महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के वालुज MIDC स्थित तिसगांव इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। नया iPhone न दिलाने से नाराज होकर 19 वर्षीय कुणाल चांगगुडे खावड़ा पहाड़ी की चोटी पर चढ़ गया। बेटे को बचाने और समझाने पहुंचे माता-पिता की आंखों के सामने पूरा परिवार तबाह हो गया। इस हादसे में पिता मुरलीधर (48), मां संगीता और बेटे कुणाल तीनों की मौत हो गई।
iPhone को लेकर हुई बहस जानलेवा साबित हुई
अधिकारियों के मुताबिक, दुखद घटनाओं का सिलसिला सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ, जब कुणाल नए मोबाइल फोन की अपनी मांग को लेकर माता-पिता से बहस के बाद नाराज़ होकर इलाके की एक पहाड़ी पर चढ़ गया। बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित मुरलीधर और संगीता भी पहाड़ी की चोटी पर उसके पीछे गए। उन्होंने उसे समझाने और घर वापस लाने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही हालात ऐसे हो गए कि उसे बचाने की कोशिशें शुरू करनी पड़ीं। हालात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस, स्थानीय ग्रामीण और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी भी मौके पर पहुँचे।
घंटों तक समझाने की कोशिश, लेकिन लड़का पहाड़ी से कूदने पर अड़ा रहा
उसके माता-पिता और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लगभग 400-500 फुट ऊंची पहाड़ी के नीचे एक सेफ्टी नेट लगाने की कोशिश की ताकि गिरने से होने वाली मौत को रोका जा सके।
हालांकि, सीनियर पुलिस अधिकारी रामेश्वर गाडे के मुताबिक, नेट देखने के बाद कुणाल बार-बार पहाड़ी के किनारे अपनी जगह बदलता रहा, जिससे बचाव दल के लिए उस तक पहुँचना या सेफ्टी इक्विपमेंट को सही ढंग से लगाना मुश्किल हो गया।
पुलिसकर्मियों ने भी टीनएजर को अपना फैसला बदलने और सुरक्षित वापस आने के लिए मनाने की कोशिश की। गाडे ने कहा, "21 अगस्त को खबर मिली कि खवड़ा पहाड़ी पर एक व्यक्ति आत्महत्या करने वाला है। हमारे लोगों ने उसका मन बदलने की कोशिश की।"
पिता ने बेटे को बचाने की कोशिश की, दोनों गिर पड़े
दोपहर करीब 1 बजे हालात ने दुखद मोड़ ले लिया, जब मुरलीधर अपने बेटे को समझाने और उसे यह खतरनाक कदम उठाने से रोकने के लिए उसके करीब गए।
इसके बाद कुणाल खड़ी पहाड़ी से कूद गया और उसके पिता ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की। इस दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे पहाड़ी की चोटी से नीचे गिर पड़े। गाडे ने कहा, "पिता अचानक वहाँ पहुँचे और उसे वह काम करने से रोकने की कोशिश की। हालाँकि पिता ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे भी उसके साथ नीचे गिर गए।" गिरने से मुरलीधर और कुणाल दोनों की मौत हो गई।
दुखी माँ ने भी कूदकर जान दे दी
यह दुखद घटना तब और भी गंभीर हो गई जब संगीता ने अपने पति और बेटे को पहाड़ी से गिरते हुए देखा। पुलिस के अनुसार, दुख से टूट चुकी माँ ने भी पहाड़ी से कूदकर जान दे दी। गाडे ने कहा, "जब माँ ने देखा कि उसका बेटा और पति गिर गए हैं, तो वह भी तुरंत कूद गई और उसकी भी मौत हो गई।"
पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने परिवार को बचाने की कई बार कोशिशें की थीं, जिसमें कुणाल को अपना इरादा बदलने के लिए मनाना और चट्टान के नीचे एक सेफ्टी नेट लगाना शामिल था।
एक फ़ोन की वजह से बर्बाद हुआ परिवार
इस घटना को एक भयानक त्रासदी बताते हुए गाडे ने कहा कि मोबाइल फ़ोन को लेकर हुए झगड़े के बाद पूरा परिवार खत्म हो गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "चट्टान 400-500 फीट ऊँची थी। एक फ़ोन की वजह से उनका पूरा परिवार बर्बाद हो गया।" उन्होंने यह भी बताया कि यह जानलेवा कदम उठाने से पहले कुणाल का मोबाइल फ़ोन को लेकर अपने पिता से झगड़ा हुआ था।
गाडे ने बताया कि मुरलीधर ड्राइवर का काम करते थे और उन्होंने दोहराया कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने इस त्रासदी को रोकने की बहुत कोशिश की थी।
पुलिस ने परिवार के तीनों सदस्यों के शव बरामद कर लिए और उन्हें आगे की औपचारिकताओं के लिए भेज दिया। घटना के कारणों की जाँच की जा रही है।
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