अविमुक्तेश्वरानंद बोले- केशव मौर्य समझदार, CM बनाना चाहिए:धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- सनातन का मजाक न बनाएं, दोनों सनातनी...समझौता कर लें
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 6 दिनों से विवाद जारी है। इसी बीच, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कोटा में कहा- दोनों पक्ष सनातनी हैं, आपस में बैठकर समझौता करें। सनातन का मजाक बनने से कोई फायदा नहीं। वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य को समझदार नेता बताया। कहा- डिप्टी सीएम समझदार हैं, ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री होना चाहिए। वो समझते हैं कि अफसरों से गलती हुई। जो अकड़ में बैठा हो, उसे मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए। दरअसल, यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने गुरुवार को कहा था- पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम करता हूं। उनसे प्रार्थना करता हूं कि स्नान करें। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत शुक्रवार सुबह बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार था। 5 घंटे दवा खाकर आराम करते रहे। मेला प्रशासन से टकराव के चलते अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या के बाद वसंत पंचमी का भी संगम स्नान नहीं किया। अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है- जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगता, तब तक मैं स्नान नहीं करूंगा। फिलहाल, अविमुक्तेश्वरानंद को दो नोटिस भेजने के बाद से अफसर चुप्पी साधे हैं। मौनी अमावस्या पर क्या हुआ था, जानिए 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा। विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए थे। प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को 48 घंटे में दो नोटिस जारी किए। पहले नोटिस में उनके शंकराचार्य की पदवी लिखने पर सवाल पूछे गए थे, जबकि दूसरे नोटिस में मौनी अमावस्या को लेकर हुए बवाल पर सवाल पूछे गए। प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि क्यों न आपको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए। अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिस के जवाब भेज दिए थे। शंकराचार्य विवाद और माघ मेले से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए...
हिमाचल में दो दिन बारिश और बर्फबारी:शिमला में आधा, कुफरी-नारकंडा में 1-1 फीट तक बर्फ पड़ी, तापमान 13 डिग्री गिरा; सैलानियों की भीड़ बढ़ी
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। शुक्रवार से शुरू हुई बर्फबारी शनिवार को भी जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार शिमला के जाखू में करीब आधा फीट बर्फबारी हुई है, जबकि कुफरी, नारकंडा और आसपास के पर्यटन स्थलों पर एक फीट से अधिक बर्फ जमी है। मनाली में भी आधा फीट से ज्यादा बर्फबारी दर्ज की गई है। इसके अलावा चंबा और लाहौल-स्पीति के कई क्षेत्रों में भारी हिमपात हुआ है। लगातार बर्फबारी के कारण प्रदेश के कई इलाकों का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से कट गया है। उधर, बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश के तापमान में जबरदस्त गिरावट आई है। हिमाचल का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़क गया है, जबकि बीते 24 घंटों में तापमान में करीब 13 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दो से तीन दिनों के दौरान तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के कारण 23 से 27 जनवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। 24 और 25 जनवरी को ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। 27 जनवरी को एक बार फिर कई क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर कोल्ड-डे, घना कोहरा, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी भी जारी की है। भारी बर्फबारी को देखते हुए लोगों और पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। शुक्रवार को भी कुछ टूरिस्ट बर्फबारी के कारण फंस गए थे, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर शिमला पहुंचाया था। कई शहरों में वाहनों की आवाजाही ठप अपर शिमला में ठियोग, रोहड़ू, रामपुर और चौपाल क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। कुल्लू जिले के कई क्षेत्रों के संपर्क मार्ग भी बाधित हुए हैं, जबकि लाहौल-स्पीति जिले का संपर्क पूरी तरह कट गया है। चंबा के भरमौर और पांगी क्षेत्रों में भी सड़क संपर्क टूट गया है। शिमला में बन गई थी ब्लैक आउट की स्थिति राजधानी शिमला में भारी बर्फबारी के चलते शुक्रवार सुबह से ब्लैक-आउट की स्थिति बनी रही। शहर के करीब 95 प्रतिशत इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप रही। देर शाम तक कुछ क्षेत्रों में बिजली बहाल की जा सकी, लेकिन बर्फीले तूफान और खराब मौसम के कारण आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। प्रदेशभर में 550 से ज्यादा सड़कें और 950 से अधिक बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए हैं। पांगी और भरमौर का संपर्क कटा चंबा के पांगी व भरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों का प्रदेश के अन्य हिस्सों से संपर्क कट गया है। इसके चलते 600 से ज्यादा रूटों पर एचआरटीसी और निजी बस सेवाएं भी प्रभावित रहीं। कुल्लू जिले में भारी बर्फबारी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन कुल्लू और बंजार उपमंडल में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया है। उपायुक्त कुल्लू ने छात्रों और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है। होटल और पर्यटन कारोबार को राहत ताजा बर्फबारी से प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर रौनक लौट आई है और बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल का रुख कर रहे हैं, जिससे होटल और पर्यटन कारोबार को राहत मिली है। वहीं किसानों और बागवानों के लिए यह बर्फबारी संजीवनी साबित हो रही है। हालांकि, खराब मौसम के कारण आम लोगों को आवाजाही, बिजली और संचार से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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