आर्मी के जवानों ने भी गाया Kirish Ka Gaana, रिपब्लिक डे परेड की प्रेक्टिस से सामने आया VIDEO
सोशल मीडिया पर किरिस का गाना तो आपने भी जरूर सुना होगा. गाना झारखंड के रहने वाले पिंटू प्रसाद ने गाया. ये गाना मूल रूप से ऋतिक रोशन की फिल्म कृष का है. इस गाने का क्रेज का आलम देखिए कि अनुशासित और नियमों का सख्ती से पालन करने वाली भारतीय सेना भी इसकी दीवानी हो गई है.
कर्तव्य पथ हो रही परेड
कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल के दौरान, भारतीय सेना के जवानों ने दिल ना दिया का गाना गया. इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इसके साथ ही असम रेजिमेंट के जवानों द्वारा गया बदलूराम का बदन गाना भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
Kiris ka sunega Gana..Le bete ????
— TRIDENT (@TridentxIN) January 20, 2026
INDIAN Army personnel warm up ahead of the Republic Day parade rehearsal. pic.twitter.com/OmtDN27kOm
ऐसे सेना ने गयाा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा गाना
वीडियो 20 जनवरी का है. सुबह के वक्त सेना के जवान परेड की रिहर्सल कर रहे थे. जवान प्रैक्टिस करके थक चुके थे, जिस वजह से डीआई (ड्रिल इंस्ट्रक्टर) ने सोचा कि थोड़ी देर इन्हें रिलैक्स करवा दें. डीआई ही जवानों को ड्रिल सिखाते हैं. वे स्वभाव के बहुत कड़क होते हैं. रिहर्सल के दौरान उन्होंने जवानों से मूड रिलैक्स करने के लिए गाना गाने को कहा, जिसके बाद जवानों ने इंटरनेट पर वायरल हो रहा गाना शुरू कर दिया.
सेना के गाने को मिल रहा खूब प्यार
इस गाने को सोशल मीडिया पर खूब सराहना मिल रही है, लोग इसे खूब शेयर कर रहे हैं और अपना प्यार बरसा रहे हैं.
77वें गणतंत्र दिवस परेड में ये होंगे मुख्य अतिथि
26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन होगा. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा (António Costa) और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. कार्यक्रम में देशभर से करीब 10 हजार विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया गया है. कार्यक्रम में सेना की विभिन्न रेजिमेंट, एनसीसी और एनएसएस के जवान परेड करेंगे. आर्मी के बैंड्स विशेष प्रस्तुति देंगे.
वज्रदंती: मसूड़ों की सूजन, दर्द या बदबू? हर समस्या की छुट्टी कर देगा ये छोटा सा फूल
नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। वज्रदंती एक छोटा-सा दिखने वाला, लेकिन बहुत असरदार औषधीय फूल है, जिसे आयुर्वेद में दांतों और मसूड़ों का सच्चा दोस्त माना गया है। गांव-देहात से लेकर आयुर्वेदिक दवाओं तक, वज्रदंती का इस्तेमाल सालों से होता आ रहा है।
अगर आपको मसूड़ों की सूजन, दांतों में दर्द, खून आना या मुंह से बदबू जैसी समस्याएं परेशान कर रही हैं तो यह फूल आपकी बड़ी मदद कर सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना किसी साइड इफेक्ट के धीरे-धीरे समस्या की जड़ पर काम करता है।
वज्रदंती में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मसूड़ों में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं। अक्सर मसूड़ों की सूजन और दर्द की वजह गंदगी और कीटाणु होते हैं, जो दांतों के बीच जमा हो जाते हैं। वज्रदंती इन कीटाणुओं को साफ करने का काम करता है और मसूड़ों को मजबूत बनाता है। यही वजह है कि कई आयुर्वेदिक टूथपेस्ट और दंत मंजन में वज्रदंती का इस्तेमाल किया जाता है।
मुंह से बदबू आना ओरल हेल्थ की एक आम समस्या है, जो कई बार शर्मिंदगी का कारण भी बन जाती है। वज्रदंती इस परेशानी में भी काफी कारगर है। यह मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करता है और सांसों को ताजगी देता है। अगर रोज सुबह वज्रदंती युक्त दंत मंजन या टूथपेस्ट से दांत साफ किए जाएं तो बदबू की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है। पुराने समय में लोग वज्रदंती के पत्तों या फूल को सुखाकर उसका चूर्ण बनाते थे और उसी से दांत साफ करते थे।
दांतों के दर्द में भी वज्रदंती राहत पहुंचाता है। अगर दांतों में हल्का-फुल्का दर्द या झनझनाहट रहती है, तो वज्रदंती सूजन को कम करके आराम देता है। इसके नियमित इस्तेमाल से दांतों की पकड़ मजबूत होती है और मसूड़ों से खून आना भी धीरे-धीरे बंद हो जाता है। यही कारण है कि बुजुर्ग लोग आज भी वज्रदंती को दांतों की समस्याओं के लिए भरोसेमंद उपाय मानते हैं।
--आईएएनएस
पीआईएम/डीकेपी
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