चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग ने फिर से एक बार सैन्य पर्ज की शुरुआत कर दी है। इस पर्ज के निशाने पर इस बार कोई और नहीं बल्कि शी के सबसे करीबी लोग हैं। यानी कि इस सैन्य पर्च का मकसद साफ है कि सी ये बताना चाहते हैं कि कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। सैन्य में पूरी निष्ठा और नियंत्रण सुनिश्चित करने का यह प्रयास शी जिंनपिंग करके दिखा रहे हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को हटाने का भी यह पर्ज एक माध्यम हो सकता है। जैसा कि पहले कई मामलों में देखा गया। योशिया और ल्यू जेनली के खिलाफ अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के संदेह में जांच शुरू कर दी है। यह जानकारी चीन के रक्षा मंत्रालय ने जारी की है। यह घटना शी जिंगपिंग के नेतृत्व में चल रही सैन्य भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के सबसे बड़े और चौंकाने वाले नतीजों में से एक मानी जा रही है। लेकिन इसे आम बोलचाल की भाषा में शी जिनपिंग जिंगपिंग का सैन्य पर्ज कहा जा रहा है।
यांग योशिया चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के दो उपाध्यक्षों में से एक हैं और पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य वो राष्ट्रपति शी जिंनपिंग के सबसे करीबी सैन्य सहयोगी माने जाते हैं। जांग उन गिने-चुने वरिष्ठ अधिकारियों में से एक हैं जिनके पास वास्तविक युद्ध का अनुभव है। उन्होंने चीन वियतनाम युद्ध में हिस्सा लिया था और पीएलए में आधुनिकीकरण और सुधारों की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी निकटता शी के साथ इतनी मजबूत मानी जाती है कि कई विश्लेषक उन्हें शी का सबसे भरोसेमंद जनरल तक कहते थे। ऐसे में उनकी जांच को कई लोग शी की सत्तक पर पकड़ और सैन्य नियंत्रण की गहराई का संकेत मानते हैं। ल्यूज़ जेनली सीएमसी जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ ऑफ स्टाफ हैं और सीएमसी के सदस्य भी। वह सैन्य संचालन और कमांड संरचना के प्रमुख पद पर तैनात हैं। उनकी जांच भी उसी बयान में शामिल की गई है जो दर्शाता है कि यह कारवाई उच्च स्तर पर एक साथ की गई है। रक्षा मंत्रालय के बयान में बताया गया है कि यांग और ल्यू अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के संदेह के जांच में दायरे में है।
2024 में दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को पार्टी से निकाला गया। अक्टूबर 2025 में सीएमसी के नंबर दो जनरल हेव विडोंग सहित आठ टॉप जनरलों को भ्रष्टाचार के आरोप में पार्टी से बाहर किया गया। हेव विडोंग खुद शी के करीबी थे। यांग के साथ सीएमसी यानी कि सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में काम कर चुके थे। यांग योशिया की जांच इसलिए भी असाधारण है क्योंकि वह शी के सबसे पुराने और भरोसेमंद सहयोगी थे। कई विश्लेषक मानते हैं कि शी ऐसा करके यह बताना चाहते हैं कि उनके आगे कोई मायने नहीं रखता।
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2012 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग चीन के राष्ट्रपति बनते हैं और फिलहाल अभी तक ऐसा दावा किया जा रहा है कि लगभग चार बार उनकी सत्ता को पलटने की कोशिश की जा चुकी है। कल आपको एक खबर बताई थी जिसमें बताया गया था कि चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया और उनसे पूछताछ चल रही है। अब खबर है कि उनके परिवार को भी बंदी बना लिया गया, उठा लिया गया। उससे भी पूछताछ चल रही है। इन अधिकारियों के नाम है जनरल झांग यूईसा और जनरल ल्यू झेनली। इनके खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी के अनुशासन और कानूनों के गंभीर उल्लंघन को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। तो सवाल उठ रहा है कि क्या शी जिनपिंग के तख्ता पलट की तैयारी थी?
चीन के शेंग शई नामक लेखक के मुताबिक 18 जनवरी की शाम झांग युई शाह और ल्यू झेनली शी जिनपिंग के खिलाफ कारवाई की तैयारी में थे। उस दिन शी जिनपिंग पश्चिमी बीजिंग के झिंगशी होटल में ठहरने वाले थे। हालांकि कुछ सालों में शी जिनपिंग का कोई तय निवास नहीं होता है। वो कुछ दिनों में जगह बदलते रहते हैं। जिससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल होता है। इसी वजह से झांग के खेमे को लगा कि झिंगशी होटल ही सबसे बेहतर मौका है। योजना थी कि उसी रात शिजिंगपिंग को हिरासत में लिया जाएगा और सत्ता संतुलन बदल दिया जाएगा। लेकिन ऑपरेशन से ठीक 2 घंटे पहले यह जानकारी शी जिनपिंग तक पहुंच जाती है और शी जिनपिंग अपना पूरा जो उनका कार्यक्रम था वो बदल देते हैं। यहां चीनी लेखक शू का कहना है कि या तो पहले से शी ने झांग के आसपास अपने लोगों को रखा होगा
चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग ने फिर से एक बार सैन्य पर्ज की शुरुआत कर दी है। इस पर्ज के निशाने पर इस बार कोई और नहीं बल्कि शी के सबसे करीबी लोग हैं। यानी कि इस सैन्य पर्च का मकसद साफ है कि सी ये बताना चाहते हैं कि कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। सैन्य में पूरी निष्ठा और नियंत्रण सुनिश्चित करने का यह प्रयास शीजिंगपिंग करके दिखा रहे हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को हटाने का भी यह पर्ज एक माध्यम हो सकता है। जैसा कि पहले कई मामलों में देखा गया। या फिर आखिरी वक्त पर किसी ने जनरल को धोखा दिया होगा जिसके चलते जानकारी शी जिनपिंग तक पहुंची और जिनपिंग ने तुरंत होटल छोड़ दिया और पलटवार की तैयारी कर ली। जहांग यूई शाह के लोगों को यह पता नहीं था कि उनका प्लान लीक हो चुका है। वो तय समय पर आगे बढ़े। शेंग शई के सूत्र के मुताबिक यह दावा किया गया कि होटल में झांग के लोगों और शी जिनपिंग की ओर से तैनात सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ भी हुई।
इस टकराव में शी के निजी सुरक्षा दल के नौजवान मारे गए। जबकि झांग के कई समर्थक भी ढेर हो गए। इसके बाद शी जिनपिंग ने तुरंत आदेश दिया और झांग युष और ल्यू झेनली को गिरफ्तार किया गया। उनके परिवारों को भी उसी रात हिरासत में लिया गया। बाकी आगे लेखक अपने सूत्र के हवाले से बताती हैं कि झांग ने अपने परिवार को सुरक्षित इसलिए नहीं किया होगा जिससे कि कोई भी जानकारी या फिर कोई भी तख्तापलट का शक किसी को ना हो। बाहर की दुनिया को यह सब नहीं बताया गया।
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