रायपुर बस स्टैंड पर भीषण आग, जलकर खाक हुईं 5 लग्जरी बसें, साजिश की आशंका
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित सुदामा नगर अंतरराष्ट्रीय बस स्टैंड (ISBT) पर देर रात आग का तांडव देखने को मिला. यहां खड़ी पांच लग्जरी स्लीपर बसें धू-धू कर जल गईं. आग इतनी भयंकर थी कि उसकी लपटें काफी दूर से देखी जा सकती थीं. इस हादसे में बसों का सिर्फ लोहे का ढांचा ही बचा है, बाकी सब जलकर खाक हो गया.
शरारती तत्वों की हरकत या आपसी रंजिश?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक पांच बसें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थीं. पुलिस का कहना है कि शुरुआती तौर पर यह किसी शरारती तत्व की करतूत लग रही है. हालांकि, जांच का एक पहलू 'बस ऑपरेटरों के बीच आपसी विवाद' से भी जुड़ा है. पुलिस हर एंगल से मामले की छानबीन कर रही है ताकि यह पता चल सके कि आग जानबूझकर लगाई गई थी या यह कोई हादसा था.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
रायपुर का यह बस स्टैंड एक सार्वजनिक स्थल है, जहां हर दिन हजारों यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है. प्रदेश के अलग-अलग जिलों और दूसरे राज्यों के लिए यहां से बसें चलती हैं. इतने बड़े और व्यस्त इलाके में इतनी बड़ी आगजनी होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. यात्रियों की सुरक्षा और बसों की निगरानी को लेकर अब बस स्टैंड प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को जवाब देना होगा. फिलहाल, पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों को खंगाल रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके.
वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में प्रदर्शन
केप टाउन, 16 जनवरी (आईएएनएस)। वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका की विधायी राजधानी केप टाउन में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की तत्काल रिहाई की मांग की।
बताया गया कि अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला पर सैन्य हमला किया था और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी को जबरन हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क ले जाया गया। इस कार्रवाई की दुनिया भर में निंदा और चिंता जताई जा रही है।
शुक्रवार दोपहर के समय केप टाउन के सिटी सेंटर स्थित ऐडरले स्ट्रीट पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में “यूएस इम्पीरियलिज्म खत्म करो” और “वेनेजुएला से अमेरिका बाहर जाओ” जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं।
प्रदर्शन के दौरान “फ्री वेनेजुएला” और “फ्री मादुरो” के नारे लगाए गए। साथ ही लोगों से 6 फरवरी को प्रस्तावित “अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय एक्शन डे” में शामिल होने की अपील की गई, जिसे फिलिस्तीनी और वेनेजुएला के लोगों के समर्थन में आयोजित किया जाना है।
इस प्रदर्शन का आयोजन करने वाले दक्षिण अफ्रीकी बीडीएस कोएलिशन ने मादुरो और फ्लोरेस की तत्काल रिहाई की मांग की। संगठन ने कहा कि अमेरिका की खुली साम्राज्यवादी आक्रामकता दुनिया को व्यापक युद्ध, गंभीर सामाजिक-आर्थिक संकट और वैश्विक विनाश की ओर धकेल रही है।
प्रदर्शन में शामिल 75 वर्षीय सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट माइकल टाइटस ने समाचार एजेंसी शिन्हुआ से कहा कि वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई “अवैध” है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ इस बात का एक लक्षण है कि अमेरिका दुनिया के बाकी हिस्सों में क्या कर रहा है। वह साम्राज्यवाद को बढ़ावा देता है और दुनिया का दबंग बनकर कहीं भी मनमानी करता है।”
टाइटस ने कहा, “हमें अमेरिका को बाकी दुनिया को डराने-धमकाने से रोकने के लिए दबाव बनाए रखना होगा। अमेरिका की वजह से दुनिया के लोग आज़ाद नहीं हैं। हम प्रदर्शन और विरोध जारी रखेंगे ताकि अमेरिका लोगों के आंगनों से बाहर जाए।”
आयोजन समूह के सदस्य और विश्वविद्यालय छात्र फारीक थीबा ने कहा कि वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे से बाहर है। उन्होंने आशंका जताई कि “हमें नहीं पता अगला निशाना कौन होगा, लेकिन कोई भी हो सकता है, यहां तक कि दक्षिण अफ्रीका भी।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि वेनेजुएला सिर्फ शुरुआत है। मुझे नहीं पता इसका अंत कब होगा, लेकिन उम्मीद है कि खासकर ग्लोबल साउथ के देशों से ज्यादा एकजुटता देखने को मिलेगी।”
--आईएएनएस
डीएससी
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