अमेरिका में भारतीयों से जुड़े तीन इमिग्रेशन मामलों में अदालत ने सुनाए फैसले
वाशिंगटन, 24 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका की तीन संघीय अदालतों ने इस सप्ताह ऐसे फैसले दिए हैं जिनमें इमिग्रेशन अधिकारियों के कामकाज और गैर-नागरिकों की हिरासत पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इन मामलों में भारतीय नागरिकों को आंशिक राहत मिली है या उनके मुकदमों को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई है।
मिशिगन में एक फेडरल जज ने इमिग्रेशन अधिकारियों को आदेश दिया कि वे एक भारतीय शरणार्थी आवेदक को जमानत सुनवाई (बॉन्ड हियरिंग) दें या फिर उसे तुरंत रिहा करें। वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ मिशिगन की यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने कहा कि हरजोत सिंह को जुलाई 2025 से आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) द्वारा हिरासत में रखा जाना गैरकानूनी है।
हरजोत सिंह मई 2022 में अमेरिका पहुंचे थे और बाद में उन्होंने शरण के लिए आवेदन किया। हिरासत की जगह न होने के कारण उन्हें पहले पैरोल पर देश में रहने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद उन्हें वर्क ऑथराइजेशन और सोशल सिक्योरिटी नंबर भी मिला, लेकिन एक नियमित चेक-इन के दौरान आईसीई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
अदालत ने कहा कि सिंह पर अनिवार्य हिरासत के नियम लागू नहीं होते और उनकी हिरासत संविधान के पांचवें संशोधन के तहत मिलने वाले अधिकारों का उल्लंघन है। जज ने आदेश दिया कि आईसीई पांच कार्यदिवसों के भीतर बॉन्ड हियरिंग करे या उन्हें तुरंत रिहा करे।
वाशिंगटन डीसी में एक अन्य फेडरल जज ने दिव्या वेणिगल्ला (जो एक भारतीय नागरिक हैं) की याचिका के एक हिस्से को आगे बढ़ने की अनुमति दी। वेणिगल्ला ने यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) के खिलाफ मुकदमा किया था, जिसमें उन्होंने अपने इमिग्रेंट इन्वेस्टर ग्रीन कार्ड आवेदन की अपील के तरीके पर सवाल उठाया।
उन्होंने समय पर अपील दाखिल की थी, लेकिन हस्ताक्षर वाला पेज न होने के कारण उसे खारिज कर दिया गया। बाद में उन्होंने पूरा दस्तावेज दोबारा जमा किया, लेकिन एजेंसी ने इसे देरी से दाखिल बताकर खारिज कर दिया और उनके इस तर्क पर विचार नहीं किया कि समय सीमा में रियायत (इक्विटेबल टोलिंग) मिलनी चाहिए थी।
अदालत ने उनकी कुछ मांगों को खारिज किया, लेकिन कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया कानून के तहत उनका मामला आगे बढ़ सकता है। जज के मुताबिक, एजेंसी ने उनके तर्क पर विचार न करके कानून का उल्लंघन किया हो सकता है।
मिसौरी में, हर्ष कुमार पटेल नामक एक भारतीय नागरिक के मामले में अदालत ने मिला-जुला फैसला दिया। पटेल एक सशस्त्र डकैती के शिकार थे और उन्होंने यू वीजा के लिए आवेदन किया था। अदालत ने उनकी कुछ मांगें खारिज कीं, लेकिन कहा कि यू वीजा वेटिंग लिस्ट में नाम डालने में हुई देरी को लेकर उनका केस आगे चल सकता है।
--आईएएनएस
वीकेयू/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान : खैबर पख्तूनख्वा में शादी समारोह के दौरान आत्मघाती हमला, कम से कम छह लोगों की मौत
इस्लामाबाद, 24 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में एक शादी समारोह के दौरान आत्मघाती हमला हुआ। इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह घटना शुक्रवार देर रात डेरा इस्माइल खान जिले में हुई, जिसकी जानकारी स्थानीय मीडिया ने शनिवार को दी।
हमला अमन (शांति) समिति के प्रमुख नूर आलम महसूद के घर को निशाना बनाकर किया गया। उसी समय वहां शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इस घटना में नूर आलम महसूद भी घायल हुए हैं। विस्फोट होते ही शादी स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रमुख ब्रॉडकास्टर जियो न्यूज़ के अनुसार, धमाके में कई लोग घायल हो गए और उन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पतालों में ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि धमाके की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है, लेकिन शुरुआती जांच में यह आत्मघाती हमला ही माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, धमाके के बाद हमलावरों ने फायरिंग भी की।
घटना के बाद जांच टीमें और फॉरेंसिक विशेषज्ञ कई घंटों तक मौके पर मौजूद रहे और सबूत इकट्ठा किए गए, ताकि हमलावर और उसके पीछे के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पाकिस्तानी प्रमुख दैनिक द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने बताया कि धमाके वाली जगह से आत्मघाती हमलावर का कटा हुआ सिर बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि हमलावर की उम्र करीब 17 साल थी। इस सिर को जांच और पहचान के लिए कब्जे में ले लिया गया है।
केपी के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने प्रांतीय पुलिस प्रमुख से तुरंत रिपोर्ट मांगी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा दी जाए। मुख्यमंत्री ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि हमले के जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान, जो अफगानिस्तान से सटे हुए हैं, हाल के दिनों में ऐसे हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं। यह पहली बार नहीं था जब दक्षिण वजीरिस्तान में महसूद शांति कमेटी के प्रमुख नूर आलम महसूद को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले 2022 में डेरा इस्माइल खान में उनके कार्यालय पर दो आत्मघाती हमलावरों ने हमला करने की कोशिश की थी। हालांकि उस समय दोनों हमलावर मारे गए थे और हमला नाकाम हो गया था।
पिछले महीने भी डेरा इस्माइल खान में पुलिस वाहन पर बम हमले में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज द्वारा जारी डेटा के अनुसार, पिछले साल पाकिस्तान में कुल हिंसा में 25 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई, जिसमें आम नागरिकों, सुरक्षा बलों और अपराधियों से जुड़ी हिंसा में कम से कम 3,187 मौतें और 1,981 लोग घायल हुए।
इन मामलों में सबसे ज्यादा नुकसान खैबर पख्तूनख्वा को उठाना पड़ा, जहां कुल मौतों का करीब 68 प्रतिशत और घटनाओं का 62 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया।
--आईएएनएस
एएस/
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