सनराइजर्स ईस्टर्न केप चौथी बार SA20 के फाइनल में:क्वालिफायर-2 में पार्ल रॉयल्स को 7 विकेट से हराया; अब प्रिटोरिया कैपिटल्स से होगा खिताबी मुकाबला
सनराइजर्स ईस्टर्न केप (SEC) ने साउथ अफ्रीका टी-20 लीग (SA20) के फाइनल में जगह बना ली है। शुक्रवार को खेले गए क्वालिफायर-2 के मुकाबले में सनराइजर्स ने पार्ल रॉयल्स (PR) को 7 विकेट से शिकस्त दी। सनराइजर्स की टीम 2023 में लीग की शुरुआत से अब तक लगातार चार सीजन में चौथी बार फाइनल में पहुंची है। अब रविवार को केप टाउन में होने वाले खिताबी मुकाबले में सनराइजर्स का सामना प्रिटोरिया कैपिटल्स से होगा। क्वालिफायर-1 में प्रिटोरिया ने ही सनराइजर्स को हराया था। पार्ल रॉयल्स 114 रन ही बना सकी पॉल रॉयल्स की टीम वांडरर्स की सूखी पिच पर 114 रन ही बना सकी। सनराइजर्स के स्पिनर्स ने पार्ल रॉयल्स के बल्लेबाजों को टिकने का मौका नहीं दिया। पिच पर काफी टर्न और असमान उछाल था, जिसका फायदा उठाते हुए लेफ्ट आर्म स्पिनर सेनुरन मुथुसामी ने 4 ओवर में मात्र 15 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं, जेम्स कोल्स ने भी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 15 रन देकर 1 विकेट लिया, जिसमें एक मेडन ओवर भी शामिल था। पार्ल रॉयल्स के कप्तान डेविड मिलर चोट की वजह से इस मैच में नहीं खेल सके थे। काइल वेरेन नाबाद 52 रन बनाए काइल वेरेन नेअकेले दम पर पॉल रॉयल्स का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। पार्ल रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था, लेकिन उनकी शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने पावरप्ले में ही अपने टॉप ऑर्डर के विकेट गंवा दिए। विकेटकीपर-बल्लेबाज काइल वेरेन ने एक छोर संभाले रखा और 46 गेंदों पर नाबाद 52 रनों की पारी खेली। वेरेन ने अपनी पारी में स्पिनर्स के खिलाफ संभलकर खेला और तेज गेंदबाजों पर रन बटोरे। उनकी इसी मेहनत की बदौलत टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 114 रन तक पहुंच पाई। क्विंटन डिकॉक की तूफानी शुरुआत: 12 गेंदों में बनाए 25 रन छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स की टीम ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपनाया। क्विंटन डिकॉक ने पहले ही ओवर में तीन चौके लगाए और अगले ओवर में दो छक्के और एक चौका जड़कर टीम को तेज शुरुआत दी। हालांकि, वे 25 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन तब तक सनराइजर्स मैच पर अपनी पकड़ बना चुकी थी। पावरप्ले खत्म होने तक टीम ने 3 विकेट खोकर 56 रन बना लिए थे। जेम्स कोल्स का ऑलराउंड खेल गेंदबाजी में किफायती रहने वाले जेम्स कोल्स ने बल्लेबाजी में भी अपना दम दिखाया। उन्होंने मात्र 19 गेंदों पर 45 रनों की नाबाद पारी खेलकर मैच को एकतरफा कर दिया। कोल्स ने पार्ट-टाइम गेंदबाजों के खिलाफ जमकर रन बनाए और 12वें ओवर में ही छक्का मारकर अपनी टीम को जीत दिला दी। सनराइजर्स ने यह लक्ष्य 50 गेंदें शेष रहते ही हासिल कर लिया। दूसरी पारी में टर्न हुआ कम मैच के दौरान एक दिलचस्प बात यह रही कि पिच का मिजाज दूसरी पारी में बदल गया। पहली पारी में सनराइजर्स के स्पिनर्स को औसत 5.1 डिग्री का टर्न मिल रहा था, जो काफी ज्यादा था। लेकिन दूसरी पारी में जब पार्ल रॉयल्स के स्पिनर्स गेंदबाजी करने आए, तो टर्न घटकर सिर्फ 1.8 डिग्री रह गया। ओस या पिच के सेट होने की वजह से बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान हो गया था। ___________ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें... भारत ने छठी बार 200+ का टारगेट चेज किया:ईशान को कप्तान ने गले से लगाया, सूर्या की 23 इनिंग बाद फिफ्टी; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स रायपुर में भारत ने न्यूजीलैंड को 28 गेंद रहते हरा दिया। 200 से ज्यादा रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए यह भारत की अब तक की सबसे तेज जीत रही। टीम इंडिया ने 209 रन का टारगेट सिर्फ 15.2 ओवर में 3 विकेट खोकर हासिल किया और छठी बार 200+ का टारगेट चेज किया। इसके साथ ही सीरीज में भारत ने लगातार दूसरी जीत हासिल कर ली। पूरी खबर
अविमुक्तेश्वरानंद बोले- केशव मौर्य समझदार, CM बनाना चाहिए:धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- सनातन का मजाक न बनाएं, दोनों सनातनी...समझौता कर लें
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 6 दिनों से विवाद जारी है। इसी बीच, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कोटा में कहा- दोनों पक्ष सनातनी हैं, आपस में बैठकर समझौता करें। सनातन का मजाक बनने से कोई फायदा नहीं। वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य को समझदार नेता बताया। कहा- डिप्टी सीएम समझदार हैं, ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री होना चाहिए। वो समझते हैं कि अफसरों से गलती हुई। जो अकड़ में बैठा हो, उसे मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए। दरअसल, यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने गुरुवार को कहा था- पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम करता हूं। उनसे प्रार्थना करता हूं कि स्नान करें। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत शुक्रवार सुबह बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार था। 5 घंटे दवा खाकर आराम करते रहे। मेला प्रशासन से टकराव के चलते अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या के बाद वसंत पंचमी का भी संगम स्नान नहीं किया। अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है- जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगता, तब तक मैं स्नान नहीं करूंगा। फिलहाल, अविमुक्तेश्वरानंद को दो नोटिस भेजने के बाद से अफसर चुप्पी साधे हैं। मौनी अमावस्या पर क्या हुआ था, जानिए 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा। विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए थे। प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को 48 घंटे में दो नोटिस जारी किए। पहले नोटिस में उनके शंकराचार्य की पदवी लिखने पर सवाल पूछे गए थे, जबकि दूसरे नोटिस में मौनी अमावस्या को लेकर हुए बवाल पर सवाल पूछे गए। प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि क्यों न आपको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए। अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिस के जवाब भेज दिए थे। शंकराचार्य विवाद और माघ मेले से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए...
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