Iran crisis : पुतिन ने नेतन्याहू और पेजेश्कियान से बात की
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान पर अमेरिका की हमले की धमकी के बीच शुक्रवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बाच की और पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट की स्थिति पर चर्चा की।
रूसी सरकार द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुतिन ने कूटनीतिक माध्यमों से क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया और इस संवाद में मध्यस्थता करने के लिए रूस की इच्छा जताई।
विज्ञप्ति के मुताबिक ‘‘रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। इस दौरान पश्चिम एशिया और ईरान की स्थिति पर चर्चा हुई।’’
इसमें कहा गया कि पुतिन और पेजेश्कियान के दौरान बातचीत के दौरान ईरान और पूरे क्षेत्र के आसपास की स्थिति को शीघ्र सामान्य करने का आह्वान किया। विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘दोनों नेताओं ने इस बात पर गौर किया कि तेहरान और मॉस्को का ईरान और पूरे क्षेत्र में तनाव को जल्द से जल्द कम करने के पक्ष में एक रुख है। उन्होंने उभरते मुद्दों को केवल राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से हल करने की अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।’’
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के मुताबिक ईरान और पश्चिम एशिया में स्थिति ‘अत्यंत तनावपूर्ण है और राष्ट्रपति तनाव कम करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए हैं’’।
रूसी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने राजनयिक समाधान के लिए ईरान के समक्ष वाशिंगटन की मांगों को रेखांकित किया।
तास ने फ्लोरिडा में इजराइली-अमेरिकी परिषद द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में विटकॉफ के भाषण को उद्धृत किया, ‘‘मुझे उम्मीद है कि कूटनीतिक समाधान निकल आएगा।
चार मुद्दे हैं: परमाणु संवर्धन और मिसाइलें जिन्हें कम करने की आवश्यकता है। उनके पास मौजूद समय में दो टन परमाणु सामग्री है जो 3.67 से 60 प्रतिशत तक संवर्धित है। निश्चित रूप से उनके मोहरे हैं जिनका समाधान किया जाना चाहिए।’’
विटकॉफ ने कहा, ‘‘अगर वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में लौटना चाहते हैं, तो हम इन चारों मुद्दों को कूटनीतिक रूप से हल कर सकते हैं, और यह बहुत अच्छा होगा। मुझे लगता है कि दूसरा विकल्प बुरा है।
Southern Africa में भारी बारिश और बाढ़ के कारण 100 से अधिक लोगों की मौत
दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक और जिम्बाब्वे में भारी बारिश तथा बाढ़ के कारण 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि दक्षिणी अफ्रीका के कई देशों में मौसम के और खराब होने की आशंका है।
दक्षिण अफ्रीका में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के बाद उसके उत्तरी प्रांतों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई। पड़ोसी देश मोजाम्बिक में आपदा प्रबंधन संस्था ने बताया कि देश में अब तक बारिश के कारण 103 लोगों की मौत हो चुकी है। उसने बताया कि ये मौतें बिजली गिरने, बाढ़ में डूबने, बुनियादी ढांचे के ढहने और हैजा से हुईं।
विश्व खाद्य कार्यक्रम के अनुसार, मोजाम्बिक में सबसे भीषण बाढ़ मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में आई है, जहां दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और हजारों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिम्बाब्वे की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि साल की शुरुआत से भारी बारिश के कारण 70 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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