Union Cabinet ने बंदरगाह-आधारित उद्योगों के लिए संशोधित नीति को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को प्रमुख बंदरगाहों में बंदरगाह-आधारित उद्योगों को भूमि के आवंटन के लिए एक संशोधित नीति को मंजूरी दे दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार संशोधित नीति मौजूदा कैप्टिव उपयोगकर्ताओं को 30 वर्षों तक की बढ़ी हुई आवश्यकता के लिए नई बर्थ, जेट्टी, टर्मिनल, सिंगल बॉय मूरिंग (एसबीएम) जोड़ने की अनुमति देती है। साथ ही नीति बदलते कारोबारी और नियामक स्थितियों से होने वाले बदलावों का समाधान भी करती है।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि संशोधित नीति बंदरगाह-संचालित औद्योगिक विकास के लिए एक अनुमानित, पारदर्शी और निवेशक अनुकूल ढांचा तैयार करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सोनोवाल ने कहा, संशोधित कैप्टिव नीति एक प्रमुख सुधार है, जो सार्वजनिक हित के साथ निवेशकों के विश्वास को संतुलित करती है। मौजूदा परिचालको को दीर्घकालिक निश्चितता प्रदान करके, क्षमता विस्तार की सुविधा देकर और भविष्य के निवेश के लिए एक पारदर्शी ढांचा तैयार करके यह कदम उठाया गया है।
बयान में कहा गया कि इस नीति से निवेशकों को अधिक निश्चितता मिलने, क्षमता वृद्धि को बढ़ावा मिलने और सरकार पर बिना किसी वित्तीय प्रभाव के बंदरगाह क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी की उम्मीद है। बयान के अनुसार ये सुधार प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरणों को किसी नई निविदा प्रक्रिया की आवश्यकता के बिना मौजूदा बंदरगाह आधारित उद्योगों (पीडीआई) के रियायत समझौतों को 30 साल तक नवीनीकृत या विस्तारित करने की अनुमति देते हैं।
भारतीय फुटबॉल को बड़ा झटका:जमशेदपुर एफसी ने इंडियन सुपर लीग से नाम वापस लिया; 2021-22 सीजन की चैंपियन थी
भारत में फुटबॉल का सबसे बड़ा टूर्नामेंट इंडियन सुपर लीग (ISL) को बड़ा झटका लगा है। पूर्व चैंपियन जमशेदपुर एफसी ने आईएसएल से हटने का फैसला किया है। क्लब ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर बताया कि वे 2026-27 सीजन से लीग में हिस्सा नहीं लेंगे। टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाले इस क्लब ने अपने इस फैसले के पीछे किसी खास कारण का जिक्र नहीं किया है। 2021-22 में खिताब जीता था जमशेदपुर एफसी की स्थापना 2017 में हुई थी। क्लब ने 2021-22 सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए ISL शील्ड का खिताब अपने नाम किया था। पिछले सीजन में भी टीम का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था और वे चैंपियन ईस्ट बंगाल से केवल चार अंक पीछे रहे थे। इस क्लब के हटने के बाद अब भारतीय फुटबॉल के टॉप डिवीजन में कुल 13 टीमें बची हैं। ग्रासरूट और युवा खिलाड़ियों पर रहेगा फोकस लीग से हटने के बावजूद क्लब ने स्पष्ट किया है कि वे भारत में फुटबॉल के विकास के लिए काम करना जारी रखेंगे। क्लब ने कहा कि वे ग्रासरूट स्तर पर फुटबॉल को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को तराशने का काम जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य युवा खिलाड़ियों के लिए ग्रासरूट से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल लेवल तक एक मजबूत रास्ता तैयार करना है। फैंस और स्टाफ का जताया आभार क्लब ने अपने आधिकारिक बयान में फैंस, खिलाड़ियों, कोच और स्टाफ का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फैंस ने जो समर्थन दिया, उसने स्टेडियम को एक 'फर्नेस' (भट्टी) जैसा माहौल दिया। साथ ही, क्लब ने 2017 से अब तक साथ देने वाले सभी कर्मचारियों और एआईएफएफ (AIFF) के सहयोग के लिए भी आभार जताया है।
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