वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में प्रदर्शन
केप टाउन, 16 जनवरी (आईएएनएस)। वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका की विधायी राजधानी केप टाउन में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की तत्काल रिहाई की मांग की।
बताया गया कि अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला पर सैन्य हमला किया था और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी को जबरन हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क ले जाया गया। इस कार्रवाई की दुनिया भर में निंदा और चिंता जताई जा रही है।
शुक्रवार दोपहर के समय केप टाउन के सिटी सेंटर स्थित ऐडरले स्ट्रीट पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में “यूएस इम्पीरियलिज्म खत्म करो” और “वेनेजुएला से अमेरिका बाहर जाओ” जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं।
प्रदर्शन के दौरान “फ्री वेनेजुएला” और “फ्री मादुरो” के नारे लगाए गए। साथ ही लोगों से 6 फरवरी को प्रस्तावित “अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय एक्शन डे” में शामिल होने की अपील की गई, जिसे फिलिस्तीनी और वेनेजुएला के लोगों के समर्थन में आयोजित किया जाना है।
इस प्रदर्शन का आयोजन करने वाले दक्षिण अफ्रीकी बीडीएस कोएलिशन ने मादुरो और फ्लोरेस की तत्काल रिहाई की मांग की। संगठन ने कहा कि अमेरिका की खुली साम्राज्यवादी आक्रामकता दुनिया को व्यापक युद्ध, गंभीर सामाजिक-आर्थिक संकट और वैश्विक विनाश की ओर धकेल रही है।
प्रदर्शन में शामिल 75 वर्षीय सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट माइकल टाइटस ने समाचार एजेंसी शिन्हुआ से कहा कि वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई “अवैध” है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ इस बात का एक लक्षण है कि अमेरिका दुनिया के बाकी हिस्सों में क्या कर रहा है। वह साम्राज्यवाद को बढ़ावा देता है और दुनिया का दबंग बनकर कहीं भी मनमानी करता है।”
टाइटस ने कहा, “हमें अमेरिका को बाकी दुनिया को डराने-धमकाने से रोकने के लिए दबाव बनाए रखना होगा। अमेरिका की वजह से दुनिया के लोग आज़ाद नहीं हैं। हम प्रदर्शन और विरोध जारी रखेंगे ताकि अमेरिका लोगों के आंगनों से बाहर जाए।”
आयोजन समूह के सदस्य और विश्वविद्यालय छात्र फारीक थीबा ने कहा कि वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे से बाहर है। उन्होंने आशंका जताई कि “हमें नहीं पता अगला निशाना कौन होगा, लेकिन कोई भी हो सकता है, यहां तक कि दक्षिण अफ्रीका भी।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि वेनेजुएला सिर्फ शुरुआत है। मुझे नहीं पता इसका अंत कब होगा, लेकिन उम्मीद है कि खासकर ग्लोबल साउथ के देशों से ज्यादा एकजुटता देखने को मिलेगी।”
--आईएएनएस
डीएससी
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नए ग्रो-आउट तालाब निर्माण पर मिलेगी सब्सिडी, मछुआरों को रोजगार का अवसर
कृषि, किसान कल्याण और सहकारिता विभाग, Government of Gujarat द्वारा लागू की गई प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY-इनलैंड) के अंतर्गत राज्य में अंतर्देशीय मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए नए ग्रो-आउट तालाबों के निर्माण पर सहायता प्रदान की जा रही है. यह योजना Commissioner of Fisheries के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही है, जिसमें 60 प्रतिशत अंशदान भारत सरकार और 40 प्रतिशत अंशदान गुजरात सरकार द्वारा दिया जा रहा है.
योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य जलाशयों और मीठे पानी के स्रोतों में मछली पालन के माध्यम से मछली उत्पादन बढ़ाना और अंतर्देशीय मत्स्य गतिविधियों से जुड़े लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है. योजना के तहत बायोफ्लॉक और रिसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) जैसी आधुनिक तकनीकों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम भूमि और कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो सके.
वित्तीय सहायता का डिटेल्स
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नए ग्रो-आउट तालाब के निर्माण के लिए परियोजना की इकाई लागत ₹7,00,000 प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है. सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत यानी ₹2,80,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाती है. वहीं महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत यानी ₹4,20,000 प्रति हेक्टेयर तक की सहायता प्रदान की जाती है. यह सहायता जीवन में केवल एक बार उपलब्ध होगी.
पात्रता और प्राथमिकता
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का अंतर्देशीय मत्स्य पालन गतिविधियों से जुड़ा होना आवश्यक है. आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और उसके पास स्वयं का बैंक खाता होना चाहिए. निजी भूमि या कम से कम 10 वर्ष की लीज पर भूमि होना अनिवार्य है. सभी वर्गों को योजना का लाभ मिलेगा, जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति लाभार्थियों के लिए प्रमाण पत्र आवश्यक होगा.
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है. इच्छुक आवेदक I-Khedut Portal पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं. पंजीकरण के बाद लॉगिन कर योजना का चयन, आवेदन भरना, सत्यापन और आवेदन की पुष्टि की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए पहचान प्रमाण पत्र, बैंक विवरण, भूमि स्वामित्व या लीज से संबंधित दस्तावेज, सह-स्वामियों की सहमति और अनुसूचित जाति या जनजाति प्रमाण पत्र आवश्यक हैं. यह योजना गुजरात में अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
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