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शाम के समय Workout करने से बचें, मच्छरों के काटने का बढ़ जाता है खतरा

बरसात के मौसम के बाद मच्छरों का आंतक चरम सीमा पर होता है। कमरे की लाइट बंद करने के बाद भी कान के पास भिनभिनाहट और मच्छरों का काटना सोने नहीं देता है। लोगों का मानना होता है कि कमरे की रोशनी देखकर मच्छर अंदर आते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। हर एक दिन आपकी आदत मच्छरों को सीधा न्योता देती है। घर में वर्कआउट करने की आदत और मच्छरों के कनेक्शन की।  आइए मच्छरों के अचानक बढ़ने की वजह वर्कआउट कैसे है, आइए आपको बताते हैं।

मच्छरों को आपके घर की ओर क्या आकर्षित करता है?

आपने देखा होगा कि मच्छर अक्सर लाइट या बल्ब के आसपास मंडराते हैं। लेकिन वे रोशनी के कारण नहीं आते हैं। मच्छरों को चार चीजें अपनी तरफ खींचती है-

कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस
शरीर की गर्मी (Body Heat)
पसीने की गंध (Body Odour)
जमा हुआ पानी (Standing Water)

इस लेख में हम आपको बताते हैं, यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन की एक्सपर्ट के मुताबकि, गर्मियों के दौरान मच्छरों का प्रजनन काल तेज होता है। गंदे नाले ही नहीं, बल्कि गमले या बाल्टी में जमा थोड़े से पानी में भी ये आसानी से अंडे दे सकते हैं।

घर में वर्कआउट करने की आदत और मच्छरों का कनेक्शन

यदि आप शाम के समय घर के अंदर एक्सरसाइज योग करते हैं और खिड़कियां खुली रहती हैं, तो आप अनजाने में मच्छरों को आमंत्रित कर रहे हैं। मच्छरों इंसानों को देखकर नहीं बल्कि अपनी सूंघने की क्षमता के अनुसार आते हैं। दरअसल, जब आप वर्कआउट करते हैं, तो शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं जो मच्छरों के लिए सिग्नल का कार्य करते हैं।

भारी सांसें और CO₂ का उत्सर्जन

वर्कआउट करते समय सांसे काफी तेज चलती है, जिससे सामान्य की तुलना में कई गुना अधिक कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है। मच्छरों CO₂ की गंध को दूर से ही पहचान लिया जाता है।

शरीर का तापमान बढ़ना

जब आप एक्सरसाइज करते हैं, तो बॉडी टेम्परेचर बढ़ता है। मच्छर गर्म शरीर की ओर तेजी से आकर्षित होते हैं।

पीसने में लैक्टिक एसिड

पसीने में लैक्टिक एसिड और अमोनिया जैसे तत्व पाए जाते है। वर्कआउट के बाद पसीने की गंध मच्छरों की तुरंत अपनी तरफ खींच लेते हैं।

वर्कआउट के लिए सही समय का चुनाव कैसे करें?

इसके लिए आप कभी भी शाम को समय वर्कआउट नहीं करें। इस दौरान मच्छर हमला सबसे ज्यादा करते हैं। इसके जगह आप दोपहर या सुबह के समय वर्कआउट करें।

मच्छरों से बचने के उपाय

- घर की खिड़कियों पर जाली लगाएं, जिससे वेंटिलेशन बना रहे और मच्छर अंदर न आ सकें।

- वर्कआउट के दौरान पंखा चलाकर रखें, क्योंकि तेज हवा में मच्छर आसानी से उड़ नहीं पाते हैं।

- जब एक्सरसाइज खत्म हो जाए, तो तुरंत नहाएं। जिससे शरीर से पसीना और लैक्टिक एसिड साफ हो जाए।

- वर्कआउट के समय हल्के रंग के कपड़े पहनें, जिससे क्योंकि गहरे रंग मच्छरों को ज्यादा आकर्षित न करें।

- बालकनी में गमलों की प्लेटों और बंद नालियों में पानी जमा न होने दें।

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IND Vs SL: देवदत्त पडिक्कल ने एक ही धाकड़ पारी से कोहली, द्रविड़ और पुजारा का रिकार्ड तोड़ा, जानिए

IND Vs SL: श्रीलंका के साथ खेली जा रही टेस्ट सीरीज के पहले मैच में भारतीय टीम के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को अब एक स्टार बल्लेबाज बना दिया है। अपनी सिर्फ एक पारी से देवदत्त पडिक्कल ने कई बड़े रिकार्ड अपने नाम दर्ज करा दिए हैं।

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  Sports

दिल्ली के क्रिकेटर Vansh Bedi ने Match Fixing आरोपों को नकारा, CSK विवाद पर दी सफाई

दिल्ली के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज वंश बेदी ने भारतीय क्रिकेट से जुड़े कथित मैच फिक्सिंग विवाद में अपना नाम सामने आने के बाद सफाई दी है। वंश बेदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि उनका नाम पूर्व रणजी ट्रॉफी क्रिकेटर रचित भाटिया के कथित स्टिंग अभियान में बताए गए चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ी से जोड़ना पूरी तरह गलत है। उन्होंने इस तरह के दावों को झूठा और मानहानि करने वाला बताया है।

वंश बेदी ने अपने बयान में साफ कहा है कि वह उस खिलाड़ी नहीं हैं, जिसका कथित तौर पर रचित भाटिया ने जिक्र किया था। उन्होंने यह भी कहा कि कथित मैच फिक्सिंग या उससे जुड़ी किसी भी गतिविधि में उनकी कोई भूमिका नहीं है। बेदी के मुताबिक, उनके नाम को इन आरोपों से जोड़ने वालों के खिलाफ उनकी कानूनी टीम उचित सिविल और आपराधिक कार्रवाई कर रही है।

गौरतलब है कि यह विवाद रचित भाटिया से जुड़े एक कथित सिक्रेट अभियान के बाद चर्चा में आया है। इस दौरान भाटिया ने कथित तौर पर दावा किया था कि उन्हें वर्ष 2025 के आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की संभावित अंतिम एकादश से जुड़ी अंदरूनी जानकारी मिलती थी। उनके अनुसार, यह जानकारी लंदन में मौजूद सट्टेबाजों तक स्नैपचैट के जरिए पहुंचाई जाती थी।

भाटिया ने कथित तौर पर यह भी दावा किया था कि उन्होंने पांच मुकाबलों में प्रत्येक से करीब 60 लाख रुपये कमाए थे। इस तरह उन्होंने कुल करीब तीन करोड़ रुपये की कमाई का दावा किया था। उनके कथित बयान में जानकारी देने वाले व्यक्ति को चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े एक दोस्त के तौर पर बताया गया था। हालांकि, सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी में उस व्यक्ति का नाम वंश बेदी के रूप में घोषित नहीं किया गया था।

इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बेदी का नाम चर्चा में आ गया। इसकी एक वजह यह रही कि वह वर्ष 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़े हुए थे। बाद में उन्होंने दिल्ली प्रीमियर लीग में सेंट्रल दिल्ली किंग्स का प्रतिनिधित्व किया। आईपीएल के दौरान टखने में चोट के कारण वह आगे के सत्र से बाहर भी हो गए थे। इन अलग-अलग घटनाओं को जोड़कर सोशल मीडिया पर उनके नाम को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, कथित गुप्त अभियान में सेंट्रल दिल्ली किंग्स से जुड़े एक मामले का भी जिक्र हुआ था। इसमें दिल्ली प्रीमियर लीग के एक मुकाबले से पहले संभावित टीम संयोजन की जानकारी दिए जाने की बात कही गई थी। इसी चर्चा में वंश बेदी के नाम का संदर्भ आया था। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता है कि टीम से जुड़ी जानकारी उन्होंने ही उपलब्ध कराई थी।

दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ ने भी पूरे मामले को लेकर बीसीसीआई से मार्गदर्शन मांगा है। संघ की ओर से यह कहा गया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी खिलाड़ी की गलती जांच में साबित होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, मामले में एक अहम बात यह भी सामने आई है कि दिल्ली प्रीमियर लीग के पिछले सीजन के दौरान वंश बेदी ने कथित तौर पर खुद भ्रष्ट गतिविधि से जुड़े एक प्रस्ताव की जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक अधिकारियों को दी थी। ऐसे में अब उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों और उनके द्वारा किए गए इस खंडन को लेकर जांच के तथ्यों का महत्व और बढ़ गया है।

बता दें कि फिलहाल बीसीसीआई की ओर से ऐसा कोई सार्वजनिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिसमें वंश बेदी को कथित गतिविधियों में शामिल बताया गया हो। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों और किसी आधिकारिक जांच में सामने आए निष्कर्ष के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

फिलहाल वंश बेदी की सफाई के बाद मामला इस सवाल पर टिक गया है कि उनके नाम को कथित विवाद से जोड़ने का ठोस आधार क्या है। जांच एजेंसियों या क्रिकेट अधिकारियों की ओर से आगे जो तथ्य सामने आते हैं, वही यह स्पष्ट कर पाएंगे कि कथित आरोपों में उनकी कोई भूमिका है या नहीं है।

Wed, 23 Sep 2026 19:03:00 +0530

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