मंदिरों में जात लगाने के लिए किराए पर लिया जाता था ऊंट! बहियों में दर्ज है हैरान करने वाली परंपरा
Bikaner News: आज के समय में मंदिर निर्माण आधुनिक साधनों से किया जाता है, लेकिन प्राचीन काल में इसके लिए अनोखी व्यवस्थाएं होती थीं. ऐतिहासिक बहियों और पुराने दस्तावेजों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि मंदिरों में जात लगाने यानी निर्माण सामग्री ढोने के लिए ऊंटों को किराए पर लिया जाता था. ऊंट उस दौर में भारी पत्थर, चूना और लकड़ी ढोने का मुख्य साधन थे. बहियों में ऊंट के किराए, मालिक का नाम और तय अवधि तक का पूरा विवरण दर्ज किया जाता था. यह परंपरा उस समय की संगठित व्यवस्था और आर्थिक लेन-देन को दर्शाती है. साथ ही यह जानकारी हमें हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास की समृद्ध झलक भी देती है.
कांग्रेस की सेक्युलर पॉलिटिक्स पर ओवैसी पड़े भारी, क्या मुस्लिमों ने अपना नया नेता तय कर लिया?
क्या कांग्रेस की सेक्युलर पॉलिटिक्स पर असदुद्दीन ओवैसी की सियासत भारी पड़ रही है? बिहार में जो हुआ, उसे संयोग कहा गया, लेकिन महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने इस पर मुहर लगा दी है. साफ है कि ओवैसी की सियासी पावर बढ़ रही है. मुस्लिमों की पसंद में वो नंबर-1 की राह पर हैं. तो क्या मुस्लिमों ने अपना नया नेता तय कर लिया है?
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18




















