Salt Health Risks: खाने में ज्यादा Sodium बढ़ा सकता है High BP और Heart Attack का खतरा
सेहत के लिए जो चीजें सबसे ज्यादा नुकसानदायक बताई गई हैं, वह ज्यादा नमक और चीनी का सेवन है। नमक के बिना खाने में कोई स्वाद नहीं लगता है। लेकिन अगर खाने में ज्यादा नमक का इस्तेमाल किया जाए, तो यह सेहत के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर सकता है। दाल, सलाह, नमकीन आदि में थोड़ा ज्यादा नमक, इन छोटी-छोटी आदतों से दिनभर में शरीर में कितना नमक जा रहा है, इसका अंदाजा हमें नहीं हो पाता है।
वहीं सोडियम हमारे शरीर में पानी का संतुलन, मांसपेशियों और नसों के काम में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा सोडियम की मात्रा लेने पर यह शरीर पर बोझ बढ़ा सकता है। ज्यादा नमक का सेवन ब्लड प्रेशर को बढ़ाने वाला माना जाता है और इसके नुकसान इससे भी ज्यादा हो सकते हैं, जिसका लोगों को अंदाजा तक नहीं होता है।
इसे भी पढ़ें: दिनभर की थकान और पैरों के भारीपन से राहत दिलाएगा सेंधा नमक वाला 20 Minute Pedicure
अधिक सोडियम नुकसानदायक
WHO के अनुसार, वयस्कों को एक दिन में 5 ग्राम या इससे कम मात्रा में नमक का सेवन करना चाहिए। वहीं ध्यान रखें कि इसमें सिर्फ खाना पकाते समय डाला गया नमक नहीं, बल्कि प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड, सॉस, नमकीन, अचार और अन्य चीजों से मिलने वाला सोडियम भी शामिल है।
इसे भी पढ़ें: दिनभर की थकान और पैरों के भारीपन से राहत दिलाएगा सेंधा नमक वाला 20 Minute Pedicure
अधिक सोडियम का सेवन करने से इसका सबसे ज्यादा असर ब्लड प्रेशर पर होता है। लेकिन इसके जोखिम सिर्फ हाई बीपी तक ही सीमित नहीं हैं।
लंबे समय तक ज्यादा नमक लेने से दिल और ब्लड वेसेल्स पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं किडनी को भी एक्स्ट्रा सोडिमय को निकालने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
ब्लड प्रेशर पर पड़ता है असर
जब शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ती है, तो बॉडी में एक्स्ट्रा तरल पदार्थ जमा होने लगता है। जिससे ब्लड की मात्रा और ब्लड वेसेल्स पर भी दबाव बढ़ सकता है और हाई बीपी की समस्या हो सकती है।
इसे भी पढ़ें: फर्श पर पड़े नूडल्स से बन रही थी नमकीन भुजिया! FSSAI की बड़ी कार्रवाई, 'Wai Wai' बनाने वाली कंपनी के उत्पादन पर रोक
यही कारण है कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान रहने वाले लोगों को डाइट में नमक कम करने की सलाह दी जाती है।
लंबे समय तक बढ़ा हुआ हाई बीपी दिल और ब्लड वेसेल्स पर लगातार दबाव डालता है। जिससे स्ट्रोक और हृदय रोग संबंधी जोखिमों का खतरा बढ़ सकता है।
बढ़ सकता है दिल पर दबाव
बढ़ा हुआ बीपी और ज्यादा नमक दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं। अक्सर जब आपका बीपी हाई रहता है, तो दिल को शरीर में ब्लड पहुंचाने के लिए एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ती है। समय के साथ यह रक्त वाहिकाओं पर हृदय पर एक्स्ट्रा दबाव डाल सकता है।
इसे भी पढ़ें: व्रत में Satvik Food ही क्यों खाया जाता है? जानिए इसके पीछे की पूरी परंपरा
WHO के मुताबिक अधिक सोडियम वाली डाइड बीपी को बढ़ाती है। वहीं बढ़ा हुआ बीपी हार्ट अटैक, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी समस्याओं की वजह बन सकता है।
किडनी पर पड़ती है एक्स्ट्रा मेहनत
शरीर में सोडियम और पानी का संतुलन बनाए रखने में किडनी अहम भूमिका निभाती है। लेकिन जब शरीर में अधिक सोडियम जाता है, तो इसको बाहर निकालने में किडनी को मेहनत भी अधिक करनी पड़ती है। इस तरह से किडनी के लिए सोडियम और हाई बीपी दोनों मुश्किलें बढ़ाने लगते हैं।
ज्यादा नमक के जोखिम
बता दें कि नमक में मौजूद सोडियम शरीर के पानी के संतुलन को प्रभावित कर सकता है। अधिक सोडियम के सेवन से कुछ लोगों के शरीर में पानी जमा होने लगता है। खासकर इसका असर उन लोगों में अधिक देखने को मिल सकता है, जिनको किडनी, हृदय या अन्य सेहत संबंधी समस्याएं हैं।
शाम के समय Workout करने से बचें, मच्छरों के काटने का बढ़ जाता है खतरा
बरसात के मौसम के बाद मच्छरों का आंतक चरम सीमा पर होता है। कमरे की लाइट बंद करने के बाद भी कान के पास भिनभिनाहट और मच्छरों का काटना सोने नहीं देता है। लोगों का मानना होता है कि कमरे की रोशनी देखकर मच्छर अंदर आते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। हर एक दिन आपकी आदत मच्छरों को सीधा न्योता देती है। घर में वर्कआउट करने की आदत और मच्छरों के कनेक्शन की। आइए मच्छरों के अचानक बढ़ने की वजह वर्कआउट कैसे है, आइए आपको बताते हैं।
मच्छरों को आपके घर की ओर क्या आकर्षित करता है?
आपने देखा होगा कि मच्छर अक्सर लाइट या बल्ब के आसपास मंडराते हैं। लेकिन वे रोशनी के कारण नहीं आते हैं। मच्छरों को चार चीजें अपनी तरफ खींचती है-
कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस
शरीर की गर्मी (Body Heat)
पसीने की गंध (Body Odour)
जमा हुआ पानी (Standing Water)
इस लेख में हम आपको बताते हैं, यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन की एक्सपर्ट के मुताबकि, गर्मियों के दौरान मच्छरों का प्रजनन काल तेज होता है। गंदे नाले ही नहीं, बल्कि गमले या बाल्टी में जमा थोड़े से पानी में भी ये आसानी से अंडे दे सकते हैं।
घर में वर्कआउट करने की आदत और मच्छरों का कनेक्शन
यदि आप शाम के समय घर के अंदर एक्सरसाइज योग करते हैं और खिड़कियां खुली रहती हैं, तो आप अनजाने में मच्छरों को आमंत्रित कर रहे हैं। मच्छरों इंसानों को देखकर नहीं बल्कि अपनी सूंघने की क्षमता के अनुसार आते हैं। दरअसल, जब आप वर्कआउट करते हैं, तो शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं जो मच्छरों के लिए सिग्नल का कार्य करते हैं।
भारी सांसें और CO₂ का उत्सर्जन
वर्कआउट करते समय सांसे काफी तेज चलती है, जिससे सामान्य की तुलना में कई गुना अधिक कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है। मच्छरों CO₂ की गंध को दूर से ही पहचान लिया जाता है।
शरीर का तापमान बढ़ना
जब आप एक्सरसाइज करते हैं, तो बॉडी टेम्परेचर बढ़ता है। मच्छर गर्म शरीर की ओर तेजी से आकर्षित होते हैं।
पीसने में लैक्टिक एसिड
पसीने में लैक्टिक एसिड और अमोनिया जैसे तत्व पाए जाते है। वर्कआउट के बाद पसीने की गंध मच्छरों की तुरंत अपनी तरफ खींच लेते हैं।
वर्कआउट के लिए सही समय का चुनाव कैसे करें?
इसके लिए आप कभी भी शाम को समय वर्कआउट नहीं करें। इस दौरान मच्छर हमला सबसे ज्यादा करते हैं। इसके जगह आप दोपहर या सुबह के समय वर्कआउट करें।
मच्छरों से बचने के उपाय
- घर की खिड़कियों पर जाली लगाएं, जिससे वेंटिलेशन बना रहे और मच्छर अंदर न आ सकें।
- वर्कआउट के दौरान पंखा चलाकर रखें, क्योंकि तेज हवा में मच्छर आसानी से उड़ नहीं पाते हैं।
- जब एक्सरसाइज खत्म हो जाए, तो तुरंत नहाएं। जिससे शरीर से पसीना और लैक्टिक एसिड साफ हो जाए।
- वर्कआउट के समय हल्के रंग के कपड़े पहनें, जिससे क्योंकि गहरे रंग मच्छरों को ज्यादा आकर्षित न करें।
- बालकनी में गमलों की प्लेटों और बंद नालियों में पानी जमा न होने दें।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi











