भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार (26 जनवरी) को राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) सहित भारतीय शेयर बाजार बंद रहे। इस वजह से शेयर और मुद्रा दोनों क्षेत्रों में कारोबार रुका रहा। हालांकि, कमोडिटी डेरिवेटिव्स में शाम के सत्र में कुछ गतिविधि जारी रही। इससे एक असामान्य सप्ताह की शुरुआत हुई, जिसका समापन 1 फरवरी को केंद्रीय बजट प्रस्तुति के लिए रविवार को होने वाले दुर्लभ कारोबारी सत्र के साथ हुआ।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर कार्यालय बंद रहेंगे
राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) दोनों सोमवार को राष्ट्रीय अवकाश के उपलक्ष्य में अपना परिचालन बंद रखेंगे। मुद्रा बाजार भी बंद रहेंगे, जबकि कमोडिटी बाजार एक्सचेंज के दिशानिर्देशों के अनुसार सीमित समय के लिए शाम को खुले रहेंगे। निवेशक इस अवकाश का उपयोग देशभक्ति की भावना के बीच हाल के रुझानों पर विचार करने के लिए करेंगे।
बजट सत्र का असामान्य परिचालन
केंद्रीय बजट की प्रस्तुति के लिए रविवार (1 फरवरी) को बाजार असाधारण रूप से खुलेंगे। एनएसई ने घोषणा की: "केंद्रीय बजट की प्रस्तुति के कारण, सदस्यों से अनुरोध है कि वे ध्यान दें कि एक्सचेंज रविवार को लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित करेगा।" इससे राजकोषीय नीतियों पर तत्काल प्रतिक्रिया देने का अवसर मिलेगा, जो आमतौर पर उच्च प्रभाव वाली घटनाओं के लिए ही होता है।
बजट का प्रभाव और अपेक्षाएं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 28 जनवरी से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान बजट पेश करेंगी। व्यापारी करों में बदलाव, क्षेत्र आवंटन और बाजार की दिशा तय करने वाले आर्थिक उपायों से अस्थिरता की आशंका जता रहे हैं। पिछले बजटों ने बैंकिंग, बुनियादी ढांचा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के शेयरों में तीव्र उतार-चढ़ाव पैदा किए हैं।
साप्ताहिक ट्रेडिंग कैलेंडर की मुख्य बातें
सोमवार को बाजार बंद रहने और उसके बाद सप्ताहांत में कारोबार होने से ट्रेडिंग का समय सीमित हो जाता है। प्रतिभागी बजट से पहले की स्थिति पर नजर रख रहे हैं, और मंगलवार से सामान्य परिचालन फिर से शुरू हो जाएगा। यह स्थिति भारत के वित्तीय परिदृश्य में बजट की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।
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