इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार 2025 की घोषणा, अंतरराष्ट्रीय जूरी ने ग्रासा माशेल को चुना
नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार 2025 की घोषणा कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय जूरी ने इस वर्ष यह प्रतिष्ठित सम्मान अफ्रीका की जानी-मानी राजनेता, समाजसेवी और मानवाधिकार कार्यकर्ता ग्रासा माशेल को देने का फैसला किया है।
इस जूरी की अध्यक्षता भारत के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और पूर्व विदेश सचिव शिवशंकर मेनन कर रहे हैं।
जूरी के अनुसार, ग्रासा माशेल का पूरा जीवन आत्म-शासन के संघर्ष, मानवाधिकारों की रक्षा और कमजोर वर्गों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित रहा है। उनका लक्ष्य हमेशा एक न्यायपूर्ण और समान समाज का निर्माण करना रहा है, जिसमें हर व्यक्ति को सम्मान और अवसर मिल सके।
ग्रासा माशेल का जन्म 17 अक्टूबर 1945 को मोजाम्बिक के एक ग्रामीण इलाके में ग्रासा सिम्बिने के रूप में हुआ था। उन्होंने मेथोडिस्ट मिशन स्कूलों में पढ़ाई की और बाद में जर्मन भाषा का अध्ययन करने के लिए लिस्बन विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति प्राप्त की।
वहीं उनके भीतर स्वतंत्रता और राजनीति के प्रति जागरूकता पैदा हुई। 1973 में मोजाम्बिक लौटने के बाद उन्होंने मोजाम्बिक लिबरेशन फ्रंट से जुड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया और शिक्षक के रूप में भी काम किया।
1975 में देश को आजादी मिलने के बाद ग्रासा माशेल मोजाम्बिक की पहली शिक्षा और संस्कृति मंत्री बनीं। उनके कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर छात्रों की भागीदारी में भारी बढ़ोतरी हुई, जहां लड़कों की संख्या 40 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत से अधिक और लड़कियों की भागीदारी 75 प्रतिशत तक पहुंच गई।
1990 के दशक में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर काम करना शुरू किया। संयुक्त राष्ट्र ने उन्हें सशस्त्र संघर्ष का बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव पर एक अहम अध्ययन का नेतृत्व सौंपा। 1996 में आई उनकी रिपोर्ट द इम्पैक्ट ऑफ आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट ऑन चिल्ड्रन ने युद्ध क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र और उसके सदस्य देशों के काम करने के तरीके को नई दिशा दी। इस योगदान के लिए उन्हें 1997 में संयुक्त राष्ट्र का नैनसेन शरणार्थी पुरस्कार और ब्रिटेन का मानद डेम कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर सम्मान मिला।
ग्रासा माशेल कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से भी जुड़ी रहीं। वह द एल्डर्स की संस्थापक सदस्य हैं और गर्ल्स नॉट ब्राइड्स की स्थापना में भी उनकी अहम भूमिका रही है। वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव के सतत विकास लक्ष्य सलाहकार समूह की सदस्य भी हैं। इसके अलावा, वह अफ्रीका चाइल्ड पॉलिसी फोरम की संरक्षक और मंडेला इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट स्टडीज की अध्यक्ष हैं, जहां वह बच्चों और युवाओं के हित में नीतियां बनाने और लागू करने में योगदान देती हैं।
हाल के वर्षों में उन्होंने सामाजिक परिवर्तन पर विशेष ध्यान दिया है। वर्ष 2010 में उन्होंने ग्रासा माशेल ट्रस्ट की स्थापना की, जो महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन को बढ़ावा देता है। उन्होंने जिजिले इंस्टीट्यूट फॉर चाइल्ड डेवलपमेंट की भी शुरुआत की। 2018 में उन्हें महिलाओं और किशोरों के स्वास्थ्य के लिए किए गए कार्यों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन का सर्वोच्च सम्मान, डब्ल्यूएचओ गोल्ड मेडल, प्रदान किया गया।
जूरी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, आर्थिक सशक्तिकरण और कठिन परिस्थितियों में किए गए मानवीय कार्यों के जरिए ग्रासा माशेल ने लाखों लोगों को एक अधिक न्यायपूर्ण और समान दुनिया बनाने की प्रेरणा दी है। इसी असाधारण योगदान के लिए उन्हें इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया जा रहा है।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 फॉर्मेट में 2 भारतीय बल्लेबाजों ने लगाए हैं शतक, क्या उनके नाम जानते हैं आप?
IND vs NZ: भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाने वाली है. सीरीज का पहला मैच 21 जनवरी, बुधवार को नागपुर में खेला जाने वाला है. ये सीरीज अपकमिंग टी-20 वर्ल्ड कप के लिहाज से काफी अहम होने वाली है, इसलिए सभी खिलाड़ी अपने बेस्ट फॉर्म को हासिल करना चाहेंगे. इस बीच क्रिकेट के गलियारों में इस वक्त भारत-न्यूजीलैंड टी-20 सीरीज की चर्चा हो रही है. तो आइए इस आर्टिकल में आपको उन 2 बल्लेबाजों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने इस फॉर्मेट में कीवी टीम के खिलाफ शतक लगाने का कारनामा किया है.
NZ के खिलाफ शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज कौन से हैं?
21 जनवरी, बुधवार को भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेली जाने वाली टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाएगा. इस मैच से पहले उन 2 बल्लेबाजों के बारे में जान लेते हैं, जिन्होंने कीवी टीम के खिलाफ इस फॉर्मेट में सेंचुरी बनाई हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 फॉर्मेट में शतक लगाने वाले बल्लेबाज कोई और नहीं बल्कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और शुभमन गिल हैं.
????️????️ Ishan Kishan will play at no.3
— BCCI (@BCCI) January 20, 2026
Captain @surya_14kumar on the inclusion of @ishankishan51 in #TeamIndia's Playing XI in the 1⃣st T20I against New Zealand. #INDvNZ | @IDFCFIRSTBank pic.twitter.com/sZ3AB7RKVH
जी हां, सूर्या का ये शतक 2022 में न्यूजीलैंड दौरे पर ही आया था. तब उन्होंने 111 रनों की नाबाद पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. शुभमन गिल ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 फॉर्मेट में शतक लगाया था. गिल ने उस मैच में 126 रनों की नाबाद मैच जिताऊ पारी खेली थी.
न्यूजीलैंड के खिलाफ सूर्या और गिल के आंकड़े हैं ऐसे
इस लिस्ट में चौथे नंबर पर सूर्यकुमार यादव का नाम आता है. सूर्या ने 2021 से 2023 तक कीवी टीम के खिलाफ 8 मुकाबले खेले, जिसकी 8 पारियों में उन्होंने 47.33 के औसत और 153.51 की स्ट्राइक रेट से 284 रन बनाए. वहीं, शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 टी-20 मैच खेले हैं, जिसमें 144 रन बनाए हैं.
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