भारत की सीमित ओवरों की टीम में जगह बनाने के लक्ष्य के साथ मेहनत कर रहा हूं: Sarfaraz
भारतीय बल्लेबाज सरफराज को टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित करने के लिए ज्यादा मौके नहीं मिले लेकिन उनका लक्ष्य वर्तमान में रहते हुए मेहनत कर सीमित ओवरों के क्रिकेट की राष्ट्रीय टीम में वापसी करने का है।
सरफराज दिल्ली के खिलाफ यहां खेले जाने वाले रणजी मैच की पूर्व संध्या पर बुधवार को मीडिया से कहा, “मैं वर्तमान में रहने की कोशिश करता हूं। मैं अतीत में कुछ नहीं कर सकता। मुझे नहीं पता कि कल क्या होगा।”
सरफराज घरेलू क्रिकेट में कुछ समय तक लय में नहीं थे लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा और अपनी फिटनेस तथा।खेल पर काम किया। वह आत्मविश्वास हासिल करलाल गेंद के साथ सफेद गेंद के प्रारूपों में भी फिर से रन बनाने लगे। अपने पिछले मुकाबले में सरफराज ने हैदराबाद के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में अपना पांचवां दोहरा शतक जड़ा और साथ ही प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 5,000 रन पूरे किए।
टीम के अभ्यास सत्र के दौरान उन्होंने कहा, “मुझे बस इतना पता है कि मैं घर जाऊंगा, घर पर बल्लेबाजी करूंगा, अपने पिता के साथ समय बिताऊंगा, होटल में सोऊंगा और कल मैच खेलूंगा।”
उन्होंने कहा, “मैं भविष्य के बारे में नहीं सोचता। मुझे बस इतना पता है कि मैं वही करूंगा जो मैं सालों से करता आ रहा हूं। मैं अभ्यास करूंगा और खुद को बेहतर बनाऊंगा।”
सरफराज ने कहा कि उनका लक्ष्य भारत के लिए सफेद गेंद क्रिकेट खेलने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ अपनी मेहनत पर ध्यान दे रहा हूं, खुलकर बल्लेबाजी करने और पावर हिटिंग पर काम कर रहा हूं। मैं किसी और चीज के बारे में नहीं सोच रहा। मैं भारत के लिए सफेद गेंद क्रिकेट खेलना चाहता हूं और उसी पर ध्यान दे रहा हूं।”
यह 28 साल का बल्लेबाज इंडियन प्रीमियर लीग के लिए चेन्नई सुपर किंग्स द्वारा चुने जाने पर खुद को “बहुत सौभाग्यशाली” मानता है। वह महान धोनी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने को लेकर उत्साहित है। उन्होंने कहा, “मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं सीएसके के लिए खेल पाऊंगा। मेरा सपना इस पीढ़ी के दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने का था।”
उन्होंने कहा, ‘‘ विराट (कोहली) भाई के साथ मैंने आरसीबी में खेला। मैंने कभी रोहित (शर्मा) भाई के साथ नहीं खेला था और मुझे नहीं लगा था कि मुझे मौका मिलेगा, लेकिन फिर मैंने टेस्ट टीम में उनके साथ खेला।”
उन्होंने कहा, ‘‘ माही भाई के संन्यास के कारण मैंने कभी नहीं सोचा था कि उनके साथ खेलने का मौका मिलेगा। लेकिन नीलामी के पहले दौर में किसी से बोली नहीं मिलने के बाद सीएसके ने मुझे अपनी टीम में शामिल किया। मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानता हूं।
हम छह बल्लेबाजों के साथ खुद को चुनौती देना चाहते थे: Suryakumar Yadav
न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला के चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय में 50 रन से हार का सामना करने के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि टीम छह बल्लेबाजों के साथ खुद को चुनौती देना चाहती थी।
इशान किशन के चोट के कारण बाहर होने के बाद टीम ने उनके स्थान पर किसी बल्लेबाज की जगह तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को मौका दिया। भारतीय टीम जीत के लिए मिले 216 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शिवम दुबे की 23 गेंद में 65 रन की पारी के बावजूद 165 रन पर आउट हो गयी।
सूर्यकुमार ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘हमने जानबूझकर छह बल्लेबाजों के साथ उतरने का फैसला किया। हमारा लक्ष्य पांच गेंदबाजों को रखते हुए खुद को चुनौती देना था।’’ उन्होंने कहा कि टीम टी20 विश्व के मद्देनजर अधिक खिलाड़ियों को मौका देना चाहती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम हमारे पास कुछ अन्य खिलाड़ियों को भी एकादश में शामिल करने का विकल्प था लेकिन हम उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहते थे जो विश्व कप टीम का हिस्सा हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हम यह देखना चाहते थे कि 180-200 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दो-तीन विकेट गिरने के बाद हमारी बल्लेबाजी कैसी रहती है।’’
भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम अगर एक और साझेदारी करने में सफल रहती तो परिणाम कुछ और होता। उन्होंने कहा, ‘‘ भारी ओस की मौजूदगी में दुबे जैसी एक-दो साझेदारियां मैच का रुख बदल सकती थीं और एक अच्छी साझेदारी से बड़ा फर्क पड़ सकता था।
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