Hair Care Tips : शिकाकाई से बालों को क्यों धोती हैं पहाड़ी औरतें? फायदे जान भूल जाओगे शैंपू, ये रहा तरीका
Shikakai Benefits : उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में शिकाकाई और रीठा का उपयोग बालों की देखभाल के लिए किया जाता है. ये प्राकृतिक उत्पाद रसायन-मुक्त विकल्प देते हैं. शिकाकाई एक फलदार झाड़ी या छोटे पेड़ पर लगने वाला प्राकृतिक फल है. इसके सूखे फल को पानी में भिगोकर या उबालकर बाल धोए जाते हैं. शिकाकाई की फलियां पकने के बाद सुखाकर सुरक्षित रखी जाती हैं. शिकाकाई में सैपोनिन नामक यौगिक पाया जाता है, जो पानी के संपर्क में आने पर हल्का झाग बनाते हैं. इसका नियमित रूप से सही इस्तेमाल करने पर बाल मुलायम और साफ हो जाते हैं. पहाड़ों पर शिकाकाई और रीठे का इस्तेमाल अक्सर एक साथ किया जाता है. रीठे में भी प्राकृतिक सैपोनिन पाए जाते हैं.
सिर्फ दूध ही नहीं! ये 5 चीजें भी हैं कैल्शियम का पावरहाउस, 45 उम्र के बाद डाइट में जरूर करें शामिल
5 Foods More Powerful Than Milk : कैल्शियम हड्डियों और दांतों के लिए एक जरूरी मिनरल है. हालांकि, कैल्शियम के लिए सिर्फ़ दूध पर निर्भर रहना ज़रूरी नहीं है. कई अन्य खाद्य पदार्थ भी इसके अच्छे स्रोत हो सकते हैं. आइए जानते हैं.
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