Ravi Shankar Prasad Residence Fire | बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद के घर में आग लगी, मौके पर फायर टेंडर पहुंचे
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद के घर में आग लगी
राहत कार्य और वर्तमान स्थिति
#WATCH | Delhi | Fire tenders and Delhi Police Forensics Team at the spot after a fire broke out at BJP MP Ravi Shankar Prasad's residence. Further details awaited. pic.twitter.com/HwkhCw98gI
— ANI (@ANI) January 14, 2026
Delhi में कड़ाके की ठंड जारी, वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में
दिल्ली में बुधवार को कड़ाके की ठंड जारी है और न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार शहर की प्राथमिक वेधशाला सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस कम है।
पालम में तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस कम है। इसके अलावा रोधी रोड वेधशाला में यह 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री कम है।
रिज स्टेशन में यह 4.6 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 3.5 डिग्री कम) और आयानगर में 4 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस कम) दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाता है तो शीतलहर घोषित की जाती है।
आईएमडी ने कहा कि शहर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली की वायु गुणवत्ता बिगड़कर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 354 दर्ज किया गया।
सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के मुताबिक, 33 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि चार केंद्रों में यह ‘गंभीर’ और दो केंद्रों पर ‘खराब’ श्रेणी में रही। जहांगीरपुरी में सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई।
यहां एक्यूआई 420 रहा, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘अत्यंत खराब’ और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi




















