी और सैन्य ताकत तीनों एक दूसरे में घुलमिल गए हैं। ईरान पर अमेरिका के कथित तगड़े हमलों और उसके जवाब में ईरान की ओर से तबाहकुन पलटवार की आशंका के बीच तेरान से रिया तक चली एक फोन कॉल ने इस पूरे संकट को नए सिरे से चर्चा के केंद्र में ला खड़ा कर दिया है। वेस्टर्न मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजिशियान ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से संपर्क किया। इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह फोन कॉल युद्ध टालने और तनाव कम करने के लिए की गई है। इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान बार-बार संपर्क कर रहा है ताकि जंग ना हो।
पश्चिमी नैरेटिव को और मजबूत करता दिखा। लेकिन जब इस खबर को क्षेत्रीय जानकारों और ईरान के मामलों के विषदयों के नजरिए से देखा जाता है तो तस्वीर कुछ और ही अलग से उभरती है। जानकार मानते हैं कि फोन कॉल होना अस्वाभाविक नहीं है लेकिन इसका मकसद माफी या समझौते की गुहार तो नहीं है बल्कि एक सख्त संदेश देना हो सकता है। संदेश साफ है। ईरान नहीं चाहता, लेकिन अगर जंग उस पर थोपी गई या अरब देशों की जमीन और सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया गया तो तेहरान उन्हें भी दुश्मन की श्रेणी में रखेगा।
दूसरे शब्दों में ईरान ने अरब मुल्कों को यह संकेत दे दिया है कि तटस्थ ही उनकी सुरक्षा की गारंटी है। इसी बीच अमेरिका ईरान टकराव ने और तीखा रूप अब ले लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर बड़े हमले की चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान की ओर से एक विशाल अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा बढ़ रहा है। जिसकी अगुवाई एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन कर रहा है। ट्रंप के बयानों में वेनेजुएला के संदर्भ और तेजी से निर्णायक कारवाई जैसे शब्द यह दिखाते हैं कि वाशिंगटन दबाव की रणनीति पर कायम है। ट्रंप ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का हवाला देते हुए कहा है कि ईरान के अहम परमाणु ठिकानों को कुछ ही मिनटों में भारी नुकसान पहुंचाया गया था और अगला हमला इससे कहीं ज्यादा विनाशकारी हो सकता है।
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भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के चौथे मैच में मेहमान टीम ने शानदार जीत दर्ज की। दोनों टीमें 28 जनवरी को विशाखापत्तनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने थीं। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 215 रन बनाए। इसके बाद मेहमान टीम ने भारतीय टीम को 165 रनों पर रोक दिया और 50 रनों से जीत हासिल करते हुए टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में भारत के खिलाफ अपनी पहली जीत दर्ज की। हालांकि भारत को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन ऑलराउंडर शिवम दुबे का प्रदर्शन बेहतरीन रहा।
मध्य क्रम में बल्लेबाजी करते हुए, दुबे ने 23 गेंदों में 65 रन बनाए और मेजबान टीम को जीत के करीब लाने का प्रयास किया। यह भी उल्लेखनीय है कि 12वें ओवर में तीन छक्के और दो चौकों के साथ, दुबे ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भारतीय द्वारा एक ओवर में बनाए गए तीसरे सबसे अधिक रनों के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली, जो रोहित शर्मा का रिकॉर्ड है। रोहित और दुबे दोनों ने अब तक टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए एक ओवर में 28 रन बनाए हैं। संजू सैमसन 30 रनों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि युवराज सिंह 36 रनों के साथ पहले स्थान पर हैं, जो उन्होंने 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ छह छक्के लगाकर हासिल किए थे।
भारत के चौथे टी20 मैच हारने के बाद, टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मंच संभाला और अपनी टीम के प्रदर्शन के बारे में बात की। मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में सूर्यकुमार यादव ने कहा, “हमने जानबूझकर छह बल्लेबाज़ खिलाए। हम पांच गेंदबाज़ों के साथ खेलना चाहते थे और खुद को चुनौती देना चाहते थे। हम उन खिलाड़ियों को खिलाना चाहते थे जो विश्व कप टीम का हिस्सा थे; अन्यथा, हम अन्य खिलाड़ियों को खिलाते। हमने पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है।”
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