‘The Vaan’ पर गाना चोरी करने का आरोप: सिंगर सरगम वैश ने वीडियो में दिखाए सबूत; बोले- बिना इजाजत इस्तेमाल किया
The Vaan Song Controversy: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ रिलीज से पहले विवादों में घिर गई है। सिंगर और कंपोजर सरगम वैश ने फिल्म के ट्रेलर में अपने गाने ‘ऐगिरि नंदिनी’ के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। सरगम का दावा है कि उनके गाने का करीब 25 सेकंड का हिस्सा बिना उनकी इजाजत के ट्रेलर में इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर ट्रेलर और अपने गाने के हिस्से को साथ में दिखाया। साथ ही मेकर्स से गाना हटाने की मांग की है।
मेरे गाने का 25 सेकंड इस्तेमाल किया
सरगम वैश ने बताया कि वह करीब तीन साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, ‘वन’ के ट्रेलर में 1 मिनट 8 सेकंड से 1 मिनट 33 सेकंड के बीच उनके गाने का हिस्सा इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने वीडियो में अपने गाने का वर्जन भी चलाया और दावा किया कि ट्रेलर में इस्तेमाल किया गया हिस्सा उससे मेल खाता है।
मास्टर फाइल और आवाज भी इस्तेमाल की
सरगम ने आरोप लगाया कि मेकर्स ने उनके गाने की मास्टर फाइल, म्यूजिक और आवाज को उसी तरह इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक बड़े म्यूजिक लेबल के साथ डील साइन की है। सरगम ने मेकर्स से अपील की कि उनके गाने को ट्रेलर और फिल्म से हटा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो उनकी कानूनी टीम इस मामले को आगे देखेगी।
लाइसेंस है तो जानकारी देने की मांग
सरगम ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा कि उन्होंने अपने म्यूजिक को फिल्म के ट्रेलर या उसके प्रमोशन में इस्तेमाल करने की कोई मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने संबंधित टीम से सीधे संपर्क करने और अगर गाने के इस्तेमाल की कोई अनुमति या लाइसेंस लिया गया है तो उसकी जानकारी देने की मांग की है।
25 सितंबर को रिलीज होगी फिल्म
फिल्म को एकता कपूर, शोभा कपूर, नीरज कोठारी और अरुणाभ कुमार ने प्रोड्यूस किया है। इसे बालाजी मोशन पिक्चर्स और द वायरल फीवर (टीवीएफ) के बैनर तले बनाया गया है। फिल्म पहले मई में रिलीज होने वाली थी, लेकिन इसकी रिलीज टाल दी गई। अब सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की यह फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
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करण जौहर की नई फिल्म का ऐलान: पर्दे पर लाएंगे R&AW के फाउंडर RN Kao की कहानी; जानें रिलीज डेट
Karan Johar film: बॉलीवुड निर्माता करण जौहर अब भारत के खुफिया इतिहास से जुड़ी एक अहम कहानी को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी में हैं। करण जौहर ने अपनी नई फिल्म का अनाउंसमेंट करते हुए बताया है कि वह रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी R&AW के संस्थापक रामेश्वर नाथ काव (Rameshwar Nath Kao) की कहानी पर्दे पर लाने वाले हैं।
ये कहानी आरएन काव की जिंदगी और उनके मिशनों पर आधारित होगी जो एक बड़े स्तर की फिल्म बनाने की तैयारी की जा रही है। ये फिल्म धर्मा प्रोडक्शंस के तहत बनेगी जिसकी स्टार कास्ट फिलहाल तय नहीं की गई है।
R&AW के संस्थापक आरएन राव पर बनेगी फिल्म
धर्मा प्रोडक्शंस ने लियो मीडिया कलेक्टिव के साथ हाथ मिलाया है। दोनों मिलकर भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी R&AW के संस्थापक आरएन राव की कहानी पर फिल्म बना रहे हैं। फिल्म फिलहाल अपने शुरुआती विकास चरण में है और इसे 11 अगस्त 2028 को सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है।
R&AW की स्थापना 1968 में हुई थी। फिल्म की घोषणा 21 सितंबर को की गई, जो एजेंसी की स्थापना के 58 साल पूरे होने का समय है। निर्माताओं का लक्ष्य 2028 में R&AW की 60 साल की विरासत को बड़े पर्दे पर एक खास अंदाज में पेश करना है।
करण जौहर ने बताया फिल्म बनाने का मकसद
इस बारे में बात करते हुए करण जौहर ने कहा, "लियो मीडिया पिछले दो सालों से बहुत मेहनत और जोश के साथ इस कहानी पर रिसर्च कर रहा है और इसे एक ड्रामा के तौर पर तैयार कर रहा है। हम चाहते हैं कि यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित एक जबरदस्त कहानी हो, ताकि RAW को सम्मान दिया जा सके और एक बेहतरीन फिल्म के ज़रिए उनके अहम साल का जश्न मनाया जा सके।"
‘जेंटलमैन स्पायमास्टर’ से ली गई कहानी
यह जासूसी और एक्शन से भरपूर फिल्म लेखक नितिन गोखले की किताब ‘जेंटलमैन स्पायमास्टर’ पर आधारित होगी। फिल्म के लिए एक बड़े सितारे को मुख्य भूमिका में लेने की चर्चा है, हालांकि अभी तक कलाकार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसी तरह निर्देशक को लेकर भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
1955 से 1971 तक का दौर दिखेगा
फिल्म की कहानी 1955 से 1971 के बीच की महत्वपूर्ण घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमेगी। इसमें यह दिखाने की कोशिश की जाएगी कि भारत को एक अलग बाहरी खुफिया एजेंसी की जरूरत क्यों महसूस हुई और आगे चलकर R&AW की स्थापना किस तरह हुई।
कहानी में 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान R&AW के शुरुआती महत्वपूर्ण मिशन को भी जगह दी जाएगी। आरएन काव को भारतीय जासूसी तंत्र के प्रमुख चेहरों में गिना जाता है और उन्होंने देश की खुफिया व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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