Minneapolis में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर अदालत की रोक
मिनेसोटा की एक न्यायाधीश ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि मिनियापोलिस क्षेत्र में हाल में हुए अमेरिका के सबसे बड़े आव्रजन प्रवर्तन अभियान में शामिल संघीय अधिकारी शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में नहीं ले सकते और न ही उन पर आंसू गैस छोड़ सकते हैं।
आदेश के अनुसार, उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की जा सकती जो सड़कों पर खड़े होकर अधिकारियों को कार्रवाई करते हुए केवल देखते हैं। अमेरिकी जिला न्यायाधीश केट मेनेंडेज ने दिसंबर में मिनेसोटा के छह कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में यह फैसला दिया।
दिसंबर की शुरुआत से ही मिनियापोलिस-सेंट पॉल क्षेत्र में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की आव्रजन संबंधी कार्रवाई को लागू करने वाले आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन और सीमा गश्ती अधिकारियों की कार्रवाई को हजारों लोग सड़कों पर देखते रहे हैं।
इस फैसले के तहत अधिकारी वाहनों में बैठकर कार्रवाई को देखने वाले चालकों और यात्रियों को तब तक हिरासत में नहीं ले सकते, जब इस बात का कोई उचित संदेह न हो कि वे अधिकारियों के काम में बाधा डाल रहे हैं या हस्तक्षेप कर रहे हैं।
फैसले में कहा गया है कि ‘‘सुरक्षित रूप से उचित दूरी पर रहकर एजेंटों का पीछा करना वाहन रोकने को उचित ठहराने के लिए अपने आप में पर्याप्त कारण नहीं है।’’ मेनेंडेज ने कहा कि एजेंटों को इस ‘उचित कारण’ या ‘उचित संदेह’ के बिना लोगों को गिरफ्तार करने की अनुमति नहीं होगी कि व्यक्ति ने कोई अपराध किया है या वह अधिकारियों की गतिविधियों में बाधा डाल रहा है या हस्तक्षेप कर रहा है। मामले में कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व मिनेसोटा के संगठन ‘अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन’ ने किया।
Ukraine का बिजली ग्रिड कर रहा अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना: Energy Minister
यूक्रेन के नए ऊर्जा मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि रूस ने अपने हमलों से यूक्रेन के एक भी बिजली संयंत्र को नहीं बख्शा है और हवाई बमबारी में हालिया वृद्धि के कारण कई वर्षों की सबसे भीषण ठंड के बीच हजारों लोगों को बिजली से वंचित होना पड़ा है।
डेनिस श्मिहाल ने कहा कि रूस ने पिछले वर्ष यूक्रेन की ऊर्जा अवसंरचना पर 612 हमले किए तथा हाल के महीनों में ये हमले और भी तेज हो गए जब रात का तापमान शून्य से 18 डिग्री नीचे तक जा रहा है।
श्मिहाल ने यूक्रेन की संसद ‘वेरखोव्ना राडा’ में सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘दुनिया में किसी ने भी कभी ऐसी चुनौती का सामना नहीं किया है।’’ लगभग चार साल से जारी युद्ध में रूस ने यूक्रेन के बिजली ग्रिड को, खासकर सर्दियों के मौसम में, बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है।
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