बिहारी टैलेंट! 16 साल के बच्चे ने बना डाला कबाड़ से राफ्टर प्लेन, ड्रोन पर कर रहा काम
देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है. बच्चों से लेकर बड़ों तक, अगर थोड़ी सी मदद और सही दिशा मिल जाए तो वे जुगाड़ से लेकर आधुनिक तकनीक तक हर क्षेत्र में कमाल कर दिखाते हैं. वैसे तो प्रतिभाशाली लोग हर राज्य में मिल जाते हैं, लेकिन बिहार के लोग खास तौर पर मेहनती और जुनूनी माने जाते हैं. बुद्ध की धरती बिहार ने अनगिनत टैलेंटेड लोग दिए हैं. यहां लोग कम पूंजी और सीमित संसाधनों में भी बेहतरीन काम कर लेते हैं. इसी का उदाहरण हैं पटना जिले के मसौढ़ी के 16 वर्षीय उज्ज्वल राज, जिन्होंने कबाड़ से मात्र 15 हजार रुपये में हवाई जहाज बनाकर उसे उड़ाया. उज्ज्वल 12वीं के छात्र हैं और बचपन से ही तकनीक में उनकी गहरी रुचि रही है.
मंदिरों में जात लगाने के लिए किराए पर लिया जाता था ऊंट! बहियों में दर्ज है हैरान करने वाली परंपरा
Bikaner News: आज के समय में मंदिर निर्माण आधुनिक साधनों से किया जाता है, लेकिन प्राचीन काल में इसके लिए अनोखी व्यवस्थाएं होती थीं. ऐतिहासिक बहियों और पुराने दस्तावेजों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि मंदिरों में जात लगाने यानी निर्माण सामग्री ढोने के लिए ऊंटों को किराए पर लिया जाता था. ऊंट उस दौर में भारी पत्थर, चूना और लकड़ी ढोने का मुख्य साधन थे. बहियों में ऊंट के किराए, मालिक का नाम और तय अवधि तक का पूरा विवरण दर्ज किया जाता था. यह परंपरा उस समय की संगठित व्यवस्था और आर्थिक लेन-देन को दर्शाती है. साथ ही यह जानकारी हमें हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास की समृद्ध झलक भी देती है.
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