मेंस क्रिकेट में पहली बार भारत Vs जापान:डिप्लोमेटिक रिश्तों के 75 साल पूरे होने पर मुकाबला, एशियाड का हिस्सा नहीं, सानो में होगा टी-20
मेंस क्रिकेट में पहली बार भारत और जापान के बीच इंटरनेशनल मैच खेला जाएगा। एकमात्र टी-20 मुकाबला सुजुकी कप के नाम से जापान के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर मंगलवार सुबह 9:30 बजे से शुरू होगा। जापान में भारत का यह पहला इंटरनेशनल मुकाबला भी है। भारत-जापान के डिप्लोमेटिक रिलेशन के 75 साल पूरे होने के मौके पर यह मैच आयोजित किया गया है। यह मुकाबला दोनों देशों के बीच खेलों के जरिए सहयोग बढ़ाने वाली ‘स्पोर्ट्स 75’ पहल की शुरुआत का हिस्सा है। एशियन गेम्स का मैच नहीं, भारत के लिए तैयारी का मौका यह मुकाबला एशियन गेम्स का हिस्सा नहीं है। गेम्स की मेंस क्रिकेट प्रतियोगिता दो दिन बाद शुरू होगी। भारत टूर्नामेंट में अपना पहला मैच 28 सितंबर को खेलेगा। भारत और जापान के बीच होने वाला यह टी-20 एशियन गेम्स के वेन्यू से करीब 400 किमी दूर सानो में खेला जाएगा। इसके बावजूद भारत के लिए जापान की परिस्थितियों को समझने का शुरुआती मौका होगा। भारत एशियन गेम्स का डिफेंडिंग चैंपियन है। 2023 के हांगझोउ गेम्स में उसने गोल्ड मेडल जीता था। BCCI की ऑफिशियल जर्सी में खेलेगी टीम इंडिया भारतीय टीम इस मुकाबले में एशियन गेम्स की किट नहीं पहनेगी। खिलाड़ी BCCI की ऑफिशियल जर्सी में उतरेंगे। कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे। ‘स्पोर्ट्स 75’ पहल का मकसद भारत और जापान के बीच खेलों में सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना है। भारत के साथ इंटरनेशनल मैच खेलने वाला 23वां देश होगा जापान भारत 22 देशों के साथ इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुका है। अब जापान 23वां देश होगा। इस मामले में वेस्टइंडीज सबसे ऊपर है, जिसने 24 देशों के साथ इंटनरेशनल मुकाबले खेले हैं। एशिया में बांग्लादेश ने अब तक सबसे ज्यादा 23 देशों से मैच खेले हैं। ईशान-अभिषेक की बल्लेबाजी पर नजर जापान के कप्तान काडोवाकी पर उम्मीदें सानो में धीमी और स्पिन फ्रेंडली पिच सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर अब तक 39 मेंस टी-20 इंटरनेशनल खेले गए हैं। इनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 21 मैच जीते हैं। हालिया मैच में जापान और हांगकांग के बीच मुकाबला लो-स्कोरिंग रहा था। हांगकांग ने 96 रन का लक्ष्य आखिरी ओवर में हासिल किया था। रिपोर्ट के मुताबिक यहां की परिस्थितियां धीमी और स्पिन के अनुकूल रहने की उम्मीद है। मैच के समय तापमान करीब 31 डिग्री रह सकता है। बारिश मैच में सबसे बड़ी चिंता मैच से एक दिन पहले सानो में भारी बारिश हुई। इसके कारण भारतीय टीम का ट्रेनिंग सेशन भी रद्द करना पड़ा। 20 सितंबर को जापान और हांगकांग के बीच मुकाबला भी बारिश के कारण बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गया था। अब मैच के दिन ग्राउंड की ड्रेनेज व्यवस्था और मौसम पर नजर रहेगी। जापान के लिए सानो में बढ़ी दर्शक क्षमता भारत के खिलाफ मैच को देखते हुए सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड की क्षमता 500 से बढ़ाकर करीब 2,000 की गई है। यह मैच जापान में क्रिकेट को बढ़ावा देने की ICC की कोशिशों के लिहाज से भी अहम है। इसी साल जापान में टी-20 वर्ल्ड कप का क्वालिफायर खेला गया था। एशियन गेम्स के दौरान निशिन में एक और इंटरनेशनल ग्राउंड इस्तेमाल होगा। भारत के कप्तान श्रेयस को जापान की पिच की ज्यादा जानकारी नहीं श्रेयस अय्यर ने मैच से पहले कहा कि यह भारत का जापान के खिलाफ पहला मुकाबला है और उन्हें यहां की परिस्थितियों और विकेट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने इसे रोमांचक मैच बताया। वॉशिंगटन सुंदर ने भी माना कि उन्हें जापानी खिलाड़ियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने कुछ खिलाड़ियों के वीडियो और रील्स देखने की बात कही। जापान के कप्तान काडोवाकी-फ्लेमिंग ने कहा कि वह नतीजे की गारंटी नहीं दे सकते, लेकिन टीम पूरी कोशिश करेगी और भारत के खिलाफ मुकाबले की चुनौती के लिए तैयार है। भारत के हेड कोच वीवीएस लक्ष्मण जापान दौरे पर भारतीय टीम के साथ वीवीएस लक्ष्मण हेड कोच की भूमिका में हैं। इससे पहले गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारत ने तीन ऑलराउंडरों के साथ खेलने का विकल्प अपनाया था। लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे दौरे पर चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ टीम उतारी थी। दोनों टीमों का अपडेटेड स्क्वॉड भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर, विप्रज निगम। जापान: केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग (कप्तान), चार्ली हारा-हिंज, बेंजामिन इटो-डेविस, एलेस्टर काडोवाकी-फ्लेमिंग, कोहेई कुबोटा, जेक कुसुडा-नायर्न, वातरू मियाउची (विकेटकीपर), रियो सकुरानो-थॉमस, एलेक्स शिराई-पैटमोर (विकेटकीपर), शोमा सुगाया-स्लेटर, डेक्लान सुजुकी-मैककॉम्ब, त्सुयोशी ताकादा, इब्राहिम ताकाहाशी, मकोतो तानियामा, लचलान यामामोटो-लेक। ------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियाड में 100 मेडल भी नहीं जीतेगा भारत:नेशनल स्पोर्ट्स एसोसिएशन, भारतीय ओलिंपिक संघ और टॉप्स की रिपोर्ट में दावा, 97 मेडल जीतेंगे भारतीय खिलाड़ी जापान में चल रहे एशियन गेम्स में 100 मेडल के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाएगा। इस बार करीब 97 मेडल मेडल जीतने की उम्मीद है। यह दावा नेशनल स्पोर्ट्स एसोसिएशन (NSA), इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) और साई की टारगेट ओलिंपिक पोडियम (टॉप्स) स्कीम की अंतरिक रिपोर्ट में किया गया है। पूरी खबर
भारत में 17 साल में सबसे सूखा मानसून:बिहार में 37% कम बारिश, राजस्थान में 21%; अल नीनो का असर; सीजन खत्म होने में 9 दिन बचे
देश में इस साल मानसून की बारिश सामान्य से 15% कम रही है। यह आंकड़ा 17 साल का सबसे कम है। इससे पहले, साल 2009 में बारिश 18.3% कमी दर्ज की गई थी। इस साल बारिश में कमी का मुख्य कारण अलनीनो माना जा रहा है। 1 जून से 21 सितंबर तक 827.2 मिमी बारिश सामान्य मानी जाती है। अभी सिर्फ 703.7 मिमी बारिश हुई है। यानी 123.5 मिमी की कमी है। 30 सितंबर तक पूरे सीजन के लिए सामान्य बारिश 868.6 मिमी होती है। सीजन खत्म होने में 9 दिन बचे हैं। लेकिन, अब इतनी बारिश की संभावना नहीं है कि 15% की कमी पूरी हो सके। क्योंकि, देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से से मानसून तेजी से जा रहा है। राजस्थान से शुरू हुई मानसून की विदाई 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान से विदाई शुरू हुई थी। सोमवार को पंजाब, आधे हरियाणा और राजस्थान के कुछ और हिस्सों से मानसून विदा हो गया। अगले 24-48 घंटे में इसके हरियाणा के बाकी हिस्से, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड से भी विदा होने की परिस्थितियां बनी हुई हैं। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम विकसित हुआ है, जो डीप डिप्रेशन में बदल रहा है। यह 24 से 36 घंटे में ओडिशा व आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इसकी वजह से देश के पूर्वी, मध्य और दक्षिणी राज्यों में अगले तीन-चार दिन भारी बारिश होने की संभावना है। क्या है अल नीनो और ये क्यों आता है प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में जब समुद्री हवाएं कमजोर पड़ती हैं, तो दक्षिण अमेरिकी तट का पानी असामान्य रूप से गर्म होने लगता है। समुद्र के पानी के गर्म होने को अल नीनो कहते हैं। यह वैश्विक हवाओं और बादलों के पैटर्न को बदलकर दुनियाभर के मौसम को तहस-नहस कर देता है। जलाशयों में पिछले साल से 21% कम पानी अगस्त तक खरीफ की बुवाई 1.7% कम थी। आईसीआरए के अनुसार, रकबा 2% घट सकता है। कम बारिश, ज्यादा तापमान और अल नीनो से मिट्टी की नमी घटी है। इससे उपज घटेगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि चावल उत्पादन 1 करोड़ टन घटकर 14.4 करोड़ टन रह सकता है। यानी पिछले साल की तुलना में 6.5% कम। रबी की बुवाई अक्टूबर से शुरू होगी। शुरुआती सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता कमजोर है। उत्तर व दक्षिण भारत में जल भंडार में गिरावट को आईसीआरए ने रबी के लिए जोखिम बताया। गेहूं, चना जैसी फसलों पर दबाव बढ़ेगा। 178 प्रमुख जलाशयों में 131.17 अरब क्यूबिक मीटर पानी है। पिछले साल से 21% कम। इससे बिजली पर दो असर होंगे। पहला, बिजली आपूर्ति में हाइड्रो का योगदान घटने का जोखिम होगा। दूसरा, बिजली की मांग बढ़ेगी। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मानसून लौटने लगा, 45% जिलों में बारिश का कोटा अधूरा:10 साल पहले ऐसा हुआ तो ट्रेन से पानी पहुंचाना पड़ा, अबकी क्या होगा राजस्थान से मानसून की विदाई की शुरुआत हो चुकी है। धीरे-धीरे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, एमपी, यूपी, बिहार और महाराष्ट्र में कमजोर होते हुए पूरे देश से विदा होगा। पूरी खबर पढ़ें…
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