मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। खाड़ी क्षेत्र में बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। अबू धाबी ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए ईरान के साथ अपने सभी व्यापारिक, कमर्शियल और वित्तीय लेन-देन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। UAE ने इलाके में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए यह कदम उठाया।
UAE विदेश मंत्रालय की कम्युनिकेशन डायरेक्टर अफरा अल हमेली ने कहा, "इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए, ईरान के साथ सभी व्यापार, कमर्शियल लेन-देन और वित्तीय सौदों को अगली सूचना तक रोक दिया गया है।"
यह घोषणा तब की गई जब UAE ने ईरान पर खाड़ी में शिपिंग रूट की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप लगाया। UAE के अनुसार, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों का पता लगाया; एक मिसाइल देश की समुद्री सीमा के बाहर गिरी और दूसरी सीमा के अंदर।
बाद में एक बयान में, UAE ने कहा कि जांच से पता चला है कि मिसाइलों का निशाना समुद्री रास्ते पर चलने वाले जहाज थे और आखिरकार वे समुद्र में गिरीं।
हालांकि, ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने UAE के दावों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया और चेतावनी दी कि ऐसे आरोपों से इलाके में आपसी भरोसा और सुरक्षा के लिए चल रही कोशिशों को नुकसान पहुंच सकता है।
यह ताजा विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बढ़ते तनाव के बीच हुआ है। यह दुनिया का एक अहम शिपिंग रूट है, जहां से UAE के बंदरगाहों से निकलने वाले जहाजों को गुजरना पड़ता है। ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि जब तक अमेरिका के साथ शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक यह जलडमरूमध्य बंद रहेगा।
UAE का पहला बयान जारी होने से कुछ समय पहले, वहां के लोगों को एक इमरजेंसी फोन अलर्ट मिला, जिसमें संभावित मिसाइल हमले की चेतावनी दी गई थी और उन्हें पास की सुरक्षित इमारत में शरण लेने के लिए कहा गया था। इसके कुछ ही देर बाद चेतावनी हटा ली गई।
जुलाई के बाद UAE में यह पहला मिसाइल अलर्ट था; इससे पहले जून में एक गलत अलार्म बजा था। उससे पहले, मई की शुरुआत में मिसाइल की चेतावनी जारी की गई थी।
UAE ने हाल के हफ्तों में सरकारी कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) द्वारा संचालित टैंकरों पर बार-बार हमलों की भी सूचना दी है। 28 फरवरी को मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से, UAE को इस इलाके में सबसे भीषण हमलों का सामना करना पड़ा है। देश की ओर लगभग 3,000 मिसाइलें और ड्रोन दागे गए हैं। हालांकि जून में लागू हुए एक समझौते से तनाव कुछ समय के लिए कम हुआ था, लेकिन बाद में वह समझौता टूट गया, जिससे इलाके में स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
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