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Omar Abdullah ने J&K Assembly में चली अपने पिता वाली पुरानी 'चाल', BJP ने हाथ के हाथ दे दिया तगड़ा जवाब

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आज केंद्र शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव के साथ ही सियासी टकराव फिर खुलकर सामने आ गया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सदन में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन प्रस्ताव में वर्ष 2000 और 2024 में पारित पुराने प्रस्तावों का संदर्भ आते ही भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया। देखते ही देखते सदन नारेबाजी, हंगामे और तीखी बहस का अखाड़ा बन गया।

उमर अब्दुल्ला की ओर से पेश प्रस्ताव में साफ कहा गया कि 26 जून 2000 और 6 नवंबर 2024 को सदन द्वारा पारित प्रस्तावों के अतिरिक्त केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने का आग्रह किया जाता है। हम आपको बता दें कि वर्ष 2000 का प्रस्ताव तत्कालीन फारूक अब्दुल्ला सरकार के कार्यकाल में पारित हुआ था और उसमें 1953 से पहले की स्थिति के अनुरूप अधिक स्वायत्तता की मांग की गई थी। यही संदर्भ इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा राजनीतिक विवाद का कारण बन गया।

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उमर अब्दुल्ला ने राज्य के दर्जे की मांग को चुनावी जनादेश और केंद्र के कथित आश्वासन से जोड़ते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों से परिसीमन, चुनाव और फिर राज्य के दर्जे की बहाली की प्रक्रिया का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि परिसीमन और चुनाव हो चुके हैं और अब तीसरा चरण पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने सदन में यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर को आधा-अधूरा राज्य का दर्जा स्वीकार नहीं होगा, बल्कि पूरा राज्य वापस चाहिए।

लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने प्रस्ताव के इस स्वरूप को सीधे चुनौती दी। नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने स्पष्ट किया कि भाजपा राज्य के दर्जे पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन अनुच्छेद 370 या 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव पर किसी बहस की अनुमति नहीं दी जाएगी। शर्मा ने सवाल उठाया कि राज्य के दर्जे के प्रस्ताव में पुराने स्वायत्तता प्रस्ताव को दोबारा जोड़ने की जरूरत ही क्या थी? उन्होंने कांग्रेस से भी अनुच्छेद 370 और स्वायत्तता के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।

उधर, भाजपा के विरोध के बीच पार्टी के सभी विधायक सदन के बीचोंबीच पहुंच गए, नारेबाजी हुई और प्रस्ताव की प्रतियां फाड़े जाने की खबर सामने आई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के चलते कार्यवाही बाधित हुई और विधानसभा को पहले आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा। बाद में भी हंगामा जारी रहा और एक भाजपा विधायक को सदन से बाहर किया गया।

देखा जाये तो इस पूरे टकराव के केंद्र में सिर्फ राज्य का दर्जा नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की भविष्य की संवैधानिक और राजनीतिक दिशा का सवाल भी दिखाई दे रहा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए 2000 का स्वायत्तता प्रस्ताव उसके पुराने राजनीतिक एजेंडे की निरंतरता का प्रतीक है, जबकि भाजपा के लिए अनुच्छेद 370 हटने के बाद उस दौर की संवैधानिक व्यवस्था की ओर लौटने की किसी भी कोशिश को स्वीकार करना राजनीतिक रूप से असंभव है।

यहीं 5 अगस्त 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में हुए बदलाव का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो जाता है। केंद्र सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में बदलाव के बाद आतंकवादी घटनाओं, संगठित पत्थरबाजी और बंद आयोजित करने के मामलों में भारी कमी आई है। वर्ष 2018 में 228 आतंकवादी घटनाओं के मुकाबले 2025 में ऐसे मात्र 12 मामले दर्ज किए गए। साथ ही 2024 में जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की संख्या 2.3 करोड़ से अधिक रही और 2019 के बाद लगभग 18 हजार करोड़ रुपये के निवेश का सरकारी आंकड़ा भी सामने आया है।

मोदी सरकार यह भी रेखांकित करती रही है कि 370 के हटने के बाद पहले लागू न होने वाले अनेक केंद्रीय कानून जम्मू-कश्मीर में लागू हुए और अनुसूचित जाति, वाल्मीकि तथा गोरखा समुदायों सहित विभिन्न वर्गों को पहले की तुलना में समान संवैधानिक अधिकार मिले।

इसलिए विधानसभा का मौजूदा टकराव महज एक प्रस्ताव पर टकराव नहीं है। एक तरफ उमर अब्दुल्ला राज्य के दर्जे को अधूरे वादे की पूर्ति के रूप में पेश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा 2019 के बाद बने नए संवैधानिक ढांचे को किसी भी पुराने स्वायत्तता या 370 आधारित व्यवस्था से जोड़ने के खिलाफ खड़ी है। अब असली राजनीतिक लड़ाई इस बात पर है कि राज्य के दर्जे की मांग को पुराने जम्मू-कश्मीर के एजेंडे से अलग रखा जा सकता है या नहीं।

बहरहाल, विधानसभा का हंगामा साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य के दर्जे से ज्यादा बड़ा मुद्दा उसके साथ जुड़ी राजनीतिक शर्तें और 2000 की स्वायत्तता की विरासत बनने वाली है।

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Spicy Quinoa khichdi: चावल की जगह क्विनोआ से बनाएं स्पाइसी खिचड़ी, स्वाद के साथ मिलेगी हेल्दी डाइट

Spicy Quinoa khichdi: खिचड़ी का नाम सुनते ही आमतौर पर चावल और दाल से बनी पारंपरिक डिश का ख्याल आता है। लेकिन अगर आप रोज के खाने में थोड़ा बदलाव करना चाहते हैं तो क्विनोआ से बनी स्पाइसी खिचड़ी ट्राय कर सकते हैं। इसमें सब्जियों और मसालों का स्वाद इसे सामान्य खिचड़ी से अलग और ज्यादा चटपटा बना देता है।

क्विनोआ को कई लोग अपनी डाइट में शामिल करते हैं क्योंकि यह प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसे दाल, सब्जियों और भारतीय मसालों के साथ पकाकर स्वादिष्ट वन-पॉट मील तैयार किया जा सकता है। खास बात यह है कि इसे नाश्ते, लंच या हल्के डिनर के रूप में भी परोसा जा सकता है।

स्पाइसी क्विनोआ खिचड़ी के लिए सामग्री

  • क्विनोआ - 1 कप
  • मूंग दाल - 1/2 कप
  • प्याज - 1 बारीक कटा
  • टमाटर - 1 बारीक कटा
  • गाजर - 1 छोटी कटी हुई
  • मटर - 1/2 कप
  • शिमला मिर्च - 1/2 कप कटी हुई
  • हरी मिर्च - 1-2 बारीक कटी
  • अदरक - 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ
  • जीरा - 1 छोटा चम्मच
  • हल्दी - 1/2 छोटा चम्मच
  • लाल मिर्च पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
  • धनिया पाउडर - 1 छोटा चम्मच
  • गरम मसाला - 1/2 छोटा चम्मच
  • नमक - स्वादानुसार
  • तेल या घी - 1 बड़ा चम्मच
  • पानी - करीब 3 कप
  • हरा धनिया - सजाने के लिए

क्विनोआ खिचड़ी बनाने की विधि

इस तरह तैयार करें स्पाइसी क्विनोआ खिचड़ी
सबसे पहले क्विनोआ को अच्छी तरह धोकर कुछ मिनट के लिए पानी में भिगो दें। मूंग दाल को भी धोकर अलग रख लें। क्विनोआ को अच्छी तरह धोना जरूरी है, इससे इसकी सतह पर मौजूद प्राकृतिक कड़वाहट कम करने में मदद मिलती है।

अब प्रेशर कुकर या मोटे तले वाले पैन में तेल या घी गर्म करें। इसमें जीरा डालें। जीरा चटकने के बाद अदरक और हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें। इसके बाद प्याज डालें और हल्का सुनहरा होने तक पकाएं।

अब इसमें टमाटर, गाजर, मटर और शिमला मिर्च डालकर 2-3 मिनट भूनें। हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक डालकर मसालों को सब्जियों के साथ अच्छी तरह मिलाएं।

इसके बाद धुली हुई क्विनोआ और मूंग दाल डालें। सभी चीजों को करीब एक मिनट तक भूनने के बाद पानी डालें। मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर प्रेशर कुकर का ढक्कन बंद करें और मध्यम आंच पर करीब 2-3 सीटी आने तक पकाएं।

प्रेशर अपने आप निकलने दें। कुकर खोलने के बाद खिचड़ी को हल्के हाथ से चलाएं। अगर यह ज्यादा गाढ़ी लगे तो थोड़ा गर्म पानी डालकर एक-दो मिनट और पकाया जा सकता है। आखिर में गरम मसाला और हरा धनिया डालें।

स्वाद बढ़ाने के लिए ये चीजें डालें
अगर आपको ज्यादा स्पाइसी स्वाद पसंद है तो खिचड़ी में थोड़ी काली मिर्च, चिली फ्लेक्स या बारीक कटी हरी मिर्च बढ़ा सकते हैं। इसे दही, हरी चटनी या नींबू के साथ परोसने से स्वाद और बेहतर हो जाता है। चाहें तो ऊपर से थोड़ा घी डालकर भी सर्व कर सकते हैं।

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लेखक: (कीर्ति)

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