कथित ड्रोन घुसपैठ मामले में तीन संदिग्धों के ठिकानों पर मारा छापा: दक्षिण कोरिया
सोल, 21 जनवरी (आईएएनएस)। दक्षिण कोरियाई पुलिस और सैन्य जांचकर्ताओं की एक संयुक्त टीम ने बुधवार को तीन लोगों के राजधानी स्थित आवास और दफ्तरों पर छापा मारा। नॉर्थ कोरिया की सीमा में ड्रोन उड़ाने के मामले में इन्हें संदिग्ध माना गया है।
नेशनल पुलिस एजेंसी के नेशनल ऑफिस ऑफ इन्वेस्टिगेशन के अनुसार, टीम ने सुबह 8 बजे एविएशन सेफ्टी एक्ट के उल्लंघन के आरोप में तीन आम नागरिकों के खिलाफ तलाशी और जब्ती वारंट जारी किए।
यह संयुक्त जांच पिछले हफ्ते शुरू की गई थी, जब उत्तर कोरिया ने दावा किया था कि सोल ने सितंबर और 4 जनवरी को ड्रोन घुसपैठ कर उसकी संप्रभुता का उल्लंघन किया है। दक्षिण कोरिया की सेना ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है और कहा है कि वह बताए गए ड्रोन मॉडल का संचालन नहीं करती है।
पुलिस ने कहा कि वे सभी संभावनाओं को खुला रखते हुए पूरी जांच करेंगे, लेकिन संदिग्धों की पहचान बताने से इनकार कर दिया।
यह छापा तब मारा गया जब 30 साल के एक ग्रेजुएट छात्र, जिसका उपनाम ओह है, ने पिछले शुक्रवार को प्रसारित एक मीडिया इंटरव्यू में खुद ड्रोन उड़ाने का दावा किया था। टीम ने उसी दिन कथित घुसपैठ के सिलसिले में एक संदिग्ध से भी पूछताछ की थी।
ये दोनों सोल के एक ही विश्वविद्यालय में पढ़ते थे और पूर्व दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून सुक येओल के राष्ट्रपति कार्यालय में काम करते थे। इन्होंने 2024 में विश्वविद्यालय की मदद से एक ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप की सह-स्थापना की थी।
योनहाप समाचार एजेंसी ने बताया कि ओह उत्तर कोरिया पर केंद्रित दो ऑनलाइन समाचार आउटलेट भी चलाता था, जिन्हें अब बंद कर दिया गया है, क्योंकि उन पर एक सैन्य खुफिया एजेंट के गुप्त अभियानों के लिए फ्रंट कंपनियों के रूप में काम करने का आरोप लगा था।
बुधवार के छापे के हिस्से के रूप में, जांचकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में स्थापित स्टार्टअप की तलाशी ली।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों संदिग्धों ने अपने विश्वविद्यालय की एक इंजीनियरिंग लैब में ड्रोन बनाया था। जांचकर्ताओं को सफेद कपड़े से ढकी एक अज्ञात वस्तु को अपनी कार में ले जाते हुए देखा गया।
इस महीने की शुरुआत में, उत्तर कोरिया ने दावा किया था कि दक्षिण कोरिया ने पिछले साल सितंबर और 4 जनवरी को ड्रोन घुसपैठ के जरिए उसकी संप्रभुता का उल्लंघन किया है, और नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने मांग की थी कि सोल इन घटनाओं को स्वीकार करे और माफी मांगे।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
दीपिंदर गोयल ने इटरनल ग्रुप के सीईओ का पद छोड़ने का किया ऐलान, ढींढसा संभालेंगे कंपनी की कमान
नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। देश में फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट का संचालन करने वाली कंपनी इटरनल ग्रुप के सीईओ दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफे का ऐलान किया है। उनकी जगह यह पद अलबिंदर ढींढसा संभालेंगे, जो कि मौजूदा समय में ब्लिंकिट के सीईओ हैं।
कंपनी ने फाइलिंग में कहा कि दीपिंदर गोयल का इस्तीफा एक फरवरी,2026 से लागू होगा।
शेयरधारकों को लिखे एक पत्र में गोयल ने कहा कि हाल ही में उनका रुझान ऐसे नए विचारों की ओर हुआ है जिनमें उच्च स्तर का जोखिम, प्रयोग और अन्वेषण शामिल है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे विचारों को इटरनल जैसी सार्वजनिक कंपनी से बाहर रहकर ही आगे बढ़ाना बेहतर है, क्योंकि इटरनल को अपनी वर्तमान व्यावसायिक रणनीति पर केंद्रित और अनुशासित रहना आवश्यक है। अगर ये विचार इटरनल के रणनीतिक दायरे में आते, तो मैं कंपनी के भीतर ही इन पर काम करता।
अंत में उन्होंने कहा, हालांकि मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि मेरे पास इटरनल में अपने वर्तमान कार्य को जारी रखने और इसके बाहर नए विचारों को तलाशने के लिए पर्याप्त समय है, लेकिन भारत में एक सार्वजनिक कंपनी के सीईओ से कानूनी और अन्य अपेक्षाएं एक ही लक्ष्य पर केंद्रित रहने की मांग करती हैं।
हाल ही में 10-मिनट डिलीवरी को लेकर काफी विवाद हुआ था। सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए क्विक कॉमर्स कंपनियों को 10 मिनट डिलीवरी बंद करने की सलाह दी थी, जिसके बाद कंपनियों ने इसे बंद कर दिया है।
श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रमुख फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से 10 मिनट के सख्त डिलीवरी समय के नियमों को खत्म करने को कहा था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
दिल्ली में मांडविया ने ब्लिंकइट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो के अधिकारियों के साथ चर्चा की थी, जिसमें उन्होंने डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने प्लेटफॉर्म और प्रचार सामग्री से सख्त डिलीवरी समय सीमा हटाने की सलाह दी थी।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















