Park Plaza कार्रवाई पर पंजाब सरकार सख्त, बोली– 'यह बदले की नहीं बल्कि क़ानूनन कार्रवाई'
पंजाब सरकार ने गुरुवार को Punjab Kesari Group द्वारा लगाए गए “निशाने पर लेकर की गई कार्रवाई” के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. सरकार ने कहा कि यह दावा कई वैधानिक प्राधिकरणों द्वारा उनके कानूनी अधिकार क्षेत्र में की गई जाँचों के दौरान सामने आए गंभीर और दर्ज क़ानूनी उल्लंघनों से ध्यान भटकाने का प्रयास है.
सरकार ने स्पष्ट किया कि संबंधित समूह निरीक्षणों और कार्रवाइयों की सूची तो प्रस्तुत कर रहा है, लेकिन उन कार्रवाइयों के कारणों, निष्कर्षों और परिणामों को जानबूझकर छिपाया जा रहा है, जबकि ये सभी तथ्य आधिकारिक निरीक्षण रिपोर्टों, वैधानिक नोटिसों और कारणयुक्त आदेशों में दर्ज हैं.
आबकारी कार्रवाई का पूरा मामला
पंजाब सरकार के अनुसार जालंधर स्थित Park Plaza में की गई आबकारी कार्रवाई कोई सामान्य निरीक्षण नहीं थी, बल्कि औपचारिक जाँच का परिणाम थी. जाँच में 800 से अधिक शराब की बोतलें अनधिकृत स्थानों से ज़ब्त की गईं. कई बोतलों पर अनिवार्य आबकारी होलोग्राम और QR कोड नहीं थे.
सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि एक्सपायर्ड ड्राफ्ट बीयर, जो मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त थी, कई दिनों तक ग्राहकों को परोसी गई. सरकार ने कहा कि ये सभी तथ्य लिखित आबकारी आदेश में दर्ज हैं, जो कारण बताओ नोटिस, व्यक्तिगत सुनवाई और लाइसेंसधारी की स्वीकारोक्तियों के बाद पारित किया गया.
निरीक्षण में पहली मंज़िल पर 815 और भूतल पर 140 बोतलें अनधिकृत स्थानों पर पाई गईं, जो Punjab Liquor License Rules, 1956 के नियम 37(2) का उल्लंघन है. इस आधार पर Punjab Excise Act, 1914 की धारा 36(c) के तहत कार्रवाई की गई.
पर्यावरणीय और स्वास्थ्य उल्लंघन
सरकार ने बताया कि कार्रवाई केवल आबकारी उल्लंघनों तक सीमित नहीं थी. Punjab Pollution Control Board की जाँच में गंभीर पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े उल्लंघन दर्ज किए गए.
होटल की लॉन्ड्री से निकलने वाले रसायनों को बिना उपचार सीधे ज़मीन और सीवर में छोड़ा जा रहा था, जिससे भूजल प्रदूषण का खतरा पैदा हो रहा था. होटल, जो रेड कैटेगरी इकाई है, Water Act, 1974 और Air Act, 1981 के तहत आवश्यक “कंसेंट टू ऑपरेट” की वैधता समाप्त होने के बावजूद संचालित पाया गया.
जाँच में यह भी सामने आया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट कार्यशील नहीं थे और बिना उपचारित अपशिष्ट जल नगर निगम के सीवर में छोड़ा जा रहा था. Hazardous Waste Management Rules और Solid Waste Management Rules के उल्लंघन भी दर्ज किए गए.
श्रम क़ानूनों के उल्लंघन
पंजाब सरकार ने बताया कि श्रम एवं फैक्ट्री विभाग की जाँच में समूह से जुड़ी प्रिंटिंग इकाइयों में भी गंभीर उल्लंघन सामने आए. जालंधर स्थित Punjab Kesari Printing Press, Unit-II में 18 उल्लंघन दर्ज किए गए, जिनमें अवरुद्ध फायर एग्ज़िट, असुरक्षित वायरिंग और सुरक्षा उपकरणों का अभाव शामिल है.
लुधियाना के Jagat Vijay Printers में भी वेतन, ग्रेच्युटी और सुरक्षा मानकों से जुड़े कई उल्लंघन पाए गए. सरकार के मुताबिक इन रिपोर्टों से आबकारी, पर्यावरण और श्रम क्षेत्रों में नियामक उपेक्षा का एक स्पष्ट पैटर्न सामने आता है.
सरकार का रुख क्या है?
उत्पीड़न के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब सरकार ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता के नाम पर श्रम, सुरक्षा और पर्यावरण क़ानूनों के प्रवर्तन को रोका नहीं जा सकता. सरकार ने दोहराया कि पंजाब में क़ानून सभी पर समान रूप से लागू होता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य, मज़दूरों और पर्यावरण से जुड़े उल्लंघनों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा.
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एपेक का 32वां व्यापार मंत्रियों का सम्मेलन मई 2026 में सूचो में आयोजित होगा
बीजिंग, 16 जनवरी (आईएएनएस)। चीनी वाणिज्य मंत्रालय की प्रवक्ता ह योंगछ्येन ने 15 जनवरी को आयोजित नियमित प्रेस वार्ता में बताया कि एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन (एपेक) का 32वां व्यापार मंत्रियों का सम्मेलन इस मई में पूर्वी चीन के च्यांग सु प्रांत के सूचो शहर में आयोजित होगा।
यह सम्मेलन मुख्य तौर पर एशिया प्रशांत और विश्व के महत्वपूर्ण आर्थिक व व्यापारिक मुद्दों पर विचार करेगा और इस नवंबर में होने वाले एपेक के नेताओं के अनौपचारिक सम्मेलन के लिए आर्थिक व व्यापारिक क्षेत्रों की तैयारी करेगा।
ध्यान रहे वर्ष 2026 में चीन तीसरी बार एपेक की मेजबानी करेगा और सिलसिलेवार बैठकें करेगा।
प्रवक्ता ने परिचय देते हुए कहा कि व्यापार मंत्रियों का सम्मेलन एपेक के चीन वर्ष और एशिया प्रशांत के समान समुदाय का निर्माण कर समान समृद्धि बढ़ाने के मुख्य विषय से केंद्रित रहकर खुलेपन, सृजन व सहयोग पर फोकस रखकर क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और एशिया प्रशांत मुक्त व्यापार क्षेत्र का निर्माण बढ़ाएगा, बहुपक्षीय व्यापार तंत्र का समर्थन करेगा, डिजिटल सहयोग मजबूत करेगा और हरित अर्थव्यवस्था का विकास करेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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