प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल की सत्तारूढ़ वाम-लोकतांत्रिक गठबंधन (एलडीएफ) सरकार पर सबरीमाला मंदिर की परंपराओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा के सत्ता में आने पर सोने की चोरी के मामले की पूरी जांच का वादा किया। तिरुवनंतपुरम में एक सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पूरा देश, हम सभी, भगवान अय्यप्पा में अटूट आस्था रखते हैं। हालांकि, एलडीएफ सरकार ने सबरीमाला मंदिर की परंपराओं को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब यहां से सोने की चोरी की खबरें आ रही हैं। मंदिर से, भगवान के ठीक बगल से सोना चोरी होने की खबरें आ रही हैं। मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं: जैसे ही यहां भाजपा की सरकार बनेगी, इन आरोपों की पूरी जांच होगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा। यह मोदी का आश्वासन है।
सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में मंदिर के पवित्र अवशेषों, जिनमें श्रीकोविल (गर्भगृह) के द्वार के फ्रेम और द्वारपाल की मूर्तियाँ शामिल हैं, से लगभग 4.54 किलोग्राम सोने की हेराफेरी का आरोप है। यह चोरी कथित तौर पर 2019 में मंदिर की संरचनाओं की मरम्मत और स्वर्ण-चढ़ाई के बहाने की गई थी। इस विवाद की जड़ें 1998 में उद्योगपति विजय माल्या द्वारा किए गए दान में निहित हैं, जिन्होंने सबरीमाला अय्यप्पा मंदिर में सोने की परत चढ़ाने और आवरण कार्य के लिए 30.3 किलोग्राम सोना और 1,900 किलोग्राम तांबा दान किया था। बाद में हुई जांच और अदालत की निगरानी में हुई पूछताछ में दान किए गए सोने और कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मात्रा में विसंगतियां पाई गईं।
प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि एलडीएफ सरकार के शासनकाल में भ्रष्टाचार ने केरल के विकास को नुकसान पहुंचाया है और बैंक बचत को प्रभावित किया है। उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार सहकारी बैंक घोटाले जैसे घोटालों में लूटे गए धन की वसूली करेगी। पीएम मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार ने केरल के विकास को बुरी तरह प्रभावित किया है। एलडीएफ के शासनकाल में बैंकों में जमा बचत भी प्रभावित हुई है। सहकारी बैंक घोटाले के कारण गरीब और मध्यम वर्ग की मेहनत की कमाई लूट ली गई है... भाजपा को मौका दीजिए, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लुटेरों से एक-एक रुपया वापस लिया जाए।
उन्होंने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा की हालिया जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केरल में पार्टी की नींव है और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीत का प्रतीक है, साथ ही सुशासन और विकास का वादा भी करती है। उन्होंने कहा, “तिरुवनंतपुरम में भाजपा की जीत साधारण नहीं है। यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। तिरुवनंतपुरम ने केरल में भाजपा सरकार की नींव रखी है। आपने भाजपा को तिरुवनंतपुरम नगर निगम में सेवा करने का अवसर दिया। इसकी गूंज न केवल केरल में बल्कि पूरे देश में सुनाई देती है। यह सुशासन के लिए काम करने वाली पार्टी की जीत है। यह जीत 'विकसित केरल' के निर्माण के लिए है। यह जीत एलडीएफ और यूडीएफ के भ्रष्टाचार से केरल को मुक्त करने की प्रतिबद्धता की जीत है।”
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रूसी तेल को लेकर भारत के पीछे पड़े अमेरिका और पश्चिमी देशों में बवाल तब मच गया जब उन्हें यह पता चला कि भारत अब रूस से ऐसी चीज खरीद रहा है जिस पर सेंशंस का भी असर नहीं होता। यह ऐसी चीज है जिसने अमेरिकी डॉलर की जड़े काटनी शुरू कर दी हैं। रूस की एक न्यूज़ एजेंसी ने बताया है कि भारत ने पिछले साल के पहले 10 महीनों में रूस से $5 करोड़ डॉलर यानी करीब 458 अरब भारतीय रुपए से ज्यादा का सोना खरीद लिया है। भारत ने विदेशों में जमा अपना सोना देश वापस लाना शुरू कर दिया है। भारत ने दुनिया की सबसे सेफ इन्वेस्टमेंट माने जाने वाले यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स को बेचना शुरू कर दिया है। उसकी जगह भारत ने रिकॉर्ड तोड़ सोना खरीदना शुरू कर दिया है। दरअसल अमेरिका के खिलाफ पूरी दुनिया में एक साइलेंट क्रांति शुरू हो गई है। अब इसी क्रांति को भारत और रूस ने अचानक नया मोड़ दे दिया है। अभी तक अमेरिका के ट्रेजरी बॉन्ड्स को दुनिया की पहली पसंद माना जाता था। यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स दुनिया की सबसे सेफ इन्वेस्टमेंट में गिने जाते थे। यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स ट्रस्ट का दूसरा नाम बन चुके थे।
दुनिया भर के सेंट्रल बैंक्स ने यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स में अंधा पैसा लगा रखा था। आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि दुनिया में सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट ट्रेजरी बॉन्ड्स में होती थी। दूसरे नंबर पर सोना आता था। लेकिन अब 30 साल में पहली बार दुनिया के सेंट्रल बैंक्स में यूएस ट्रेजरी बॉन्ड से ज्यादा गोल्ड रिजर्व्स आ गए हैं। यानी अमेरिकी डॉलर से दुनिया का विश्वास उठ रहा है। दुनिया भर के सेंट्रल बैंक्स के पास अब 4.5 ट्रिलियन का गोल्ड रिजर्व है। जबकि यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स $3.5 ट्रिलियन तक आगए हैं। अमेरिकी डॉलर के खिलाफ इस बगावत में टर्निंग पॉइंट बना फरवरी 2022 में शुरू हुआ रूस यूक्रेन युद्ध। अचानक एक दिन पश्चिमी देशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए यह ऐलान कर दिया कि वह विदेशों में जमा रूस के 300 बिलियन डॉलर्स को फ्रीज कर रहे हैं। यानी एक झटके में पश्चिमी देशों ने रूस के अरबों रुपए फंसा दिए। इसे देख दुनिया के कई देशों को लगा कि अगर यह रूस के साथ हो सकता है तो हमारे साथ भी हो सकता है।
इनमें सबसे ज्यादा डर भारत और चीन को था। यहीं से दुनिया के कई देशों का अमेरिकी डॉलर से भरोसा उठने लगा क्योंकि अमेरिका अपने डॉलर का इस्तेमाल हथियार की तरह करने लगा था। लेकिन भारत ने अमेरिका की इस स्ट्रेटजी को पलट कर रख दिया है। पिछले कुछ समय में रूस ने अपने गोल्ड रिजर्व्स को डबल कर लिया है। भारत भी विदेशी बैंकों में जमा अपना सोना वापस देश ला रहा है। सैकड़ों टन नया सोना खरीदा जा रहा है। यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स को बेचा जा रहा है। भारत और रूस को समझ आ गया है कि जंग का असर डॉलर पर तो पड़ सकता है लेकिन सोने पर नहीं पड़ेगा।
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