Shahjahanpur में हत्या आरोपी का घर Bulldozer से ध्वस्त, परिजनों का विरोध
शाहजहांपुर जिले में हत्या के आरोपी समीर अली के मकान को बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। आरोपी के परिजनों ने प्रशासन पर मकान ध्वस्त कर अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सजा हत्यारोपी को दी जानी चाहिए थी, पूरे परिवार को नहीं। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कांट नगर पंचायत क्षेत्र में जिस मकान को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया, वह अवैध निर्माण था।
उन्होंने बताया कि नगर पंचायत ने मकान मालिकों अमीरन, नसीम जहां और सलमा को नोटिस जारी कर कहा था कि निर्माण अवैध है और यह नगर पालिका अधिनियम, 1916 का उल्लंघन है। मिश्रा ने कहा कि नोटिस में नगर पालिका अधिनियम की धाराओं 178, 186 और 222 (6) के तहत 10 दिन के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाने को कहा गया था और ऐसा नहीं करने पर नगर पंचायत की ओर से निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संबंधित लोगों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
इसके बाद नगर पंचायत ने अवैध निर्माण हटाने के लिए पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की मांग की। पुलिस बल तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अब अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल के अलावा अग्निशमन विभाग, एंबुलेंस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं।
हत्यारोपी समीर अली के रिश्तेदार इश्तियाक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘सजा समीर को दी जानी चाहिए, उसके पूरे परिवार को नहीं।’’ उन्होंने कहा कि जिस मकान को तोड़ा जा रहा है, उसमें चार परिवार रहते हैं और प्रशासन पूरा मकान ध्वस्त कर उन्हें सड़क पर आने को मजबूर कर रहा है। समीर की चाची सोनी ने कहा, ‘‘समीर ने गुनाह किया था तो उसे सजा मिलती। इसी मकान में चार अन्य परिवार भी रह रहे हैं।
उनका घर क्यों तोड़ा गया? हमें भी इंसाफ चाहिए। हम गरीब लोग हैं।
मेहनत-मजदूरी करके एक बार मकान बनवाया था, लेकिन अब दोबारा कहां से बनवाएंगे? हम अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ क्या सड़क पर रहेंगे? अगर सजा ही देनी थी तो समीर को दी जाती।
वह हमसे अलग रह रहा था और हम लोग भी अलग रह रहे थे।’’ कांट कस्बे के निवासी समीर अली ने 31 जुलाई को कथित प्रेम प्रसंग के कारण गौतम मौर्य (22) की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों और कई हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पलिया-फर्रुखाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया था। मौर्य के परिजनों ने आरोपी समीर के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को बुलडोजर की कार्रवाई करते हुए समीर का मकान ध्वस्त कर दिया गया।
Chhattisgarh: IGKV ने Paper Leak की शिकायत के बाद परीक्षा रद्द की, जांच समिति बनी
छत्तीसगढ़ में रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) से संबद्ध महाविद्यालयों में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एक विषय की परीक्षा बृहस्पतिवार को कथित प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायतों के बाद रद्द कर दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है।
विश्वविद्यालय से संबद्ध 33 महाविद्यालयों को बृहस्पतिवार को जारी एक परिपत्र के अनुसार, एईएनटी-221 (कृषि कीट विज्ञान) के तहत ‘फसलों और संग्रहीत अनाज में कीट प्रबंधन-1 (रबी फसलें)’ विषय की परीक्षा बृहस्पतिवार को होनी थी, जिसे “प्रशासनिक कारणों” से रद्द कर दिया गया। परिपत्र में कहा गया है कि अब यह परीक्षा सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में फिर से आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बृहस्पतिवार शाम संवाददाताओं से कहा कि मामला सरकार के संज्ञान में आया है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साय ने कहा, “विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी है और समिति का गठन किया है। मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” आईजीकेवी के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि परीक्षा बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे शुरू होनी थी, लेकिन डीन के कार्यालय को सुबह करीब नौ बजे कथित प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत वाला एक ईमेल मिला।
अधिकारी ने कहा कि ईमेल के साथ कोई प्रश्नपत्र संलग्न नहीं था। इसके बाद विद्यार्थियों के कुछ व्हॉट्सऐप समूहों में एक प्रश्नपत्र प्रसारित हुआ और दावा किया गया कि यह लीक हुआ प्रश्नपत्र है। उन्होंने कहा, “जांच करने पर पता चला कि प्रसारित प्रश्नपत्र वास्तविक प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल नहीं खाता था, लेकिन उसमें करीब 70 प्रतिशत प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र के प्रश्नों से मिलते-जुलते थे।” इसके बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया।
अधिकारी ने कहा कि चार सदस्यीय समिति मामले की जांच करेगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि छात्रों को विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचनाओं पर नियमित रूप से नजर रखने और संशोधित परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी के लिए अपने संबंधित महाविद्यालयों या डीन कार्यालय के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस ने कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की आलोचना की।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि बीएससी द्वितीय वर्ष के कीट विज्ञान के प्रश्नपत्र के परीक्षा से पहले लीक होने की कथित घटना “गंभीर और चिंताजनक” है। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र का लीक होना न केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता है, बल्कि उन हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है जो ऐसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। राजपूत ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय के बाहर कैसे पहुंचा।
उन्होंने दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति, अधिकारी या एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।
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