Southern Africa में भारी बारिश और बाढ़ के कारण 100 से अधिक लोगों की मौत
दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक और जिम्बाब्वे में भारी बारिश तथा बाढ़ के कारण 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि दक्षिणी अफ्रीका के कई देशों में मौसम के और खराब होने की आशंका है।
दक्षिण अफ्रीका में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के बाद उसके उत्तरी प्रांतों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई। पड़ोसी देश मोजाम्बिक में आपदा प्रबंधन संस्था ने बताया कि देश में अब तक बारिश के कारण 103 लोगों की मौत हो चुकी है। उसने बताया कि ये मौतें बिजली गिरने, बाढ़ में डूबने, बुनियादी ढांचे के ढहने और हैजा से हुईं।
विश्व खाद्य कार्यक्रम के अनुसार, मोजाम्बिक में सबसे भीषण बाढ़ मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में आई है, जहां दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और हजारों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिम्बाब्वे की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि साल की शुरुआत से भारी बारिश के कारण 70 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
Iran में असहज शांति के बीच कट्टरपंथी मौलवी ने प्रदर्शनकारियों के लिए मृत्युदंड की मांग की
ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शनों और उनके खूनी दमन के बाद हालात भले ही असहज शांति की ओर लौटते दिखे हों, लेकिन इस्लामिक गणराज्य में सत्ता प्रतिष्ठान के भीतर व्याप्त गुस्सा अब भी साफ नजर आ रहा है।
इसी कड़ी में एक वरिष्ठ कट्टरपंथी मौलवी ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के लिए शुक्रवार को मृत्युदंड की मांग की और सीधे तौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धमकी दी।
बहरहाल, ट्रंप ने अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाते हुए ईरान के नेतृत्व कोहिरासत में लिए गए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को फांसी न देने के लिए धन्यवाद दिया। इसे इस बात के संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन संभावित सैन्य कार्रवाई से पीछे हट सकता है।
ईरान की खराब अर्थव्यवस्था के खिलाफ 28 दिसंबर को शुरू हुए प्रदर्शन धीरे-धीरे देश की धार्मिक सत्ता को चुनौती देने लगे। प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई में हजारों लोगों की मौत की खबरों के बीच फिलहाल तेहरान में प्रदर्शन थम गए हैं। हालांकि, इंटरनेट सेवा अब भी बंद है।
अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, मृतकों की संख्या 3,090 तक पहुंच चुकी है, जबकि ईरान सरकार ने आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
इस बीच, कट्टरपंथी मौलवी अयातुल्ला अहमद खातमी ने नमाज के लिए एकत्रित लोगों को दिए अपने उपदेश में नारे लगाने के लिए प्रेरित किया जिनमें से एक नारा था कि ‘‘सशस्त्र पाखंडियों को मौत के घाट उतार दिया जाए।’’
ईरान के सरकारी रेडियो ने इस उपदेश का प्रसारण किया। खातमी ने प्रदर्शनकारियों को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ‘‘गुलाम’’ और ‘‘ट्रंप के सैनिक’’ बताया। वहीं, ईरान के निर्वासित युवराज रेजा पहलवी ने अमेरिका से हस्तक्षेप का वादा निभाने की अपील की और ईरानियों से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
















/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)




