Delhi Master Plan 2047 के तहत पैदल यात्रियों के लिए बनेगी 'Right to Walk' सड़कें
दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 में राष्ट्रीय राजधानी में ‘‘राइट टू वॉक’’ के तहत नेटवर्क विकसित करने, पैदल यात्रियों के लिए विशेष सड़कें बनाने और बहुउपयोगी क्षेत्र विकसित करने के प्रस्ताव हैं। मास्टर प्लान के तहत सड़कों को नए सिरे से विकसित कर पेयजल, बाल देखभाल केंद्र, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए जगह, साइकिल पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। योजना में सड़कों के किनारे बहुउपयोगी क्षेत्रों में बैठने की जगह, कूड़ेदान, संकेतक, सार्वजनिक सुविधाएं, शौचालय, बाल देखभाल कक्ष, पेयजल सुविधा, रेहड़ी-पटरी और ‘कियोस्क’, पार्किंग तथा सार्वजनिक साइकिल शेयरिंग प्रणाली के लिए जगह बनाने का प्रस्ताव है।
साथ ही, पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त और निर्बाध रास्ता सुनिश्चित किया जाएगा। ‘‘राइट टू वॉक’’ की अवधारणा के तहत सार्वजनिक परिवहन से जुड़े सुरक्षित, छायादार, सर्वसुलभ पैदल मार्गों का नेटवर्क विकसित किया जाएगा। अधिक पैदल यात्री वाले क्षेत्रों को विशेष क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया जा सकता है जहां वाहनों की अनुमति नहीं होगी।
Shahjahanpur में हत्या आरोपी का घर Bulldozer से ध्वस्त, परिजनों का विरोध
शाहजहांपुर जिले में हत्या के आरोपी समीर अली के मकान को बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। आरोपी के परिजनों ने प्रशासन पर मकान ध्वस्त कर अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सजा हत्यारोपी को दी जानी चाहिए थी, पूरे परिवार को नहीं। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कांट नगर पंचायत क्षेत्र में जिस मकान को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया, वह अवैध निर्माण था।
उन्होंने बताया कि नगर पंचायत ने मकान मालिकों अमीरन, नसीम जहां और सलमा को नोटिस जारी कर कहा था कि निर्माण अवैध है और यह नगर पालिका अधिनियम, 1916 का उल्लंघन है। मिश्रा ने कहा कि नोटिस में नगर पालिका अधिनियम की धाराओं 178, 186 और 222 (6) के तहत 10 दिन के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाने को कहा गया था और ऐसा नहीं करने पर नगर पंचायत की ओर से निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संबंधित लोगों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
इसके बाद नगर पंचायत ने अवैध निर्माण हटाने के लिए पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की मांग की। पुलिस बल तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अब अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल के अलावा अग्निशमन विभाग, एंबुलेंस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं।
हत्यारोपी समीर अली के रिश्तेदार इश्तियाक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘सजा समीर को दी जानी चाहिए, उसके पूरे परिवार को नहीं।’’ उन्होंने कहा कि जिस मकान को तोड़ा जा रहा है, उसमें चार परिवार रहते हैं और प्रशासन पूरा मकान ध्वस्त कर उन्हें सड़क पर आने को मजबूर कर रहा है। समीर की चाची सोनी ने कहा, ‘‘समीर ने गुनाह किया था तो उसे सजा मिलती। इसी मकान में चार अन्य परिवार भी रह रहे हैं।
उनका घर क्यों तोड़ा गया? हमें भी इंसाफ चाहिए। हम गरीब लोग हैं।
मेहनत-मजदूरी करके एक बार मकान बनवाया था, लेकिन अब दोबारा कहां से बनवाएंगे? हम अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ क्या सड़क पर रहेंगे? अगर सजा ही देनी थी तो समीर को दी जाती।
वह हमसे अलग रह रहा था और हम लोग भी अलग रह रहे थे।’’ कांट कस्बे के निवासी समीर अली ने 31 जुलाई को कथित प्रेम प्रसंग के कारण गौतम मौर्य (22) की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों और कई हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पलिया-फर्रुखाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया था। मौर्य के परिजनों ने आरोपी समीर के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को बुलडोजर की कार्रवाई करते हुए समीर का मकान ध्वस्त कर दिया गया।
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