Khargone में बस का Brake Fail, खाई में गिरने से बाल-बाल बचे महाराष्ट्र के 50 छात्र
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में एक खतरनाक मोड़ पर अचानक ब्रेक फेल होने के बाद महाराष्ट्र के 50 से अधिक कॉलेज छात्रों को लेकर जा रही एक बस खाई में गिरने से बाल-बाल बच गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंडलेश्वर पुलिस थाना क्षेत्र के जाम गेट घाट खंड में शाम करीब सात बजे हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खतरनाक मोड़ पर बस के ब्रेक फेल हो गए, जिससे ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया। उन्होंने कहा कि नतीजतन, वाहन सड़क किनारे की रेलिंग को तोड़ते हुए खाई के पास अटक गया। बस में सवार छात्र महाराष्ट्र के थे और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर में एक सेमिनार में भाग लेने आए थे।
सेमिनार के बाद वे जाम गेट होते हुए इंदौर से महेश्वर जा रहे थे। अधिकारी ने बताया कि जाम गेट के नीचे घाट में एक खतरनाक मोड़ पर अचानक ब्रेक फेल होने से बस चालक ने उस पर नियंत्रण खो दिया। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे लगे पत्थरों के ढेर से बस खाई में गिरने से बच गई।
अधिकारी ने बताया कि अगर बस थोड़ा भी आगे चली जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने सभी छात्रों को आपातकालीन निकास के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस घटना में किसी छात्र के घायल होने की खबर नहीं है। मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी और डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंची तथा सभी छात्रों को निजी वाहनों से सुरक्षित महेश्वर पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में माधव गौशाला स्थित धर्मशाला में प्रशासन द्वारा छात्रों को भोजन और आश्रय प्रदान किया जा रहा है।
फंसे हुए बस को निकालने के लिए क्रेन की सहायता ली जा रही है।
Sambhal Violence के मास्टरमाइंड Sharik Sata के खिलाफ Interpol ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस
उत्तर प्रदेश में 24 नवंबर 2024 को संभल में हुई हिंसा के कथित मास्टरमाइंड और भगोड़े गैंगस्टर शारिक साटा के खिलाफ ‘रेड कॉर्नर’ नोटिस जारी किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने संवाददाताओं को बताया कि 24 नवंबर, 2024 की हिंसा के मुख्य मास्टरमाइंड शारिक साटा को पूर्व में अदालत ने भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था और उसकी संपत्ति की कुर्की के लिए कार्यवाही शुरू कर दी थी।
बिश्नोई अब बिजनौर के एसपी हैं। बिश्नोई ने बताया कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उप्र पुलिस ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से उसके खिलाफ ‘रेड कॉर्नर’ नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था। पुलिस के अनुसार, साटा फर्जी पासपोर्ट के जरिए दुबई भाग गया था और उसके परिवार के सदस्य भी अक्सर वहां यात्रा करते रहे हैं।
पुलिस ने उस पर लगातार नजर बनाए रखी और सीबीआई को एक विस्तृत दस्तावेज सौंपा। इसके बाद सीबीआई ने इंटरपोल के साथ समन्वय कर ‘रेड कॉर्नर’ नोटिस जारी कराया। बिश्नोई ने कहा, अब वह जिस भी देश में है, वहां से उसे गिरफ्तार करने और प्रत्यर्पित करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसे 24 नवंबर की घटना के साथ-साथ उसके खिलाफ पहले से दर्ज 55 से 60 अन्य आपराधिक मामलों के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े।
संभल में 24 नवंबर 2024 को तनाव पैदा हो गया था, जब शाही जामा मस्जिद के अदालत के आदेश पर किए गए सर्वेक्षण के दौरान प्रदर्शनकारी स्थानीय लोग सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए थे, क्योंकि दावा किया गया था कि उस स्थान पर पहले एक हरिहर मंदिर था। अशांति में चार लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। जांच के दौरान, शारिक साटा मामले में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में उभरा।
बिश्नोई ने कहा, साटा के खिलाफ ‘लुकआउट सर्कुलर’ पहले ही जारी किया जा चुका है। ‘रेड कॉर्नर’ नोटिस इंटरपोल की ओर से दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से किया गया एक अंतरराष्ट्रीय अनुरोध है, ताकि अभियोजन या सजा के लिए वांछित व्यक्ति का पता लगाया जा सके और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस के अनुसार, साटा विदेश से संचालन करते हुए पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और उत्तर प्रदेश में वाहन चोरी सहित कई संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल था।
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