Responsive Scrollable Menu

Atal Pension Yojana: केंद्रीय कैबिनेट का अटल पेंशन योजना को लेकर बड़ा फैसला, 2031 तक बढ़ी स्कीम की तारीख

Atal Pension Yojana: मोदी सरकार ने असंगठित और कम आय वर्ग के करोड़ों लोगों को राहत देते हुए अटल पेंशन योजना (APY) को 2030-31 तक जारी रखने का अहम फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. यह निर्णय उन कामगारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का कोई ठोस साधन नहीं होता. सरकार का यह कदम बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक पहल माना जा रहा है.

सरकारी सहयोग और फंडिंग जारी

कैबिनेट के फैसले के तहत अटल पेंशन योजना के लिए सरकारी सहयोग पहले की तरह जारी रहेगा. इसमें योजना के प्रचार-प्रसार, जागरूकता बढ़ाने, क्षमता निर्माण और प्रशासनिक विकास से जुड़ी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता शामिल है. इसके अलावा, भविष्य में पेंशन भुगतान को सुचारु बनाए रखने के लिए गैप फंडिंग को भी मंजूरी दी गई है, ताकि योजना लंबे समय तक आर्थिक रूप से टिकाऊ बनी रहे और लाभार्थियों को किसी तरह की अनिश्चितता का सामना न करना पड़े.

गारंटीड मासिक पेंशन की सुविधा

अटल पेंशन योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को 60 वर्ष की आयु के बाद 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की गारंटीड मासिक पेंशन मिलती है. पेंशन की राशि व्यक्ति द्वारा किए गए मासिक योगदान पर निर्भर करती है. यह योजना खासतौर पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों, छोटे दुकानदारों, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिन्हें किसी अन्य औपचारिक पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पाता.

वित्तीय समावेशन को बढ़ावा

सरकार का मानना है कि अटल पेंशन योजना न केवल बुढ़ापे में नियमित आय का सहारा देती है, बल्कि लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाती है. इसी उद्देश्य से सरकार योजना की पहुंच बढ़ाने, सही जानकारी देने और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इससे जोड़ने पर जोर दे रही है. कैबिनेट के अनुसार, योजना की सफलता के लिए सरकार का निरंतर समर्थन आवश्यक है.

पेंशनयुक्त समाज की दिशा में कदम

9 मई 2015 को शुरू की गई अटल पेंशन योजना का उद्देश्य देश में 'पेंशनयुक्त समाज' की नींव रखना है, जहां हर नागरिक रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सके. छोटे लेकिन नियमित योगदान के जरिए यह योजना लाखों लोगों को सुरक्षित भविष्य का भरोसा देती है.

बढ़ता जनविश्वास

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 जनवरी 2026 तक अटल पेंशन योजना से 8.66 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं. यह आंकड़ा योजना पर लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है. कैबिनेट का ताजा फैसला साफ संकेत देता है कि सरकार सामाजिक सुरक्षा और बुढ़ापे की वित्तीय स्थिरता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रही है.

यह भी पढ़ें - भारत के पेंट उद्योग का आकार 2030 तक 16.5 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान : रिपोर्ट

Continue reading on the app

मांसाहारी प्रोटीन से बेहतर है प्लांट बेस्ड प्रोटीन, जानें सेवन का तरीका

नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। शरीर को सुचारू रूप से चलाने और मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए प्रोटीन शरीर के लिए बहुत जरूरी है।

जिम में कसरत करने वाले लोग भी अपने डेली रूटीन में प्रोटीन का बड़ा हिस्सा लेते हैं, क्योंकि मांसपेशियों को रिकवर करने के लिए भरपूर मात्रा में प्रोटीन की जरूरत पड़ती है। आमतौर पर लोगों के बीच धारणा है कि प्रोटीन ज्यादातर मांसाहारी चीजों से पाया जा सकता है, और अंडा व मांसाहारी भोजन के सेवन के बिना शरीर कमजोर हो जाता है, लेकिन ये पूरी तरह गलत है।

शाकाहारी लोग प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का सेवन कर सकते हैं। विदेशों से लेकर हमारे देश में भी अब मांसाहारी प्रोटीन लेने के बजाय प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की तरफ लोगों का रुझान बढ़ रहा है। आज हम जानेंगे कि प्लांट-बेस्ड प्रोटीन को कैसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं और इसके क्या-क्या फायदे भी हैं। अभी तक माना गया है कि दूध में कैल्शियम और मीट में प्रोटीन ज्यादा पाया जाता है, लेकिन वहीं बादाम कैल्शियम का सबसे अच्छा और बेहतरीन विकल्प है और अंकुरित दालों से भरपूर प्रोटीन भी मिल सकता है।

पौधों से मिलने वाला प्रोटीन शरीर के लिए ज्यादा उपयोगी होता है, जबकि दूध के अधिक सेवन से शरीर में कई समस्याएं हो सकती है। इसके अलावा कई लोगों में लैक्टोज के प्रति भी असहिष्णुता होती है; इससे पाचन संबंधी परेशानी भी होती है।

दूसरा, मांसाहार में आने वाले प्रोटीन पदार्थों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। मीट, अंडे और रेड मीट रक्त में खराब वसा को बढ़ाते हैं और हृदय से जुड़े रोग होने की संभावना भी रहती है, लेकिन प्लांट-बेस्ड प्रोटीन में कोलेस्ट्रॉल होता ही नहीं है। प्लांट-बेस्ड प्रोटीन शरीर को फाइबर देता है, जिससे गंदगी को बाहर निकलने में मदद मिलती है और शरीर को भरपूर मात्रा में ऊर्जा भी मिलती है।

अब सवाल है कि किन चीजों से प्लांट-बेस्ड प्रोटीन ले सकते हैं। इसके लिए दाल, सोया, टोफू, सूखे मेवे, सीड्स, हरी सब्जियां, कच्ची मूंगफली, और अनाज का सेवन किया जा सकता है। आम इंसान के लिए प्रोटीन अपने शरीर के वजन के आधार पर लिया जाता है। मान लीजिए आपका वजन 50 किलोग्राम है, तो रोजाना आपको अपनी डाइट में 50 ग्राम प्रोटीन जरूरी होगा।

इसके लिए मूंग की दाल को अंकुरित कर सकते हैं, मूंग की दाल का चीला बना सकते हैं, टोफू की सब्जियों के साथ सलाद बना सकते हैं, और बीन्स और राजमा के कबाब या टिक्की बनाकर ले सकते हैं।

--आईएएनएस

पीएस/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

Turning Point: चोटिल होकर मैदान छोड़ने से पहले अक्षर पटेल ने एक बॉल से पलट दिया पूरा मैच, हार में बदल जाती मिली जीत

Turning Point: भारतीय टीम ने विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा के 84 और रिंकू सिंह के तेज 44 रन के दम पर 7 विकेट पर 238 रन का स्कोर खड़ा किया. न्यूजीलैंड की टीम 7 विकेट पर 190 रन ही बना पाई. अक्षर पटेल ने ग्लेन फिलिप्स का अहम विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया. Wed, 21 Jan 2026 22:54:02 +0530

  Videos
See all

Donald Trump says he 'won't use force' to acquire Greenland | BBC Newscast #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-21T22:30:11+00:00

8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की बढ़ गई सैलरी? | Salary Hike | DA Hike | Breaking News | Top #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-21T22:30:06+00:00

8th Pay Commission Latest News: फिटमेंट फैक्टर पर बड़ी खुशखबरी! इतनी बढ़ेगी Salary | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-21T22:00:09+00:00

What is Trump's Board of Peace? | Global News Podcast #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-21T21:30:03+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers