Himachal Pradesh Heavy Snowfall | हिमाचल प्रदेश में कुदरत का सफेद श्रृंगार! भारी बर्फबारी से थमी रफ्तार, 500 से अधिक सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 565 सड़कों को बंद कर दिया गया है और लगभग 4,800 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, जनजातीय जिला लाहौल और स्पीति सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 292 सड़कें अवरुद्ध हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-03 (लेह-मनाली) और राष्ट्रीय राजमार्ग-505 (काजा-ग्राम्फू) शामिल हैं।
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अन्य प्रमुख बंद सड़कों में चंबा में 105 सड़क, ऊना में 70, मंडी में 64, सिरमौर में 20, कुल्लू में नौ, कांगड़ा में चार और सोलन में एक सड़क शामिल हैं। बर्फबारी के कारण राज्यभर में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। प्रभावित 4,797 ट्रांसफार्मर में से 1,856 सोलन में, 901 मंडी में, 682 कुल्लू में, 659 चंबा में, 624 सिरमौर में, 53 लाहौल और स्पीति में, 20 किन्नौर में और दो ऊना में हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने 24 और 25 जनवरी को राज्य के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी जारी रहने का अनुमान जताया है।
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प्रमुख पर्यटन स्थलों का हाल
राजधानी शिमला और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में शुक्रवार सुबह से ही रुक-रुक कर बर्फबारी जारी है।
मनाली: मनाली-कुल्लू राजमार्ग पर फिसलन के कारण लगभग 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया। कई पर्यटक अपनी गाड़ियां छोड़कर पैदल ही शहर की ओर जाते दिखे।
शिमला: कुफरी और नारकंडा जैसे क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बाद सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे चंडीगढ़ की ओर जाने वाली गाड़ियों की रफ्तार थम गई है।
तापमान: लाहौल-स्पीति के ताबो में न्यूनतम तापमान -8.7°C तक गिर गया है, जबकि शिमला और मनाली में तापमान शून्य के करीब बना हुआ है।
किसानों और बागवानों के लिए राहत
भारी व्यवधानों के बावजूद, यह बर्फबारी प्रदेश के सेब बागवानों और किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेब की फसल के लिए आवश्यक 'चिलिंग आवर्स' (Chilling Hours) और मिट्टी में नमी के लिए यह हिमपात बहुत जरूरी था।
IMD का अलर्ट और आगामी चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है:-
ऑरेंज अलर्ट: कुल्लू, चंबा और लाहौल-स्पीति के लिए भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है।
नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): मौसम विभाग के अनुसार, 26 जनवरी 2026 से एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे 28 जनवरी तक फिर से भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है।
प्रशासन की सलाह: पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और फिसलन भरी सड़कों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
Uttar Pradesh Foundation Day 2026: 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ शुरू हुआ तीन दिवसीय जनोत्सव
उत्तर प्रदेश आज अपना स्थापना दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, इस वर्ष का आयोजन 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' की थीम पर आधारित है। 24 जनवरी से 26 जनवरी तक चलने वाला यह तीन दिवसीय कार्यक्रम न केवल प्रदेश की प्रगति का उत्सव है, बल्कि यह एक 'जनोत्सव' का रूप ले चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, इस वर्ष ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के विषयपर उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। एक बयान के अनुसार यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 24 से 26 जनवरी तक प्रदेश भर में मनाया जाएगा तथा राज्य की प्रगति यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
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उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर जनोत्सव बने, जिसमें प्रदेश के हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और जीवंत आत्मा के साथ-साथ विकास यात्रा की भी झलक मिले। ऐसे में, इस विशिष्ट आयोजन के माध्यम से प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।
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एक बयान के अनुसार उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का मुख्य समारोह लखनऊ के नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में केंद्र सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे।
देश भर से आमंत्रित गणमान्य अतिथियों के साथ-साथ प्रदेश के जनप्रतिनिधियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। लखनऊ में मुख्य समारोह के आयोजन के साथ-साथ प्रदेश के सभी जनपदों में स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, विकास प्रदर्शनियां और जनभागीदारी वाले आयोजन किए जाएंगे। वहीं, मुख्य समारोह का दूरदर्शन के माध्यम से पूरे प्रदेश में सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिससे प्रदेश का जन-जन उप्र दिवस के इस आयोजन का सहभागी बन सकेगा।
इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री योगी द्वारा घोषित ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना होगी। ओडीओसी योजना के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जनपद के एक पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजन को चुना गया है। इस विशिष्ट आयोजन में प्रदेश के सभी ओडीओसी व्यंजन एक ही परिसर में उपलब्ध कराए जाएंगे। यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश के भोजन की विविधता को प्रदर्शित करेगी, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करेगी।
उत्तर प्रदेश दिवस का महत्व
24 जनवरी 1950 को 'संयुक्त प्रांत' (United Provinces) का नाम बदलकर 'उत्तर प्रदेश' रखा गया था। 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने पहली बार इसे व्यापक स्तर पर मनाना शुरू किया। आज यह आयोजन प्रदेश की अस्मिता, गौरव और भविष्य के रोडमैप को प्रदर्शित करने का सबसे बड़ा मंच बन गया है।
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