CTET 2026 Postponed: सीबीएसई ने स्थगित की CTET परीक्षा, 1 सितंबर तक आवेदन का फिर मौका
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड ने सीटीईटी के 22वें संस्करण की प्रस्तावित परीक्षा को फिलहाल स्थगित करते हुए पंजीकरण पोर्टल को फिर से सक्रिय कर दिया है। यह कदम पात्र अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अतिरिक्त अवसर देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा खुला आवेदन पोर्टल
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि आवेदन विंडो दोबारा खोलने और परीक्षा स्थगित करने का निर्णय हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले के अनुपालन में लिया गया है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि सेवारत व पात्र शिक्षकों को निर्धारित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की कानूनी अर्हता पूरी करने के लिए उचित और पर्याप्त अवसर मिलना आवश्यक है।
इसी निर्देश को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने उन सभी अभ्यर्थियों के लिए 25 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक आवेदन पोर्टल फिर से खोल दिया है, जो पिछली समयसीमा में छूट गए थे।
पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं
सीबीएसई के अनुसार, सीटीईटी के 22वें संस्करण का पहला नोटिफिकेशन 8 मई 2026 को जारी हुआ था, जिसके तहत 11 मई से 10 जून 2026 तक आवेदन स्वीकार किए गए थे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने उस दौरान सफलतापूर्वक अपना फॉर्म और शुल्क जमा कर दिया था, उन्हें दोबारा पंजीकरण या आवेदन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह विशेष अवसर केवल उन नए व छूटे हुए पात्र अभ्यर्थियों के लिए है जो पूर्व में आवेदन करने से वंचित रह गए थे।
1 सितंबर के बाद घोषित होगी संशोधित परीक्षा तिथि
परीक्षा स्थगित होने के कारण अब नई परीक्षा तिथि को लेकर स्थिति आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद साफ होगी। बोर्ड के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 को दोबारा खोली गई आवेदन विंडो बंद होने के बाद उम्मीदवारों की कुल संख्या का आकलन किया जाएगा और उसके बाद सीटीईटी 2026 की नई और संशोधित परीक्षा तिथि जारी की जाएगी।
बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा कार्यक्रम, एडमिट कार्ड और आधिकारिक दिशा-निर्देशों के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें।
Delhi H1N1 Cases: सामने आए 1,777 मामले, स्वास्थ्य मंत्री ने बुलाई बैठक; अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू (H1N1) और मौसमी बुखार के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य महकमे को सतर्क कर दिया है। 20 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में H1N1 के कुल 1,777 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसके साथ ही इस वर्ष अब तक मौसमी इन्फ्लुएंजा के कुल 2,602 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें 2,392 इन्फ्लुएंजा-A और 210 इन्फ्लुएंजा-B के मरीज शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बुलाई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
संक्रमण के प्रसार को देखते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगमों और प्रमुख सरकारी अस्पतालों के शीर्ष चिकित्सा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी अस्पतालों में आइसोलेशन बेड, आवश्यक एंटीवायरल दवाओं, टेस्टिंग किट और जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वस्त किया कि राजधानी में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सरकारी तंत्र किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
LNJP अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड और आईसीयू बेड तैयार
मरीजों के त्वरित और सुरक्षित उपचार के लिए दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में विशेष प्रबंध किए गए हैं। लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल में विशेष आइसोलेशन वार्ड सक्रिय कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में 7 आरक्षित बेड (2 वेंटिलेटर युक्त) उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त अस्पताल की सातवीं मंजिल पर 70 बेड का समर्पित वार्ड तैयार रखा गया है, जिसमें 10 आईसीयू (ICU) और 7 एचडीयू (HDU) बेड शामिल हैं।
आईसीएमआर ने दी राहत भरी जानकारी, नया घातक स्ट्रेन नहीं
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि देश में फिलहाल H1N1 का कोई नया या अत्यधिक घातक म्यूटेंट/स्ट्रेन सामने नहीं आया है। यह सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव और वातावरण में नमी के कारण फैल रहा है। विशेषज्ञों ने आम नागरिकों से पैनिक न होने और बुनियादी स्वास्थ्य सावधानियों का पालन करने की अपील की है।
लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सीय परामर्श की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें, नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं और सामान्य सतहों की स्वच्छता बनाए रखें। यदि किसी व्यक्ति को लगातार तेज बुखार, सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, तेज सांस चलना, सीने में भारीपन या दर्द जैसे गंभीर श्वसन संबंधी लक्षण महसूस हों, तो वे घरेलू उपचार के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल में जाकर जांच और डॉक्टरी सलाह लें।
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